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यह कैसी ड्यूटी! पुलिस कर्मी बैठे दूर, होमगार्ड कर रहे ट्रेफिक कंट्रोल
Updated Sat, 11 Aug 2018 11:25 PM IST
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फोटो- 11 बीडीएनयूजेएचपीएच-01
पुलिस कर्मी बैठे दूर, होमगार्ड कर रहे ट्रैफिक कंट्रोल
कांवड़ यात्रा के संवेदनशील प्वाइंटों पर ड्यूटी के प्रति लापरवाही उजागर
गंगाघाट पर रात में कांवड़ियों की सुरक्षा पर भी उठा सवाल
अमर उजाला ब्यूरो
उझानी (बदायूं)।
कांवड़ यात्रा में मामूली सी चूक कांवड़ियों का गुस्सा फूटने पर बवंडर का रूप ले सकती है। बिनावर जो कुछ हुआ, वह भी कांवड़ियों के गुस्से का नमूना था लेकिन ड्यूटी पर प्रति पुलिस कर्मी कहां तक सजग हैं, इसका नजारा शनिवार को कांवड़ यात्रा के कई संवेदनशील प्वाइंटों पर देखने का मिला। बरेली-मथुरा हाईवे स्थित बाइपास पर सबसे ज्यादा संवेदनशील प्वाइंट पर अकेला होमगार्ड ट्रैफिक कंट्रोल में लगा नजर आया।
रूट डायवर्जन के बाद कांवड़ियों के वाहनों समेत कार और मेटाडोरों को कंट्रोल करने के लिए कछला से लेकर बदायूं तक करीब आधा दर्जन से अधिक प्वाइंट संवेदनशील हैं। इन्हीं में बहेड़ी मोड़, बदायूं बाइपास, घंटाघर चौराहा, अंबेडकर चौराहा, मंडी समिति और वितरोई मोड़ के साथ कछला चौराहा भी शामिल हैं। प्रत्येक प्वाइंट पर एक दरोगा, चार चार सिपाहियों में दो महिला आरक्षी के अलावा होमगार्ड भी लगाए गए हैं। इनकी ड्यूटी शुक्रवार सुबह से लेकर सोमवार दोपहर तक दो शिफ्ट में लगती है। घंटाघर चौराहे पर पूर्वाह्न में एक दुकानदार के बेटे ने पुलिस कर्मियों को गुमराह कर जबरन मेटाडोर निकलवा ली। यही नहीं, बदायूं बाइपास पर दोपहर में होमगार्ड ट्रैफिक कंट्रोल करते दिखे। दरोगा समेत अन्य पुलिस कर्मी दूर बैठकर अपना सेलफोन चलाने में मस्त थे। पिछले दिनों घाट पर सराय स्वाले की महिला का पर्स गायब हुआ तो भी मदद के लिए वह पुलिस कर्मियों को खोजती रही।
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गंगाघाट से शिवभक्त युवकों का बैग गायब
उझानी। सावन में शिव की आस्था में सराबोर होकर गंगाघाट पर पहुंचे फिरोजाबाद निवासी अवधेश अपने दोस्त के साथ बैग घाट पर रखकर नहाने लगे। बाहर निकले तो घाट पर बैग नजर नहीं आया। बैग में 35 सौ रुपया, दो एटीएम कार्ड समेत कपड़े रखे थे। अवधेश की मानें तो उसे एक नाविक पर शक है जो बाद में खिसक गया। बैग गायब हो जाने के बाद दोनों को मजबूरन भीगे कपड़े पहन कर घर लौटना पड़ा।
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पुलिस कर्मी बैठे दूर, होमगार्ड कर रहे ट्रैफिक कंट्रोल
कांवड़ यात्रा के संवेदनशील प्वाइंटों पर ड्यूटी के प्रति लापरवाही उजागर
गंगाघाट पर रात में कांवड़ियों की सुरक्षा पर भी उठा सवाल
अमर उजाला ब्यूरो
उझानी (बदायूं)।
कांवड़ यात्रा में मामूली सी चूक कांवड़ियों का गुस्सा फूटने पर बवंडर का रूप ले सकती है। बिनावर जो कुछ हुआ, वह भी कांवड़ियों के गुस्से का नमूना था लेकिन ड्यूटी पर प्रति पुलिस कर्मी कहां तक सजग हैं, इसका नजारा शनिवार को कांवड़ यात्रा के कई संवेदनशील प्वाइंटों पर देखने का मिला। बरेली-मथुरा हाईवे स्थित बाइपास पर सबसे ज्यादा संवेदनशील प्वाइंट पर अकेला होमगार्ड ट्रैफिक कंट्रोल में लगा नजर आया।
रूट डायवर्जन के बाद कांवड़ियों के वाहनों समेत कार और मेटाडोरों को कंट्रोल करने के लिए कछला से लेकर बदायूं तक करीब आधा दर्जन से अधिक प्वाइंट संवेदनशील हैं। इन्हीं में बहेड़ी मोड़, बदायूं बाइपास, घंटाघर चौराहा, अंबेडकर चौराहा, मंडी समिति और वितरोई मोड़ के साथ कछला चौराहा भी शामिल हैं। प्रत्येक प्वाइंट पर एक दरोगा, चार चार सिपाहियों में दो महिला आरक्षी के अलावा होमगार्ड भी लगाए गए हैं। इनकी ड्यूटी शुक्रवार सुबह से लेकर सोमवार दोपहर तक दो शिफ्ट में लगती है। घंटाघर चौराहे पर पूर्वाह्न में एक दुकानदार के बेटे ने पुलिस कर्मियों को गुमराह कर जबरन मेटाडोर निकलवा ली। यही नहीं, बदायूं बाइपास पर दोपहर में होमगार्ड ट्रैफिक कंट्रोल करते दिखे। दरोगा समेत अन्य पुलिस कर्मी दूर बैठकर अपना सेलफोन चलाने में मस्त थे। पिछले दिनों घाट पर सराय स्वाले की महिला का पर्स गायब हुआ तो भी मदद के लिए वह पुलिस कर्मियों को खोजती रही।
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गंगाघाट से शिवभक्त युवकों का बैग गायब
उझानी। सावन में शिव की आस्था में सराबोर होकर गंगाघाट पर पहुंचे फिरोजाबाद निवासी अवधेश अपने दोस्त के साथ बैग घाट पर रखकर नहाने लगे। बाहर निकले तो घाट पर बैग नजर नहीं आया। बैग में 35 सौ रुपया, दो एटीएम कार्ड समेत कपड़े रखे थे। अवधेश की मानें तो उसे एक नाविक पर शक है जो बाद में खिसक गया। बैग गायब हो जाने के बाद दोनों को मजबूरन भीगे कपड़े पहन कर घर लौटना पड़ा।
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