{"_id":"5b3a613d4f1c1b6e578b456b","slug":"171530552637-budaun-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मानसून की पहली बारिश में शहर पानी-पानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मानसून की पहली बारिश में शहर पानी-पानी
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बदायूं
Updated Mon, 02 Jul 2018 11:40 PM IST
विज्ञापन
rain havoc
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सोमवार की रात जिले में मानसून ने अपनी दस्तक दे दी। करीब एक घंटे तक हुई वर्षा से शहर में जगह-जगह जलभराव हो गया। पहली मानसूनी बरसात ने पालिका के सफाई के दावों की पोल भी खोल दी। प्राइवेट बस स्टैंड से लेकर रोडवेज तक कीचड़ हो जाने से लोगों का पैदल निकलना भी मुश्किल हो गया। लोग पालिका प्रशासन को कोसते नहीं थक रहे थे। रविवार दिन पहले
मौसम विभाग ने तीन जुलाई तक भारी बारिश की संभावना जताई थी, उसी क्रम में शासन ने उन सभी जिलों को अलर्ट जारी किया। रविवार की दोपहर से ही मौसम ने अपने तेवर बदलने शुरू कर दिए थे, दिनभर उमस भरी गर्मी रही। शाम को बादल छा गए। रात करीब तीन बजे के बाद तेज वर्षा शुरू हो गई। शहर के मोहल्ला नेकपुर, आवास विकास, ब्राह्मपुर, नई सराय, पटियाली सराय, गोपी चौक, मुख्य बाजार की सड़कों पर जलभराव था। काफी देर तक वर्षा का पानी पास नहीं हो पाया। लिहाजा लोगों को आवागमन में दुश्वरियां उठानी पड़ीं। प्राइवेट बस स्टैंड पर सफाई नहीं थी और बरसात हो जाने के बाद वहां पर कीचड़ फैल गई। यह आलम रोडवेज स्टैंड तक रही। लोग कह रहे थे कि यदि पालिका प्रशासन ने पहले से नाले-नालियों की सफाई कराई होती तो शहर में यह नरक नहीं होता।
विज्ञापन
मौसम विभाग ने तीन जुलाई तक भारी बारिश की संभावना जताई थी, उसी क्रम में शासन ने उन सभी जिलों को अलर्ट जारी किया। रविवार की दोपहर से ही मौसम ने अपने तेवर बदलने शुरू कर दिए थे, दिनभर उमस भरी गर्मी रही। शाम को बादल छा गए। रात करीब तीन बजे के बाद तेज वर्षा शुरू हो गई। शहर के मोहल्ला नेकपुर, आवास विकास, ब्राह्मपुर, नई सराय, पटियाली सराय, गोपी चौक, मुख्य बाजार की सड़कों पर जलभराव था। काफी देर तक वर्षा का पानी पास नहीं हो पाया। लिहाजा लोगों को आवागमन में दुश्वरियां उठानी पड़ीं। प्राइवेट बस स्टैंड पर सफाई नहीं थी और बरसात हो जाने के बाद वहां पर कीचड़ फैल गई। यह आलम रोडवेज स्टैंड तक रही। लोग कह रहे थे कि यदि पालिका प्रशासन ने पहले से नाले-नालियों की सफाई कराई होती तो शहर में यह नरक नहीं होता।
विज्ञापन