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बाईपास निर्माण को 20 करोड़ मिले, किसानों की 14 को
Updated Sat, 10 Feb 2018 10:00 AM IST
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बाईपास निर्माण को 20 करोड़ मिले
पीडब्ल्यूडी अफसरों ने 14 को बुलाई भू-स्वामियों की बैठक
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं। शासन ने बाईपास निर्माण को 20 करोड़ रुपये जारी कर दिए हैं। निर्माण कार्य में आ रही बाधा को दूर करने के लिए अफसरों ने किसानों और प्लाट मालिकों की बैठक बुलाई है। इसमें भू-स्वामी का नाम तय होने के बाद मुआवजे की रकम दे दी जाएगी।
बदायूं बाईपास का निर्माण 2016 में शुरू हुआ था। तब प्रदेश में सपा की सरकार थी। बाईपास निर्माण में 110 करोड़ रुपये की लागत तय की गई है। शासन ने पहली किस्त के रूप में 22 करोड़ जारी किए थे। मगर प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद बाईपास का निर्माण रुक गया। भाजपा सरकार आने के बाद करीब तीन माह पहले 20 करोड़ रुपये जारी किए गए थे, जो मुआवजे के रूप में किसानों को दे दिए गए। अब शासन ने 20 करोड़ रुपये और जारी किए हैं। इस रकम से बकाया जमीन मालिकों को मुआवजा दिया जाना है।
एआरटीओ दफ्तर के पास बाईपास के बीच में आने वाली करीब दो सौ मीटर जमीन की प्लाटिंग कर दी गई है। इससे पीडब्ल्यूडी विभाग को असली भू -स्वामी का पता नहीं लग पा रहा है। इस कारण जमीन के अधिगृहण में बाधा आ रही है। इसे दूर करने के लिए 14 फरवरी को लोक निर्माण विभाग के अफसरों ने बैठक बुलाई है। यह बैठक पीडब्ल्यूडी के निरीक्षण भवन में होगी। इसमें भू-स्वामियों को सभी दस्तावेजों समेत बुलाया गया है। पीडब्ल्यूडी के जेई महाराज सिंह ने बताया कि बैठक में भू-स्वामी तय होने के बाद संबंधित को मुआवजा दे दिया जाएगा।
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पीडब्ल्यूडी अफसरों ने 14 को बुलाई भू-स्वामियों की बैठक
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं। शासन ने बाईपास निर्माण को 20 करोड़ रुपये जारी कर दिए हैं। निर्माण कार्य में आ रही बाधा को दूर करने के लिए अफसरों ने किसानों और प्लाट मालिकों की बैठक बुलाई है। इसमें भू-स्वामी का नाम तय होने के बाद मुआवजे की रकम दे दी जाएगी।
बदायूं बाईपास का निर्माण 2016 में शुरू हुआ था। तब प्रदेश में सपा की सरकार थी। बाईपास निर्माण में 110 करोड़ रुपये की लागत तय की गई है। शासन ने पहली किस्त के रूप में 22 करोड़ जारी किए थे। मगर प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद बाईपास का निर्माण रुक गया। भाजपा सरकार आने के बाद करीब तीन माह पहले 20 करोड़ रुपये जारी किए गए थे, जो मुआवजे के रूप में किसानों को दे दिए गए। अब शासन ने 20 करोड़ रुपये और जारी किए हैं। इस रकम से बकाया जमीन मालिकों को मुआवजा दिया जाना है।
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एआरटीओ दफ्तर के पास बाईपास के बीच में आने वाली करीब दो सौ मीटर जमीन की प्लाटिंग कर दी गई है। इससे पीडब्ल्यूडी विभाग को असली भू -स्वामी का पता नहीं लग पा रहा है। इस कारण जमीन के अधिगृहण में बाधा आ रही है। इसे दूर करने के लिए 14 फरवरी को लोक निर्माण विभाग के अफसरों ने बैठक बुलाई है। यह बैठक पीडब्ल्यूडी के निरीक्षण भवन में होगी। इसमें भू-स्वामियों को सभी दस्तावेजों समेत बुलाया गया है। पीडब्ल्यूडी के जेई महाराज सिंह ने बताया कि बैठक में भू-स्वामी तय होने के बाद संबंधित को मुआवजा दे दिया जाएगा।
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