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Budaun News: इलाज न मिलने से भटक रहे हेपेटाइटिस के 3210 मरीज
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जिला अस्पताल। संवाद
बदायूं। जिले में हेपेटाइटिस बी और सी के रोजाना 20 से 25 मरीज सामने आ रहे हैं। जिला अस्पताल में वायरल लोड टेस्ट की सुविधा नहीं है। वायरल लोड टेस्ट के लिए हर सप्ताह मंगलवार और शुक्रवार को मरीजों के नमूने लिए जाते हैं। नमूनों को जांच के लिए महीने में एक बार लखनऊ भेजा जाता है। रिपोर्ट आने में लगभग दो महीने लग जाते हैं। जिले में करीब 3210 मरीज सक्रिय हैं, जिनका उपचार चल रहा है।
बिसौली के गांव सिचौली निवासी राजेश का कहना है कि उनको हेपेटाइटिस सी है। इसकी पहचान प्राइवेट जांच में हुई थी। जिला अस्पताल में दवा लेने 15 दिन से आ रहे हैं। अब तक जांचें ही पूरी नहीं हो सकी हैं। बाहर का अल्ट्रासाउंड डॉक्टर मान नहीं रहे। जिला अस्पताल में सेवा ठप है। ऐसे में दवा न मिलने से हालत बिगड़ रही है। 15 दिन बीतने के बाद भी जांच सेंपल लखनऊ नहीं जा सका। वहां से एक महीने से पहले रिपोर्ट नहीं आ रही। तब तक दवा के लिए इंतजार करना पड़ेगा।
इसलिए होता है वायरल लोड टेस्ट
वायरल लोड टेस्ट का उपयोग सक्रिय हेपेटाइटिस सी संक्रमण की पुष्टि करने के लिए किया जाता है। यदि उपचार शुरू करते समय रक्त में वायरस का स्तर कम है तो वायरस से छुटकारा पाने की बेहतर संभावना रहती है।
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मरीजों का गत वर्ष का आंकड़ा
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, जनवरी 2023 में हेपेटाइटिस बी और सी के 210 मरीज मिले थे। फरवरी में यह संख्या 230 हो गई। मार्च में 248, अप्रैल में 252, मई में 345, जून में 330, जुलाई में 355, अगस्त में 338, सितंबर में 338, अक्तूबर में 328, नवंबर में 290, दिसंबर में 326 मरीज सामने आए। इसमें निजी अस्पतालों में इलाज कराने वालों का आंकड़ा शामिल नहीं है। इस साल यह आंकड़ा बढ़कर 3210 पहुंच गया है।
कई तरह की होती है ये बीमारी
हेपेटाइटिस क्लीनिक प्रभारी डॉ. एसएम कमल ने बताया कि हेपेटाइटिस मूलरूप से पांच प्रकार का होता है- ए, बी, सी, डी और ई। हेपेटाइटिस डी डेल्टा वायरस है, जो बी के साथ ही मिलता है। हेपेटाइटिस ए और ई का संक्रमण प्रदूषित खाद्य पदार्थों और दूषित पानी पीने से होता है।
हेपेटाइटिस के लक्षण और उपाय
विशेषज्ञों के अनुसार, हेपेटाइटिस के प्राथमिक लक्षण नहीं हैं। केवल ब्लड टेस्ट के आधार पर ही पता किया जा सकता है कि हेपेटाइटिस है या नहीं। हेपेटाइटिस ए और ई के लक्षण 15-30 दिनों के भीतर दिखाई देने शुरू होते हैं तो हेपेटाइटिस बी के लक्षण अंतिम समय में सामने आते हैं।
एक जनवरी 2024 से 28 नवंबर तक करीब दो हजार मरीज स्वस्थ हुए हैं, तीन हजार से ज्यादा का इलाज चल रहा है। इसके अलावा हर महीने हेपेटाइटिस सी के करीब 200 से 250 और हेपेटाइटिस बी के 15 से 20 नए मरीज सामने आ रहे हैं। हालांकि जांच बरेली में भी होती है, लेकिन शासनादेश के मुताबिक ही नमूने जांच के लिए लखनऊ भेजे जाते हैं। वायरल लोड की जांच जिला अस्पताल में नहीं हो पा रही है। - डॉ. कप्तान सिंह, सीएमएस
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बिसौली के गांव सिचौली निवासी राजेश का कहना है कि उनको हेपेटाइटिस सी है। इसकी पहचान प्राइवेट जांच में हुई थी। जिला अस्पताल में दवा लेने 15 दिन से आ रहे हैं। अब तक जांचें ही पूरी नहीं हो सकी हैं। बाहर का अल्ट्रासाउंड डॉक्टर मान नहीं रहे। जिला अस्पताल में सेवा ठप है। ऐसे में दवा न मिलने से हालत बिगड़ रही है। 15 दिन बीतने के बाद भी जांच सेंपल लखनऊ नहीं जा सका। वहां से एक महीने से पहले रिपोर्ट नहीं आ रही। तब तक दवा के लिए इंतजार करना पड़ेगा।
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इसलिए होता है वायरल लोड टेस्ट
वायरल लोड टेस्ट का उपयोग सक्रिय हेपेटाइटिस सी संक्रमण की पुष्टि करने के लिए किया जाता है। यदि उपचार शुरू करते समय रक्त में वायरस का स्तर कम है तो वायरस से छुटकारा पाने की बेहतर संभावना रहती है।
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मरीजों का गत वर्ष का आंकड़ा
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, जनवरी 2023 में हेपेटाइटिस बी और सी के 210 मरीज मिले थे। फरवरी में यह संख्या 230 हो गई। मार्च में 248, अप्रैल में 252, मई में 345, जून में 330, जुलाई में 355, अगस्त में 338, सितंबर में 338, अक्तूबर में 328, नवंबर में 290, दिसंबर में 326 मरीज सामने आए। इसमें निजी अस्पतालों में इलाज कराने वालों का आंकड़ा शामिल नहीं है। इस साल यह आंकड़ा बढ़कर 3210 पहुंच गया है।
कई तरह की होती है ये बीमारी
हेपेटाइटिस क्लीनिक प्रभारी डॉ. एसएम कमल ने बताया कि हेपेटाइटिस मूलरूप से पांच प्रकार का होता है- ए, बी, सी, डी और ई। हेपेटाइटिस डी डेल्टा वायरस है, जो बी के साथ ही मिलता है। हेपेटाइटिस ए और ई का संक्रमण प्रदूषित खाद्य पदार्थों और दूषित पानी पीने से होता है।
हेपेटाइटिस के लक्षण और उपाय
विशेषज्ञों के अनुसार, हेपेटाइटिस के प्राथमिक लक्षण नहीं हैं। केवल ब्लड टेस्ट के आधार पर ही पता किया जा सकता है कि हेपेटाइटिस है या नहीं। हेपेटाइटिस ए और ई के लक्षण 15-30 दिनों के भीतर दिखाई देने शुरू होते हैं तो हेपेटाइटिस बी के लक्षण अंतिम समय में सामने आते हैं।
एक जनवरी 2024 से 28 नवंबर तक करीब दो हजार मरीज स्वस्थ हुए हैं, तीन हजार से ज्यादा का इलाज चल रहा है। इसके अलावा हर महीने हेपेटाइटिस सी के करीब 200 से 250 और हेपेटाइटिस बी के 15 से 20 नए मरीज सामने आ रहे हैं। हालांकि जांच बरेली में भी होती है, लेकिन शासनादेश के मुताबिक ही नमूने जांच के लिए लखनऊ भेजे जाते हैं। वायरल लोड की जांच जिला अस्पताल में नहीं हो पा रही है। - डॉ. कप्तान सिंह, सीएमएस