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दहेज हत्या में पति को दस साल की कैद, जुर्माना भी पड़ा
Updated Mon, 09 Jul 2018 11:44 PM IST
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दहेज हत्या में पति को
दस साल की कैद
बाइक और रंगीन टीवी न मिलने पर मार दिया था रामा को
सात साल पहले कादरचौक इलाके में हुई थी घटना
विवाहिता की हत्या कर लाश को लगा दिया था ठिकाने
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं। बाइक और रंगीन टीवी की मांग पूरी न करने पर विवाहिता को जलाकर मारने और लाश को गायब करने की घटना में आरोपी पति को स्पेशल जज ईसी एक्ट पंकज कुमार अग्रवाल ने 10 साल की कड़ी कैद की सजा सुनाई है। साथ ही 12 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
दहेज हत्या की यह घटना थाना कादरचौक क्षेत्र के गांव ओम नगरिया में 22-23 नवंबर 2011 में हुई थी। थाना अलापुर क्षेत्र के गांव अंगेसी निवासी शिवलाल पुत्र खेमकरन ने 24 नवंबर को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसने पुत्री रामा की शादी ओमनगरिया निवासी अनार सिंह पुत्र भगवान सिंह के साथ की थी। उसने अपनी हैसियत के मुताबिक दान-दहेज दिया, लेकिन रामा के ससुराल वाले उससे खुश नहीं थे। आरोप था कि उसका पति अनार सिंह, जेठ चरन सिंह और जेठानी सुमित्रा देवी बाइक और रंगीन टीवी की मांग को लेकर रामा को तरह-तरह से प्रताड़ित करते थे। मांग पूरी नहीं होने पर 22-23 नवंबर की रात को उसकी बेटी रामा को जलाकर मार डाला। गांव वाले की सूचना पर जब वह ओमनगरिया पहुंचा तो घर पर कोई नहीं था। बेटी की लाश को पहले ही टिकाने लगा दिया गया था। पुलिस ने विवेचना में पति के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी।
स्पेशल जज ईसी एक्ट पंकज कुमार अग्रवाल ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद दहेज हत्या में नामजद पति अनार सिंह को दोषी ठहराते हुए दस साल की कड़ी कैद की सजा सुनाई। उस पर 12 हजार का जुर्माना भी लगाया।
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दस साल की कैद
बाइक और रंगीन टीवी न मिलने पर मार दिया था रामा को
सात साल पहले कादरचौक इलाके में हुई थी घटना
विवाहिता की हत्या कर लाश को लगा दिया था ठिकाने
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं। बाइक और रंगीन टीवी की मांग पूरी न करने पर विवाहिता को जलाकर मारने और लाश को गायब करने की घटना में आरोपी पति को स्पेशल जज ईसी एक्ट पंकज कुमार अग्रवाल ने 10 साल की कड़ी कैद की सजा सुनाई है। साथ ही 12 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
दहेज हत्या की यह घटना थाना कादरचौक क्षेत्र के गांव ओम नगरिया में 22-23 नवंबर 2011 में हुई थी। थाना अलापुर क्षेत्र के गांव अंगेसी निवासी शिवलाल पुत्र खेमकरन ने 24 नवंबर को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसने पुत्री रामा की शादी ओमनगरिया निवासी अनार सिंह पुत्र भगवान सिंह के साथ की थी। उसने अपनी हैसियत के मुताबिक दान-दहेज दिया, लेकिन रामा के ससुराल वाले उससे खुश नहीं थे। आरोप था कि उसका पति अनार सिंह, जेठ चरन सिंह और जेठानी सुमित्रा देवी बाइक और रंगीन टीवी की मांग को लेकर रामा को तरह-तरह से प्रताड़ित करते थे। मांग पूरी नहीं होने पर 22-23 नवंबर की रात को उसकी बेटी रामा को जलाकर मार डाला। गांव वाले की सूचना पर जब वह ओमनगरिया पहुंचा तो घर पर कोई नहीं था। बेटी की लाश को पहले ही टिकाने लगा दिया गया था। पुलिस ने विवेचना में पति के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी।
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स्पेशल जज ईसी एक्ट पंकज कुमार अग्रवाल ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद दहेज हत्या में नामजद पति अनार सिंह को दोषी ठहराते हुए दस साल की कड़ी कैद की सजा सुनाई। उस पर 12 हजार का जुर्माना भी लगाया।
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