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Budaun News: 20 बार पत्राचार, फिर भी तीन साल से जिला अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञ नहीं

Wed, 19 Feb 2025 01:05 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं Updated Wed, 19 Feb 2025 01:05 AM IST
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20 times correspondence, yet there is no pediatrician in the district hospital for three years
जिला अस्पताल। संवाद
बदायूं। अगर आपका बच्चा बीमार है तो जिला अस्पताल के भरोसे न रहें, क्योंकि यहां तीन साल से बाल रोग विशेषज्ञ ही नहीं हैं। ऐसे में पांच साल तक के बच्चों को देखते ही मेडिकल कॉलेज रेफर किया जा रहा है।
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जिला अस्पताल में मौजूदा समय में करीब 23 डॉक्टर हैं, लेकिन बाल रोग विशेषज्ञ की तैनाती नहीं है। सीएमएस ने 36 माह में करीब 20 बार स्वास्थ्य महानिदेशक को पत्र भेजकर बाल रोग विशेषज्ञ नियुक्त करने की मांग की, लेकिन कोई तैनाती नहीं हुई। ऐसा तब है जब यहां ओपीडी में रोजाना 50 से 60 गंभीर रूप से बीमार बच्चे आते हैं। इमरजेंसी में तो डॉक्टर व कर्मचारी बच्चा देखते ही रेफर कर रहे हैं। ओपीडी में केवल सामान्य बुखार और जुखाम पीड़ित बच्चों को ही देखा जा रहा है।
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कादरचौक क्षेत्र के गांव नगला के रहने वाले रामवीर ने बताया कि छह साल के बेटे की तबीयत खराब होने पर सोमवार रात को जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। इमरजेंसी में तैनात स्टाफ ने बाल रोग विशेषज्ञ न होने की बात कहकर हायर सेंटर रेफर कर दिया। अब निजी अस्पताल में इलाज करा रहे हैं। बारीखेड़ा निवासी सोमवीर ने बताया कि डॉक्टर न होने की बात कहकर लौटा दिया गया। वह अपने रिश्तेदार के चार साल के बेटे श्याम को दिखाने जिला अस्पताल मंगलवार की सुबह करीब दस बजे आए थे। शहर के ही निजी अस्पताल में उसका इलाज करा रहे हैं।
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जान-पहचान वाले को सीएमएस देखकर लिख देते हैं दवा

सीएमएस डॉ. कप्तान सिंह बाल रोग विशेषज्ञ हैं, लेकिन वह प्रशासनिक ड्यूटी का हवाला देते हैं। ओपीडी में बच्चों को नहीं देखते। अगर कोई अभिभावक बच्चा लेकर उनके कक्ष में जाता है तो वह उसे देखकर दवा लिख देते हैं, लेकिन भर्ती नहीं करते।




लगातार शासन को अवगत कराया जा रहा है। शासन से डॉक्टर मिले तब कहीं जाकर समस्या का समाधान हो सकेगा। गंभीर बच्चों को भर्ती नहीं किया जाता। - डॉ. कप्तान सिंह, सीएमएस जिला अस्पताल
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