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एंटी रैबीज वैक्सीन नहीं लगी तो पल्लेदार ने दम तोड़ा
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समय से एंटी रैबीज वैक्सीन नहीं लगी तो पल्लेदार ने दम तोड़ा
चार जनवरी को कुत्ते ने काटा था, चौथे दिन सिफारिश पर लगी वैक्सीन अमर उजाला ब्यूरो
वजीरगंज (बदायूं)। नगर के गोपालपुर मोहल्ले में एक पल्लेदार को विगत चार जनवरी को कुत्ते ने काट लिया। दूसरे दिन वह स्वास्थ्य केंद्र गया, लेकिन एंटी रैबीज वैक्सीन नहीं लग सकी। चौथे दिन एक नेता की सिफारिश पर उसको वैक्सीन लगी, लेकिन तब तक उसके शरीर में रैबीज फैल चुका था। उसके बाद दो बार और वैक्सीन लगी लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। शनिवार देर रात उसकी मौत हो गई।
करीब 41 वर्षीय नत्थूलाल गल्ला मंडी में पल्लेदारी करता था। चार जनवरी की सुबह वह पल्लेदारी करने जा रहा था। उसी समय रास्ते में एक कुत्ते ने उसे काट लिया। इसके दूसरे दिन नत्थूलाल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर एंटी रैबीज लगवाने गया, लेकिन वैक्सीन नहीं लग पाई। तीसरे दिन भी उसे स्वास्थ्य केंद्र से बैरंग लौटना पड़ा। चौथे दिन यानी सात जनवरी को कस्बे के एक नेता की सिफारिश पर उन्हें एआरवी लग सकी। परिवार वालों की माने तो तब तक उसके शरीर में रैबीज फैल गया था। अगर स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही नहीं होती और दूसरे दिन ही वैक्सीन लग जाती तो शायद नत्थूलाल की हालत नहीं बिगड़ती। 10 जनवरी को दूसरी और 14 जनवरी को तीसरी वैक्सीन लगी, परंतु इसका कोई फायदा नहीं हुआ। तब तक नत्थूलाल की काफी हालत बिगड़ गई थी। परिवार वालों का कहना है कि वह पानी से डर रहे थे। शनिवार रात उसकी हालत और बिगड़ गई, देर रात उसने दम तोड़ दिया। रविवार सुबह सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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समय से एंटी रैबीज वैक्सीन नहीं लगी तो पल्लेदार ने दम तोड़ा
चार जनवरी को कुत्ते ने काटा था, चौथे दिन सिफारिश पर लगी वैक्सीन अमर उजाला ब्यूरो
वजीरगंज (बदायूं)। नगर के गोपालपुर मोहल्ले में एक पल्लेदार को विगत चार जनवरी को कुत्ते ने काट लिया। दूसरे दिन वह स्वास्थ्य केंद्र गया, लेकिन एंटी रैबीज वैक्सीन नहीं लग सकी। चौथे दिन एक नेता की सिफारिश पर उसको वैक्सीन लगी, लेकिन तब तक उसके शरीर में रैबीज फैल चुका था। उसके बाद दो बार और वैक्सीन लगी लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। शनिवार देर रात उसकी मौत हो गई।
करीब 41 वर्षीय नत्थूलाल गल्ला मंडी में पल्लेदारी करता था। चार जनवरी की सुबह वह पल्लेदारी करने जा रहा था। उसी समय रास्ते में एक कुत्ते ने उसे काट लिया। इसके दूसरे दिन नत्थूलाल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर एंटी रैबीज लगवाने गया, लेकिन वैक्सीन नहीं लग पाई। तीसरे दिन भी उसे स्वास्थ्य केंद्र से बैरंग लौटना पड़ा। चौथे दिन यानी सात जनवरी को कस्बे के एक नेता की सिफारिश पर उन्हें एआरवी लग सकी। परिवार वालों की माने तो तब तक उसके शरीर में रैबीज फैल गया था। अगर स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही नहीं होती और दूसरे दिन ही वैक्सीन लग जाती तो शायद नत्थूलाल की हालत नहीं बिगड़ती। 10 जनवरी को दूसरी और 14 जनवरी को तीसरी वैक्सीन लगी, परंतु इसका कोई फायदा नहीं हुआ। तब तक नत्थूलाल की काफी हालत बिगड़ गई थी। परिवार वालों का कहना है कि वह पानी से डर रहे थे। शनिवार रात उसकी हालत और बिगड़ गई, देर रात उसने दम तोड़ दिया। रविवार सुबह सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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