मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना: बदायूं में चलेंगी 21 नई बसें, 200 से अधिक गांवों के लोगों को मिलेगा लाभ
बदायूं जिले के आठ रूटों पर 21 ग्रामीण बसों का संचालन किया जाएगा। इससे दो सौ से अधिक गांवों के लोगों को फायदा होगा। परिवहन निगम ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है।
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बदायूं जिले में मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना के तहत ग्रामीण बस सेवा शुरू करने की तैयारी है। योजना के तहत 21 नई बसें संचालित की जाएंगी, जिनसे 200 से अधिक गांवों के लोग लाभान्वित होंगे। इन बसों के माध्यम से ग्रामीण सीधे जिला मुख्यालय से जुड़ सकेंगे। इससे उन्हें आवागमन में काफी सुविधा होगी। कुल आठ रूटों पर ये बसें दो-दो फेरे लगाएंगी।
जिले के कई ऐसे गांव हैं, जहां अब तक जिला मुख्यालय के लिए सीधी बस सेवा उपलब्ध नहीं है। मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना का उद्देश्य ऐसे ग्रामीण क्षेत्रों को बस सुविधा से जोड़ना है। ये बसें 15 से 28 सीटों वाली होंगी, जो ग्रामीण मार्गों पर आसानी से चल सकेंगी। प्रत्येक बस आठों रूट पर प्रतिदिन दो-दो चक्कर लगाएंगी, जिससे यात्रियों को आवागमन में अधिक सुविधा मिलेगी।
योजना के तहत बसों के संचालन के लिए 21 लोगों ने टेंडर प्रक्रिया में भाग लिया है। सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक राजेश पाठक ने बताया कि टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद बस संचालकों को 15 दिन का समय दिया जाएगा, जिसके बाद चयनित रूटों पर बसों का संचालन शुरू हो जाएगा।
ग्रामीण बस सेवा के ये रूट किए गए हैं निर्धारित
योजना के तहत कुल आठ रूट निर्धारित किए गए हैं, जिन पर 21 बसों का संचालन होगा। इनमें बदायूं-वजीरगंज-सैदपुर-बगरैन-बिसौली-आसफपुर रूट पर एक बस चलेगी। बदायूं-सराय-डहरपुर-दातागंज-समरेर रूट पर नौ बसें संचालित होंगी, जो इस क्षेत्र की उच्च मांग को दर्शाती है। बदायूं-सतेती-बिल्सी-नरैनीचौराहा-सहसवान-नाधा-इस्लामनगर रूट पर चार बसें चलेंगी।
अन्य रूटों में बदायूं-वजीरगंज-सैदपुर-बगरैन-करेंगी-बिसौली-दबतोरी (दो बसें), बदायूं-सराय-दातागंज-डहरपुर-म्यांऊ-उसैहत-जलापुर-खेरे (दो बसें), बदायूं-सराय-दातागंज-डहरपुर-सैंजनी म्यांऊ-उसैहत (एक बस), बदायूं-ककराला-उसैहत-म्यांऊ-उसैहत-गौंतरा-हजरतपुर (एक बस) और बदायूं-ककराला-उसैहत-हरेण्डी-कादरचौक-भूड़ाभदरौल-कछला-जुनैरा-सहसवान (एक बस) शामिल हैं।
बसों के संचालन से सुधरेगी ग्रामीण क्षेत्रों की कनेक्टिविटी
इन बसों के संचालन से ग्रामीण क्षेत्रों की कनेक्टिविटी में महत्वपूर्ण सुधार आएगा। गांव के लोगों को अब जिला मुख्यालय तक पहुंचने के लिए कई वाहनों को बदलने की आवश्यकता नहीं होगी। यह सीधी बस सेवा उनके समय और धन दोनों की बचत करेगी। विशेष रूप से उन गांवों के लिए यह एक बड़ी राहत होगी, जहां परिवहन के सीमित साधन उपलब्ध हैं। इस पहल से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।