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ककोड़ा मेले में सजने लगीं दुकानें, हजारों श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी
Updated Sat, 17 Nov 2018 10:31 PM IST
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मेला ककोड़ा (बदायूं)। रेत की चादर पर लगे रुहेलखंड के ऐतिहासिक मिनी कुंभ मेले ककोड़ा में दुकानें लगातार सजने लगी हैं। श्रद्धालुओं की संख्या भी निरंतर बढ़ रही है। शनिवार को भी सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं ने गंगा में डुबकी लगाकर पुण्य लाभ कमाया।
झंडी और गंगा पूजन के साथ शुक्रवार से मेला ककोड़ा शुरू हो गया। 30 नवंबर तक चलने वाले मेले में दुकानें लगातार बढ़ रहीं हैं। रेत की चादर पर शहर बसने लगा है। हलवाई और मीना बाजार सजने लगा है । मेले में सर्कस के अलावा, मौत का कुंआ, झूला आदि भी लगने शुुरू हो गए हैं। उधर, अधिकतर नल अभी से खराब होने लगे हैं, जिससे श्रद्धालुओं को पीने के पानी को इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। मेले में फ्लड पीएसी की एक बटालियन गंगा के तट पर पहुंच चुकी है।
एटा से आई फ्लड पीएसी की नावों को अभी तक पेट्रोल उपलब्ध नहीं कराया गया है जिसकी वजह से गंगा में बोट नहीं उतारी जा सकी है। मेन और गंगा तट का गेट भी बनने लगा है। सांस्कृतिक पंडाल भी बनाया जा रहा है। जिला पंचायत एएमए सीपी सिंह राघव का कहना है कि मेले के अंदर जो भी कमियां रह गईं हैं, उन्हें दूर किया जा रहा है।
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बेरीकेडिंग का काम अब तक अधूरा
कादरचौक। गंगा का जलस्तर कम न हो पाने की वजह से बेरीकेडिंग का काम अब तक अधूरा चल रहा है। जिला पंचायत प्रशासन का कहना है कि जल्द ही बेरीकेडिंग का काम पूरा हो जाएगा।
अव्यवस्थाओं से हो रही है दिक्कत
मेला ककोड़ा। यहां अव्यवस्थाएं भी कम नहीं हैं। मेले में अस्पताल तो खुल गया है लेकिन उसमें किसी कर्मचारी को तैनात नहीं किया गया है। न ही एंबुलेंस की व्यवस्था की गई है। वहीं कुछ सफाई कर्मचारी भी मनमानी कर रहे हैं। इसी कारण इंतजामों पर उंगली उठ रही है। सरकारी सेवाएं शुरू नहीं होने का लाभ झोलाछाप डॉक्टर उठाने में लग गए हैं। वहीं मेले में सफाई व्यवस्था को लगाए गए कुछ कर्मचारी मनमानी कर रहे हैं। अपने तरीके से ही वे सफाई कार्य को अंजाम दे रहे हैं। सफाई कर्मचारियों की कोई मॉनीटरिंग नहीं की जा रही है। सैकड़ों कर्मचारी या तो डयूटी से नदारद है या फिर मेला में मौजमस्ती में लगे रहते हैं। कुछ कर्मचारी ही मेले में वीआईपी कैंपस के समतलीकरण के काम में ही लगे दिखाई देते हैं।
24 को होगा कवि सम्मेलन
मेला ककोड़ा। मेले में 24 नवंबर को कवि सम्मेलन का आयोजन होगा। यह गंगा महासभा की ओर से आयोजित होगा। यह जानकारी महासभा राष्ट्रीय मंत्री धीरज सक्सेना ने दी।
मीना बाजार में नहीं लगी है लाइट कादरचौक। मीना बाजार में शाम होते ही अंधेरा छा जाता है। वजह है कि मीना बाजार में अब तक लाइट की व्यवस्था नहीं की गई है।
शराब पर रोक को डीएम से की मांग
कादरचौक। महंत बाबा नन्हें दास ने झंडी और गंगापूजन के दौरान डीएम दिनेश कुमार सिंह को अवगत कराया कि मेले में हर साल शराब की बिक्री काफी होती है। इस साल भी शराब के धंधेबाज सक्रिय हो गए हैं। उस पर कड़ाई के साथ रोक लगवाई जाए। डीएम ने कहा कि हर शराबी पर पुलिस की कड़ी नजर रहेगी। पुलिस प्रशासन को इस बात के निर्देश दिए गए हैं कि शराब पीकर मेले में किसी तरह का हुड़दंग करने वाले के खिलाफ कठोर कार्रवाई करें।
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झंडी और गंगा पूजन के साथ शुक्रवार से मेला ककोड़ा शुरू हो गया। 30 नवंबर तक चलने वाले मेले में दुकानें लगातार बढ़ रहीं हैं। रेत की चादर पर शहर बसने लगा है। हलवाई और मीना बाजार सजने लगा है । मेले में सर्कस के अलावा, मौत का कुंआ, झूला आदि भी लगने शुुरू हो गए हैं। उधर, अधिकतर नल अभी से खराब होने लगे हैं, जिससे श्रद्धालुओं को पीने के पानी को इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। मेले में फ्लड पीएसी की एक बटालियन गंगा के तट पर पहुंच चुकी है।
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एटा से आई फ्लड पीएसी की नावों को अभी तक पेट्रोल उपलब्ध नहीं कराया गया है जिसकी वजह से गंगा में बोट नहीं उतारी जा सकी है। मेन और गंगा तट का गेट भी बनने लगा है। सांस्कृतिक पंडाल भी बनाया जा रहा है। जिला पंचायत एएमए सीपी सिंह राघव का कहना है कि मेले के अंदर जो भी कमियां रह गईं हैं, उन्हें दूर किया जा रहा है।
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बेरीकेडिंग का काम अब तक अधूरा
कादरचौक। गंगा का जलस्तर कम न हो पाने की वजह से बेरीकेडिंग का काम अब तक अधूरा चल रहा है। जिला पंचायत प्रशासन का कहना है कि जल्द ही बेरीकेडिंग का काम पूरा हो जाएगा।
अव्यवस्थाओं से हो रही है दिक्कत
मेला ककोड़ा। यहां अव्यवस्थाएं भी कम नहीं हैं। मेले में अस्पताल तो खुल गया है लेकिन उसमें किसी कर्मचारी को तैनात नहीं किया गया है। न ही एंबुलेंस की व्यवस्था की गई है। वहीं कुछ सफाई कर्मचारी भी मनमानी कर रहे हैं। इसी कारण इंतजामों पर उंगली उठ रही है। सरकारी सेवाएं शुरू नहीं होने का लाभ झोलाछाप डॉक्टर उठाने में लग गए हैं। वहीं मेले में सफाई व्यवस्था को लगाए गए कुछ कर्मचारी मनमानी कर रहे हैं। अपने तरीके से ही वे सफाई कार्य को अंजाम दे रहे हैं। सफाई कर्मचारियों की कोई मॉनीटरिंग नहीं की जा रही है। सैकड़ों कर्मचारी या तो डयूटी से नदारद है या फिर मेला में मौजमस्ती में लगे रहते हैं। कुछ कर्मचारी ही मेले में वीआईपी कैंपस के समतलीकरण के काम में ही लगे दिखाई देते हैं।
24 को होगा कवि सम्मेलन
मेला ककोड़ा। मेले में 24 नवंबर को कवि सम्मेलन का आयोजन होगा। यह गंगा महासभा की ओर से आयोजित होगा। यह जानकारी महासभा राष्ट्रीय मंत्री धीरज सक्सेना ने दी।
मीना बाजार में नहीं लगी है लाइट कादरचौक। मीना बाजार में शाम होते ही अंधेरा छा जाता है। वजह है कि मीना बाजार में अब तक लाइट की व्यवस्था नहीं की गई है।
शराब पर रोक को डीएम से की मांग
कादरचौक। महंत बाबा नन्हें दास ने झंडी और गंगापूजन के दौरान डीएम दिनेश कुमार सिंह को अवगत कराया कि मेले में हर साल शराब की बिक्री काफी होती है। इस साल भी शराब के धंधेबाज सक्रिय हो गए हैं। उस पर कड़ाई के साथ रोक लगवाई जाए। डीएम ने कहा कि हर शराबी पर पुलिस की कड़ी नजर रहेगी। पुलिस प्रशासन को इस बात के निर्देश दिए गए हैं कि शराब पीकर मेले में किसी तरह का हुड़दंग करने वाले के खिलाफ कठोर कार्रवाई करें।