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नकली उर्वरक बेचने वालों पर होगी कार्रवाई
Updated Sat, 10 Nov 2018 05:40 PM IST
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नकली उर्वरक बेचा तो खैर नहीं
बदायूं। केंद्र और प्रदेश सरकार की ओर से किसानों की आय को दोगुनी करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। साथ ही किसानों को बीज से लेकर उर्वरक तक अनुदान पर दिया जा रहा है। बावजूद इसके नकली उर्वरक बेचने वाले लगातार किसानों को गुमराह कर अपनी जेबों को भरने में लगे हुए हैं। ऐसे लोगों पर विभागीय अधिकारी शिकंजा कसने की तैयारी कर रहे हैं।
जिले में नकली उर्वरक का धंधा जोरों पर है। इस धंधे से जुड़े लोग किसानों को गुमराह कर रहे हैं। वे उनके द्वारा बेची जा रहे उर्वरक के इस्तेमाल से फसल में अच्छी पैदावार होने के दावे कर रहे हैं। जबकि शासन, प्रशासन से लेकर विभागीय अधिकारी किसानों को कृषि विभाग के माध्यम से मिलने वाले गुणावत्तायुक्त बीज और उर्वरक का इस्तेमाल कराने की बात कह रहे हैं। ताकि फसल अच्छी हो सके। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि ऐसे नकली उर्वरक बेचने वालों को चिह्नित किया जा रहा है। उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही किसानों से अपील की जा रही है कि अगर वे प्राइवेट दुकानों से बीज, उर्वरक की खरीद करते हैं, तो वहां से खरीद की पक्की रसीद अवश्य लें।
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डीएपी में होती है पोटाश की मिलावट
विभाग की मानें तो सबसे अधिक मिलावट डीएपी में पोटाश की होती है। इनके विकल्प के रूप में गैरस्तरीय कंपनियों की उर्वरक किसानों को दे दी जाती है।
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किसानों को सलाह दी जाती है कि वे विभाग की ओर से मिलने वाले गुणावत्तायुक्त बीज और उर्वरक का इस्तेमाल करें। अगर किन्हीं परिस्थितियों में बीज या उर्वरक निजी दुकानों से लेना पड़े, तो जांच पड़ताल करने के बाद में लें, साथ ही खरीद की पक्की रसीद भी लें। विभाग ऐसे लोगों पर नकेल कसने की तैयारी कर रहा है।
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-विनोद कुमार, जिला कृषि अधिकारी
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बदायूं। केंद्र और प्रदेश सरकार की ओर से किसानों की आय को दोगुनी करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। साथ ही किसानों को बीज से लेकर उर्वरक तक अनुदान पर दिया जा रहा है। बावजूद इसके नकली उर्वरक बेचने वाले लगातार किसानों को गुमराह कर अपनी जेबों को भरने में लगे हुए हैं। ऐसे लोगों पर विभागीय अधिकारी शिकंजा कसने की तैयारी कर रहे हैं।
जिले में नकली उर्वरक का धंधा जोरों पर है। इस धंधे से जुड़े लोग किसानों को गुमराह कर रहे हैं। वे उनके द्वारा बेची जा रहे उर्वरक के इस्तेमाल से फसल में अच्छी पैदावार होने के दावे कर रहे हैं। जबकि शासन, प्रशासन से लेकर विभागीय अधिकारी किसानों को कृषि विभाग के माध्यम से मिलने वाले गुणावत्तायुक्त बीज और उर्वरक का इस्तेमाल कराने की बात कह रहे हैं। ताकि फसल अच्छी हो सके। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि ऐसे नकली उर्वरक बेचने वालों को चिह्नित किया जा रहा है। उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही किसानों से अपील की जा रही है कि अगर वे प्राइवेट दुकानों से बीज, उर्वरक की खरीद करते हैं, तो वहां से खरीद की पक्की रसीद अवश्य लें।
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डीएपी में होती है पोटाश की मिलावट
विभाग की मानें तो सबसे अधिक मिलावट डीएपी में पोटाश की होती है। इनके विकल्प के रूप में गैरस्तरीय कंपनियों की उर्वरक किसानों को दे दी जाती है।
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किसानों को सलाह दी जाती है कि वे विभाग की ओर से मिलने वाले गुणावत्तायुक्त बीज और उर्वरक का इस्तेमाल करें। अगर किन्हीं परिस्थितियों में बीज या उर्वरक निजी दुकानों से लेना पड़े, तो जांच पड़ताल करने के बाद में लें, साथ ही खरीद की पक्की रसीद भी लें। विभाग ऐसे लोगों पर नकेल कसने की तैयारी कर रहा है।
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-विनोद कुमार, जिला कृषि अधिकारी