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मात्र 10 फीसदी ही बांटे गए स्वेटर, निकली जा रही ठंड
Updated Mon, 22 Jan 2018 01:01 AM IST
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- फोटो : demo
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बदायूं। जिले के परिषदीय विद्यालयों में नि:शुल्क स्वेटर बांटने के लिए शासन ने 31 जनवरी तक का समय दिया है। इसके बावजूद अब तक मात्र 10 प्रतिशत बच्चों तक ही स्वेटर पहुंच पाए हैं। अब इसे अधिकारियों की लापरवाही कहें या फिर कमीशन खोरी का खेल। क्योंकि विद्यालयों में सप्लायर स्वेटर देने की बात कह रहे हैं। फिर भी बच्चों के स्वेटरों की खरीदारी नहीं की जा रही।
मुख्यमंत्री ने प्राइमरी और जूनियर कक्षा में पढ़ने वाले बच्चों के लिए सर्दी में नि:शुल्क स्वेटर वितरण योजना शुरू की थी। शासन से 200 रुपये प्रति स्वेटर के हिसाब से बजट तय किया गया। इसके लिए अधिकतर रुपये विभाग को मिल चुके हैं। आधे से ज्यादा माह यूं ही निकल गया है लेकिन स्वेटर खरीदने की योजना पर खास अमल नहीं किया जा चुका है। जिलेभर में प्राइमरी के दो लाख 44 हजार 535 बच्चे है। वहीं जूनियर में 99 हजार 523 बच्चे है। इन सभी के लिए नि:शुल्क स्वेटर बांटने हैं। इनके खरीदने की जिम्मेदारी विद्यालय प्रबंध समिति को दी गई है।
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कमीनशन भी ठीकठाक नहीं!
जिले के कई एबीएसए और शिक्षक इसलिए स्वेटर नहीं खरीद रहे हैं, क्योंकि उनको खरीद पर ठीक-ठाक कमीशन नहीं मिल रहा है। वहीं अधिकारी व शिक्षक प्रति बच्चे 100 रुपये के हिसाब से कम बजट मिलने और मार्केट में स्वेटर उपलब्ध न होने का बहाना भी बना रहे हैं।
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वर्जन---
सभी विद्यालयों के शिक्षकों व समितियों को स्वेटर वितरण के निर्देश दिए हैं। अधिकतर जगहों पर सप्लायर नहीं मिल पा रहे हैं। इस वजह से कुछ परेशानी हो रही है। अब तक मात्र 10 प्रतिशत स्वेटर का वितरण हो पाया है। कुछ समय में शत प्रतिशत स्वेटरों का वितरण करा दिया जाएगा।
-प्रेमचंद्र यादव, बीएसए
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मुख्यमंत्री ने प्राइमरी और जूनियर कक्षा में पढ़ने वाले बच्चों के लिए सर्दी में नि:शुल्क स्वेटर वितरण योजना शुरू की थी। शासन से 200 रुपये प्रति स्वेटर के हिसाब से बजट तय किया गया। इसके लिए अधिकतर रुपये विभाग को मिल चुके हैं। आधे से ज्यादा माह यूं ही निकल गया है लेकिन स्वेटर खरीदने की योजना पर खास अमल नहीं किया जा चुका है। जिलेभर में प्राइमरी के दो लाख 44 हजार 535 बच्चे है। वहीं जूनियर में 99 हजार 523 बच्चे है। इन सभी के लिए नि:शुल्क स्वेटर बांटने हैं। इनके खरीदने की जिम्मेदारी विद्यालय प्रबंध समिति को दी गई है।
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कमीनशन भी ठीकठाक नहीं!
जिले के कई एबीएसए और शिक्षक इसलिए स्वेटर नहीं खरीद रहे हैं, क्योंकि उनको खरीद पर ठीक-ठाक कमीशन नहीं मिल रहा है। वहीं अधिकारी व शिक्षक प्रति बच्चे 100 रुपये के हिसाब से कम बजट मिलने और मार्केट में स्वेटर उपलब्ध न होने का बहाना भी बना रहे हैं।
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वर्जन---
सभी विद्यालयों के शिक्षकों व समितियों को स्वेटर वितरण के निर्देश दिए हैं। अधिकतर जगहों पर सप्लायर नहीं मिल पा रहे हैं। इस वजह से कुछ परेशानी हो रही है। अब तक मात्र 10 प्रतिशत स्वेटर का वितरण हो पाया है। कुछ समय में शत प्रतिशत स्वेटरों का वितरण करा दिया जाएगा।
-प्रेमचंद्र यादव, बीएसए