फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   शहर तक की दौड़, घंटो की लाइन...तब मिलेगी खाद

शहर तक की दौड़, घंटो की लाइन...तब मिलेगी खाद

Tue, 08 Jan 2019 12:40 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 08 Jan 2019 12:40 AM IST
विज्ञापन
शहर तक की दौड़, घंटो की लाइन...तब मिलेगी खाद
फोटो--4,5,6
विज्ञापन

शहर तक की दौड़, घंटो की लाइन...तब मिलेेगी खाद
कई गोदामों पर नहीं पहुंच रही खाद, प्राइवेट दुकानदार उठा रहे फायदा
गांवों से जिला मुख्यालय तक आने में हो रही परेशानी
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं। यूरिया की कमी के चलते किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोग समितियों के लगातार चक्कर लगा रहे हैं पर वहां किसानों को खाद नहीं मिल पा रही है। इस वजह से किसान प्राइवेट दुकानों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। इससे उन्हें जहां आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है, वहीं उन्हें खाद भी अच्छी क्वालिटी की नहीं मिल पा रही है।
जिले में कुछ अधिकारियों, कर्मचारियों और ठेकेदारों की मिलीभगत से हुए खाद के तीन करोड़ रुपये के घोटाले का सीधा असर अन्नदाताओं पर देखने को मिल रहा है। वे इन दिनों सोसायटी के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। जिले में अधिकतर गोदामों पर यूरिया नहीं मिल पा रही है। इस वजह से अन्नदाता गांवों से भागकर सुबह जिला मुख्यालय पर स्थित इफको के किसान सेवा केंद्र पहुंच रहे हैं। यहां पर घंटों लाइन में लगने के बाद में उसे बमुश्किल लिमिट में खाद के कट्टे मिल पा रहे हैं। जो जरूरत के हिसाब से कम है। किसानों का कहना है कि प्राइवेट में जो कट्टे खरीद रहे हैं वे 350 रुपये का है। उसकी भी क्वालिटी ठीक नहीं है। इस तरह एक कट्टे पर उन्हें 50 रुपये अतिरिक्त देने पड़ रहे हैं।
विज्ञापन

------------------
खाद के कट्टों के साथ खरीदनी पड़ रही दवाएं
ककराला रोड पर स्थित इफको किसान सेवा केंद्र से किसानों को एक ओर यूरिया खाद के कट्टे देकर राहत दी जा रही है। वहीं उन खाद के कट्टों के साथ में एजोटोबैक्टर और फास्टोबैक्टीरिया (तरल जैव उर्वरकों) को अलग से दिया जा रहा है। उसके नहीं लेने पर किसानों को खाद के कट्टे नहीं दिए जा रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

---------------------
महिलाएं भी पहुंचने लगी खाद लेेने
जिले में खाद का संकट होने की वजह से घरों से बाहर निकलकर महिलाएं भी मजबूरन खाद के केंद्रों पर कट्टे लेने पहुंची रही है। एक काउंटर होने की वजह से भी खाद के कट्टे लेने में महिलाओं को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।
-----------------------
यूरिया के कट्टे लेने के लिए हुई धक्कामुक्की
सोमवार को यूरिया के कट्टे जिला मुख्यालय स्थित इफको केंद्र पर मिलने की सूचना पर लोगों ने उस ओर की दौड़ लगानी शुरू कर दी। कार्यालय खुलने के पहले वहां पर किसानों की काफी लंबी लाइन लग गई थी। ऐसे में खाद पहले लेने को लेकर लोगों में धक्कामुक्की भी हो गई। कुछ किसानों का आरोप था कि कर्मचारी साठगांठ कर अंदर से कुछ लोगों को कट्टे दे रहे हैं।
---------------
बोले किसान
फसलों को हो रहा नुकसान
फोटो-7-
खाद समय पर न मिलने से फसलों को नुकसान हो रहा है। सुबह आकर लाइन में लगते हैं लेकिन खाद नहीं मिल पाती हैं। तीन दिनों से लाइन में लगना पड़ रहा है इससे काफी परेशानी आ रही है।
-अंसार, लोहाठेर
---
दवा लेना किसानों की मजबूरी
फोटो-8
शहर में खाद लेने आना पड़ रहा है। इस समय गेहूं की फसल में खाद का छिड़काव करना जरूरी है। लाइन में लगने से कामकाज प्रभावित हो रहा है। वहीं खाद के साथ में दवाएं अलग से खरीदनी मजबूरी बन गई है।
-नरेंद्र यादव, कुलचौरा
----
लाइन में लगने पर भी नहीं मिला कट्टा
फोटो-9
पिछले दो दिनों से यूरिया को लेकर लाइन में लगना पड़ रहा है, सुबह-सुबह ठंड में गांव से यहां तक आने में समय लगता है। जब तक पहुंचे, तब तक लंबी लाइन लग चुकी थी। ऐसे में खाद नहीं मिल सकी। मजबूरी है, अब और जल्दी आएंगे।
-श्यामवीर, हरेंडी
----
बढ़ने चाहिए काउंटर
फोटो-10
खाद की आपूर्ति के लिए शहर मेें बिक्री काउंटर बढ़ाने की जरूरत है। एक ही काउंटर पर खाद मिल रही है। किसानों को फसलों के लिए पर्याप्त खाद नहीं मिलने से गेहूं, सरसों की फसल खराब हो रही है।

-यशवीर, कुलचौरा
--------------------------------------------
जिले में जनवरी माह में करीब 21120 मीट्रिक टन यूरिया की जरूरत पड़ती है। बिक्री के बाद अब भी स्टॉक में करीब 5600 मीट्रिक टन यूनिया है। खाद घोटाले की वजह से पीसीएफ के कुछ केंद्र बंद है, उस वजह से उन जगहों पर खाद नहीं मिल रही। बाकी अन्य जगह खाद दी जा रही है।
-विनोद कुमार, जिला कृषि अधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed