{"_id":"5c470e2fbdec22735e2d43a2","slug":"191548160559-budaun-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आसमान में छाये रहे ‘संकट’ के बादल...कभी गरजे, कभी बरसे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आसमान में छाये रहे ‘संकट’ के बादल...कभी गरजे, कभी बरसे
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बदायूं। जनवरी माह का आधे से अधिक समय बीत जाने के बाद लोग यह मान चुके थे कि शायद अब सर्दी जाने को है। इस बार कोहरे ने भी नाममात्र को ही दर्शन दिए, लेकिन सोमवार को मौसम का मिजाज एकदम बदल गया। सोमवार को बादल छाये रहने के बाद हुई बूंदाबांदी से सर्दी बढ़ गई। रात में बादलों की गरज के साथ तेज बारिश हुई। मंगलवार को भी दिन भर ‘संकट’ के बादल छाये रहने से मौसम और ज्यादा सर्द हो गया। पूरे दिन सूर्यदेव बादलों की ओट में छिपे रहे। शाम होते- होते मौसम में और ज्यादा ठंडक बढ़ गई।
पिछले कुछ दिनों से मौसम दिन में कुछ गर्म महसूस होने लगा था। तेज धूप में लोगों को गर्मी लगने लगी थी और हल्के-हल्के लोग अपने गर्म कपड़ों को पैक करने लगे थे, लेकिन सोमवार को मौसम ने ऐसा पलटा खाया कि लोगों ने खुद को गर्म कपड़ों से लाद लिया। शाम को हुई बारिश ने मौसम में अचानक परिवर्तन ला दिया। रात भर रुक रुककर बारिश होती रही। आपदा प्रबंधन विभाग के मुताबिक जिले में 10 एमएम बारिश हुई। इधर मंगलवार को भी दिन भर सर्द हवा चलती रही। लोग दिन में भी अलाव जलाकर ठंड को दूर करने का प्रयास करते नजर आए। हालांकि दिन में बारिश तो नहीं हुई लेकिन शाम होते-होते ठंड का असर दोगुना हो गया।
---------------
स्कूलों में बच्चों की संख्या पर पड़ा असर
ठंड के चलते स्कूलों में बच्चों की संख्या पर असर देखने को मिला। सोमवार की अपेक्षा मंगलवार को कम ही बच्चे स्कूलों में पहुंचे। जो बच्चे स्कूल गए भी, उन्हें उनके अभिभावकों ने सिर से पैर तक पूरी तरह पैक करके भेजा।
विज्ञापन
----------------
गेहूं को फायदा तो कई अन्य फसलों को नुकसान
जिले में गेहूं का रकबा दो लाख 26 हजार 650 हेक्टेयर, सरसों का 44 हजार 172 हेक्टेयर तथा आलू का 22 हजार हेक्टेयर है। इस मौसम से जहां गेहूं की फसल को फायदा है वहीं सरसों और आलू को काफी नुकसान है। इसकी खेती करने वाले किसानों के चेहरे मुरझाये दिखाई दिए।
विज्ञापन
पिछले कुछ दिनों से मौसम दिन में कुछ गर्म महसूस होने लगा था। तेज धूप में लोगों को गर्मी लगने लगी थी और हल्के-हल्के लोग अपने गर्म कपड़ों को पैक करने लगे थे, लेकिन सोमवार को मौसम ने ऐसा पलटा खाया कि लोगों ने खुद को गर्म कपड़ों से लाद लिया। शाम को हुई बारिश ने मौसम में अचानक परिवर्तन ला दिया। रात भर रुक रुककर बारिश होती रही। आपदा प्रबंधन विभाग के मुताबिक जिले में 10 एमएम बारिश हुई। इधर मंगलवार को भी दिन भर सर्द हवा चलती रही। लोग दिन में भी अलाव जलाकर ठंड को दूर करने का प्रयास करते नजर आए। हालांकि दिन में बारिश तो नहीं हुई लेकिन शाम होते-होते ठंड का असर दोगुना हो गया।
विज्ञापन
---------------
स्कूलों में बच्चों की संख्या पर पड़ा असर
ठंड के चलते स्कूलों में बच्चों की संख्या पर असर देखने को मिला। सोमवार की अपेक्षा मंगलवार को कम ही बच्चे स्कूलों में पहुंचे। जो बच्चे स्कूल गए भी, उन्हें उनके अभिभावकों ने सिर से पैर तक पूरी तरह पैक करके भेजा।
विज्ञापन
----------------
गेहूं को फायदा तो कई अन्य फसलों को नुकसान
जिले में गेहूं का रकबा दो लाख 26 हजार 650 हेक्टेयर, सरसों का 44 हजार 172 हेक्टेयर तथा आलू का 22 हजार हेक्टेयर है। इस मौसम से जहां गेहूं की फसल को फायदा है वहीं सरसों और आलू को काफी नुकसान है। इसकी खेती करने वाले किसानों के चेहरे मुरझाये दिखाई दिए।