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अनियमितताएं मिलीं तो सचिव, बीडीओ पर होगी कार्रवाई
Updated Fri, 21 Sep 2018 11:49 PM IST
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बदायूं। केंद्र सरकार की ओर निर्देश दिए गए थे कि जिले को दो अक्तूबर तक ओडीएफ घोषित करना है। शासन की ओर से मिले निर्धारित समय में मात्र 10 दिन शेष रह गए हैं। ऐसे में जिला से लेकर ग्राम स्तर तक के अधिकारियों/ कर्मचारियों ने जिले को ओडीएफ बनाने के लिए दिन रात एक कर दिया है। वहीं डीएम ने निर्देश दिए हैं कि इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। अगर इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही होती है, तो जिम्मेदारी सचिव और बीडीओ की होगी। डीएम दिनेश कुमार सिंह ने कहा कि कुछ शिकायतें मिल रही हैं कि कुछ लोगों ने शौचालय शासन द्वारा निर्धारित मानक के अनुसार नहीं बनाए हैं, ऐसे सभी शौचालयों को भी चिह्नित कर लिया जाए और लाभार्थियों को निर्देशित किया जाए कि वे मानक के अनुसार शौचालय बनाएं, अन्यथा धनराशि वापस लेने के लिए नोटिस जारी करें। यदि वह मानक के अनुरूप बनाएं तो ठीक, अन्यथा उन पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए। डीएम ने कहा कि कुुछ गांवों में पंचायत सचिवों ने शौचालय का निर्माण बिना पूर्ण कराए एमआईएस कर दिया। ऐसे त्रुटिपूर्ण ढंग से किए गए एमआईएस के मामलों में तुरंत ही शौचालय पूरे कराएं। अगर जांच में अधूरे में मिले तो सचिव और बीडीओ के खिलाफ कार्रवाई की जाए। इसलिए खंड विकास अधिकारी गांव वार जाकर खुद समीक्षा करें। डीएम ने कहा कि डीपीआरओ टीम बनाकर यह जांच करें कि जो पैसे दिए जा रहे वह पात्र लाभार्थियों को मिल रहे हैं। साथ ही शौचालय बनकर तैयार हो रहे हैं, जो अपलोड किए जा रहे हैं, अगर किसी कारण की वजह से गलत फोटो अपलोड हो गए, उसे अभी सही कर लें। यह संबंधित सचिव और बीडीओ की जिम्मेदारी होगी।
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