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नरौरा से गंगा में 60 हजार क्यूसेक वाटर डिस्चार्ज, बाढ़ का खतरा बढ़ा
Updated Fri, 14 Jul 2017 10:03 AM IST
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बदायूं। गंगा में शुक्रवार शाम तक उफान आ जाएगा। नरौरा डैम से बृहस्पतिवार को गंगा में सीजन का सबसे ज्यादा 60 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। यह पानी अगले 12 घंटे में कछला पहुंच जाएगा। इसके बाद गंगा में उफान आने की आशंका से बाढ़ खंड भी इंकार नहीं कर रहा। नरौरा बैराज से वाटर डिस्चार्ज बढ़ाए जाने के बाद बाढ़ खंड ने हाई अलर्ट कर दिया है। हालांकि, कहा जा रहा है कि एक लाख क्यूसेक पानी एक साथ आने के बाद गंगा खतरे के निशान को छूती हैं। इससे बाढ़ की आशंका बढ़ जाएगी।
पहाड़ों के साथ मैदानी इलाकों में भी लगातार बारिश हो रही है। दो दिन पहले ही मौसम विभाग ने 15 और 16 जुलाई को उत्तर भारत में भारी बारिश की भविष्यवाणी की थी। लगातार बारिश की वजह से बैराजों से गंगा में लगातार वाटर डिस्चार्ज किया जा रहा है। बुधवार को गंगा में नरौरा बैराज से करीब 20 हजार क्यूसेक वाटर डिस्चार्ज किया गया था। इसके बाद गंगा ने उसहैत के जमीदाराना बांध पर पथरामई में कटान शुरू कर दिया था। बृहस्पतिवार को नरौरा से वाटर डिस्चार्ज बढ़कर 60 हजार क्यूसेक कर दिया गया है। एक साथ 40 हजार क्यूसेक वाटर डिस्चार्ज के बाद गंगा में उफान आने की आशंका बढ़ गई है। हालांकि, नरौरा से छोड़े जाने वाला पानी कछला तक पहुंचने में 12 घंटे का वक्त लगता है। यह पानी शुक्रवार शाम तक कछला पहुंच जाएगा। बृहस्पतिवार को बाढ़ खंड ने गंगा का मीटर गेज 162.40 सेंटीमीटर रिकॉर्ड किया है। गंगा में एक साथ 60 हजार क्यूसेक पानी आने के बाद मीटर गेज खतरे के निशान की ओर बढ़ने की संभावना को लेकर बाढ़ खंड अलर्ट पर है। ------
मीटर गेज 163.50 के ऊपर हुआ तो खतरा
बदायूं। गुरुवार को बाढ़ खंड ने गंगा की मीटर गेज 162.42 रिकॉर्ड किया। बाढ़ खंड के मुताबिक यह सामान्य स्थिति है। मीटर गेज पर गंगा का जलस्तर जब 163.50 से ऊपर बढ़ता है तो खतरा पैदा हो जाता है। नरौरा से गुरुवार को ज्यादा वाटर डिस्चार्ज के बाद गेज बढ़ने की आशंका है। इस पर बाढ़ खंड नजर रख रहा है।
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बृहस्पतिवार को वाटर डिस्चार्ज की स्थिति
हरिद्वार डैम 102452
बिजनौर डैम 95254
नरौरा डैम 59915
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वर्जन-
जल स्तर में इजाफा हुआ है। कुछ स्थानों से कटान की सूचनाएं मिल रही हैं। सभी बाढ़ चौकियां अलर्ट पर हैं। फिलहाल किसी खतरे की बात नहीं है। कटान रोकने की व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
-अरविंद कुमार वर्मा, अधिशासी अभियंता बाढ़ खंड
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पहाड़ों के साथ मैदानी इलाकों में भी लगातार बारिश हो रही है। दो दिन पहले ही मौसम विभाग ने 15 और 16 जुलाई को उत्तर भारत में भारी बारिश की भविष्यवाणी की थी। लगातार बारिश की वजह से बैराजों से गंगा में लगातार वाटर डिस्चार्ज किया जा रहा है। बुधवार को गंगा में नरौरा बैराज से करीब 20 हजार क्यूसेक वाटर डिस्चार्ज किया गया था। इसके बाद गंगा ने उसहैत के जमीदाराना बांध पर पथरामई में कटान शुरू कर दिया था। बृहस्पतिवार को नरौरा से वाटर डिस्चार्ज बढ़कर 60 हजार क्यूसेक कर दिया गया है। एक साथ 40 हजार क्यूसेक वाटर डिस्चार्ज के बाद गंगा में उफान आने की आशंका बढ़ गई है। हालांकि, नरौरा से छोड़े जाने वाला पानी कछला तक पहुंचने में 12 घंटे का वक्त लगता है। यह पानी शुक्रवार शाम तक कछला पहुंच जाएगा। बृहस्पतिवार को बाढ़ खंड ने गंगा का मीटर गेज 162.40 सेंटीमीटर रिकॉर्ड किया है। गंगा में एक साथ 60 हजार क्यूसेक पानी आने के बाद मीटर गेज खतरे के निशान की ओर बढ़ने की संभावना को लेकर बाढ़ खंड अलर्ट पर है। ------
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मीटर गेज 163.50 के ऊपर हुआ तो खतरा
बदायूं। गुरुवार को बाढ़ खंड ने गंगा की मीटर गेज 162.42 रिकॉर्ड किया। बाढ़ खंड के मुताबिक यह सामान्य स्थिति है। मीटर गेज पर गंगा का जलस्तर जब 163.50 से ऊपर बढ़ता है तो खतरा पैदा हो जाता है। नरौरा से गुरुवार को ज्यादा वाटर डिस्चार्ज के बाद गेज बढ़ने की आशंका है। इस पर बाढ़ खंड नजर रख रहा है।
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बृहस्पतिवार को वाटर डिस्चार्ज की स्थिति
हरिद्वार डैम 102452
बिजनौर डैम 95254
नरौरा डैम 59915
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वर्जन-
जल स्तर में इजाफा हुआ है। कुछ स्थानों से कटान की सूचनाएं मिल रही हैं। सभी बाढ़ चौकियां अलर्ट पर हैं। फिलहाल किसी खतरे की बात नहीं है। कटान रोकने की व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
-अरविंद कुमार वर्मा, अधिशासी अभियंता बाढ़ खंड