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शिक्षकों ने अब ठाना है-पुरानी पेंशन हर हाल में लागू कराना है
Updated Wed, 23 Aug 2017 11:52 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रांतीय आह्वान पर चल रहे दो दिनी आंदोलन के दूसरे दिन पुरानी पेंशन की बहाली समेत 15 सूत्री मांगों को लेकर शिक्षकों ने जुलूस की शक्ल में कलक्ट्रेट पहुंचकर सिटी मजिस्ट्रेट राजकुमार द्विवेदी को ज्ञापन सौंपा। बड़ी संख्या में पहुंचे शिक्षकों ने ऐलान किया कि सरकार को पुरानी पेंशन बहाल करनी होगी। यदि जल्द ही बहाली का आदेश जारी नहीं किया गया तो शिक्षक समाज सड़कों पर आकर व्यापक स्तर पर आंदोलन को मजबूर होगा।
बीएसए कार्यालय पर हुए धरना-प्रदर्शन को संबोधित करते हुए संघ के जिलाध्यक्ष चंद्रकेश यादव ने कहा कि शिक्षकों की भीड़ इस बात का गवाह है कि सरकार को उनकी मांगों को पूरा करना मजबूरी है। संगठन शिक्षकों की मांगों को पूरा कराने को प्रतिबद्ध है। जिलामंत्री शैलेंद्र सिंह ने कहा कि संगठन पुरानी पेंशन को बहाल कराकर रहेगा। सरकार को इस मुद्दे पर मानवीय दृष्टिकोण रखना चाहिए। क्योंकि पेंशन बुढ़ापे का सहारा होती है। संगठन की यह प्रमुख मांग है।
अन्य वक्ताओं ने कहा कि सरकार ने यदि संघ की लंबित मांगों को जल्द पूरा नहीं किया तो संगठन बड़े स्तर पर आंदोलन को मजबूर होगा। सरकार शिक्षक समाज को कमजोर न समझे। जब-जब शिक्षक समाज सड़क पर उतरा है तब-तब बदलाव की हवा चली है। वक्ताओं ने कहा कि पुरानी पेंशन के मुद्दे पर किसी तरह का समझौता नहीं होगा। यह दो दिवसीय आंदोलन सरकार को चेताने को था। यदि इसके बाद भी सरकार की नींद नहीं टूटी तो पूरे प्रदेश में आंदोलन होगी। इसका अहसास शायद सरकार को नहीं होगा।
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बाद में सभी शिक्षकों ने पुलिस लाइंस चौराहा होते हुए कलक्ट्रेट पर पहुंचकर अपनी सभी मांगों से संबंधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा। धरना-प्रदर्शन में शिक्षक नेता सलमान खान, अशोक बाबूस, पवन यादव, संजीव शर्मा, अनुराग यादव, अरविंद दीक्षित, राजवीर सिंह, मोहम्मद आफाक अहमद, अब्दुल राशिद, सुशील चौधरी, ब्रजेश यादव, उदयवीर सिंह, पंकज शर्मा, राजीव कुमार,सीमाराजन, प्रियंका भारद्वाज, भूपेंद्र सिंह,उजैर, प्रीति, सौरभ, ब्रजेश शर्मा, महेश चंद्र, सुरजीत सिंह, जितेंद्र सिंह, प्रभाकर सक्सेना, ब्रजलाल, नबाव अली आदि थे।
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महिला शिक्षकों की संख्या रही कम
बदायूं। दो दिन चले धरना-प्रदर्शन में महिला शिक्षिकाओं की संख्या कम रही । बता दें कि आंदोलन के लिए जिले भर के शिक्षकों ने सामूहिक अवकाश लिया था। ताकि आंदोलन को सफल बनाया जा सके। महिला शिक्षिकाओं की भीड़ कम रहने को लेकर धरना-स्थल पर चर्चा भी होती रही।
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गुटबाजी का भी दिखा असर
बदायूं। परिषदीय शिक्षकों के आंदोलन में गुटबाजी भी दिखाई दी। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने मांगों को पूरा कराने के लिए सभी से एकजुट होकर आंदोलन में शामिल होने का आह्वान किया था। मगर यहां पर आज भी शिक्षकों में गुटबाजी रही।
बदायूं। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रांतीय आह्वान पर चल रहे दो दिनी आंदोलन के दूसरे दिन पुरानी पेंशन की बहाली समेत 15 सूत्री मांगों को लेकर शिक्षकों ने जुलूस की शक्ल में कलक्ट्रेट पहुंचकर सिटी मजिस्ट्रेट राजकुमार द्विवेदी को ज्ञापन सौंपा। बड़ी संख्या में पहुंचे शिक्षकों ने ऐलान किया कि सरकार को पुरानी पेंशन बहाल करनी होगी। यदि जल्द ही बहाली का आदेश जारी नहीं किया गया तो शिक्षक समाज सड़कों पर आकर व्यापक स्तर पर आंदोलन को मजबूर होगा।
बीएसए कार्यालय पर हुए धरना-प्रदर्शन को संबोधित करते हुए संघ के जिलाध्यक्ष चंद्रकेश यादव ने कहा कि शिक्षकों की भीड़ इस बात का गवाह है कि सरकार को उनकी मांगों को पूरा करना मजबूरी है। संगठन शिक्षकों की मांगों को पूरा कराने को प्रतिबद्ध है। जिलामंत्री शैलेंद्र सिंह ने कहा कि संगठन पुरानी पेंशन को बहाल कराकर रहेगा। सरकार को इस मुद्दे पर मानवीय दृष्टिकोण रखना चाहिए। क्योंकि पेंशन बुढ़ापे का सहारा होती है। संगठन की यह प्रमुख मांग है।
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अन्य वक्ताओं ने कहा कि सरकार ने यदि संघ की लंबित मांगों को जल्द पूरा नहीं किया तो संगठन बड़े स्तर पर आंदोलन को मजबूर होगा। सरकार शिक्षक समाज को कमजोर न समझे। जब-जब शिक्षक समाज सड़क पर उतरा है तब-तब बदलाव की हवा चली है। वक्ताओं ने कहा कि पुरानी पेंशन के मुद्दे पर किसी तरह का समझौता नहीं होगा। यह दो दिवसीय आंदोलन सरकार को चेताने को था। यदि इसके बाद भी सरकार की नींद नहीं टूटी तो पूरे प्रदेश में आंदोलन होगी। इसका अहसास शायद सरकार को नहीं होगा।
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बाद में सभी शिक्षकों ने पुलिस लाइंस चौराहा होते हुए कलक्ट्रेट पर पहुंचकर अपनी सभी मांगों से संबंधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा। धरना-प्रदर्शन में शिक्षक नेता सलमान खान, अशोक बाबूस, पवन यादव, संजीव शर्मा, अनुराग यादव, अरविंद दीक्षित, राजवीर सिंह, मोहम्मद आफाक अहमद, अब्दुल राशिद, सुशील चौधरी, ब्रजेश यादव, उदयवीर सिंह, पंकज शर्मा, राजीव कुमार,सीमाराजन, प्रियंका भारद्वाज, भूपेंद्र सिंह,उजैर, प्रीति, सौरभ, ब्रजेश शर्मा, महेश चंद्र, सुरजीत सिंह, जितेंद्र सिंह, प्रभाकर सक्सेना, ब्रजलाल, नबाव अली आदि थे।
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महिला शिक्षकों की संख्या रही कम
बदायूं। दो दिन चले धरना-प्रदर्शन में महिला शिक्षिकाओं की संख्या कम रही । बता दें कि आंदोलन के लिए जिले भर के शिक्षकों ने सामूहिक अवकाश लिया था। ताकि आंदोलन को सफल बनाया जा सके। महिला शिक्षिकाओं की भीड़ कम रहने को लेकर धरना-स्थल पर चर्चा भी होती रही।
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गुटबाजी का भी दिखा असर
बदायूं। परिषदीय शिक्षकों के आंदोलन में गुटबाजी भी दिखाई दी। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने मांगों को पूरा कराने के लिए सभी से एकजुट होकर आंदोलन में शामिल होने का आह्वान किया था। मगर यहां पर आज भी शिक्षकों में गुटबाजी रही।