{"_id":"5926d7eb4f1c1b675d5364f8","slug":"48-thousand-rupees-to-the-young-man-handed-over-to-the-family","type":"story","status":"publish","title_hn":"युवक के पास मिले 48 हजार रुपये सिपाही ने घरवालों को सौंपे ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
युवक के पास मिले 48 हजार रुपये सिपाही ने घरवालों को सौंपे
अमर उजाला ब्यूरो/ उझानी
Updated Thu, 25 May 2017 11:45 PM IST
विज्ञापन
सिपाही और युवक।
- फोटो : अमर उजाला
सड़क किनारे बेहोश मिला था, अस्पताल भी पहुंचाया
मध्यप्रदेश की प्राइवेट कंपनी में काम करने वाला युवक रोडवेज बस में जहरखुरानी गिरोह का शिकार हो गया। वह बाइपास पर सड़क किनारे बेहोशी की हालत में पड़ा मिला। राहगीर की सूचना के बाद मौके पर पहुंचे सिपाही ने उसकी अंदरूनी जेबों की तलाशी ली तो 48 हजार रुपये निकले। सिपाही ने रुपये उस वक्त तो अपने पास रख लिए। उसने बेहोश युवक की पाकेट डायरी से मिले नंबर पर फोन कर घरवालों को भी बुला लिया। बेहोश युवक की शिनाख्त बिल्सी के गांव नैथुआ निवासी शाहिद हुसैन के रूप में हुई। जब परिवार वाले पहुंचे को सिपाही ने उन्हें रुपये सौंप दिए। इधर होश में आने पर शाहिद भी हैरान थी कि जहरखुरानो की नजर से 48 हजार रुपये कैसे बच गए।
कोतवाली में तैनात सिपाही उपेंद्र कुमार ने रुपये वापस कर मानवता की जो मिसाल पेश की है उसकी सब ही सराहना कर रहे हैं। सिपाही उपेंद्र को बेहोश युवक सुबह करीब नौ बजे पड़ा मिला। उस वक्त बेहोश युवक के आसपास कोई नहीं था। फिार्मेसिस्ट नथनसिंह ने बताया- जिस वक्त शाहिद को अस्पताल लाया गया, तब वह बेहोश था। सिपाही ने शाहिद के घरवालों को फोन कर अस्पताल बुला लिया। इलाज के बाद कुछ हद तक होश में आने पर शाहिद ने अपने घरवालों को साथ में सामान लेकर चलने की बात भी बताई थी। शाहिद पिछले काफी समय से मध्यप्रदेश की प्राइवेट कंपनी में काम करता है। वह एक दिन पहले ही चला था। कासगंज से उसने रोडवेज बस में सफर किया लेकिन इससे आगे क्या हुआ, यह उसे नहीं मालूम। सिपाही ने शाहिद के पास से मिले 48 हजार रुपये परिवार वालों को सौंप दिए। इधर, घरवालों ने बेहतर इलाज के लिए शाहिद को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से रेफर कराके जिला अस्पताल में भर्ती कराया है। इस बात को लेकर शाहिद हैरान है कि जहरखुरानो की नजर से 48 हजार रुपये कैसे बच गए।
विज्ञापन
मध्यप्रदेश की प्राइवेट कंपनी में काम करने वाला युवक रोडवेज बस में जहरखुरानी गिरोह का शिकार हो गया। वह बाइपास पर सड़क किनारे बेहोशी की हालत में पड़ा मिला। राहगीर की सूचना के बाद मौके पर पहुंचे सिपाही ने उसकी अंदरूनी जेबों की तलाशी ली तो 48 हजार रुपये निकले। सिपाही ने रुपये उस वक्त तो अपने पास रख लिए। उसने बेहोश युवक की पाकेट डायरी से मिले नंबर पर फोन कर घरवालों को भी बुला लिया। बेहोश युवक की शिनाख्त बिल्सी के गांव नैथुआ निवासी शाहिद हुसैन के रूप में हुई। जब परिवार वाले पहुंचे को सिपाही ने उन्हें रुपये सौंप दिए। इधर होश में आने पर शाहिद भी हैरान थी कि जहरखुरानो की नजर से 48 हजार रुपये कैसे बच गए।
कोतवाली में तैनात सिपाही उपेंद्र कुमार ने रुपये वापस कर मानवता की जो मिसाल पेश की है उसकी सब ही सराहना कर रहे हैं। सिपाही उपेंद्र को बेहोश युवक सुबह करीब नौ बजे पड़ा मिला। उस वक्त बेहोश युवक के आसपास कोई नहीं था। फिार्मेसिस्ट नथनसिंह ने बताया- जिस वक्त शाहिद को अस्पताल लाया गया, तब वह बेहोश था। सिपाही ने शाहिद के घरवालों को फोन कर अस्पताल बुला लिया। इलाज के बाद कुछ हद तक होश में आने पर शाहिद ने अपने घरवालों को साथ में सामान लेकर चलने की बात भी बताई थी। शाहिद पिछले काफी समय से मध्यप्रदेश की प्राइवेट कंपनी में काम करता है। वह एक दिन पहले ही चला था। कासगंज से उसने रोडवेज बस में सफर किया लेकिन इससे आगे क्या हुआ, यह उसे नहीं मालूम। सिपाही ने शाहिद के पास से मिले 48 हजार रुपये परिवार वालों को सौंप दिए। इधर, घरवालों ने बेहतर इलाज के लिए शाहिद को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से रेफर कराके जिला अस्पताल में भर्ती कराया है। इस बात को लेकर शाहिद हैरान है कि जहरखुरानो की नजर से 48 हजार रुपये कैसे बच गए।
विज्ञापन