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पाठ्य सामग्री तो दूर बच्चों को एमडीएम तक नहीं हो रहा नसीब

Tue, 03 Jul 2018 11:40 PM IST
Updated Tue, 03 Jul 2018 11:40 PM IST
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पाठ्य सामग्री तो दूर बच्चों को एमडीएम तक नहीं हो रहा नसीब
फोटो -14 से 17
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औचक निरीक्षण में कबूलपुरा के दोनों स्कूल मिले बंद
बच्चों को पाठ्य सामग्री तो दूर एमडीएम तक नहीं हो रहा नसीब
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूूं। ग्रीष्मावकाश से पूर्व शासन ने परिषदीय विद्यालयों में बच्चों की शत-प्रतिशत उपस्थिति का आदेश दिया था। स्कूल खुलने के पहले दिन बच्चों को किताबें, यूनिफार्म और बैग बांटे जाने थे। मगर शासन की मंशा पर बारिश ने पानी फेर दिया। गर्मी की छुट्टी के बाद पहले दिन सोमवार को बारिश की वजह से 40 प्रतिशत ही बच्चे स्कूल पहुंचे थे। सोमवार रात में दोबारा शुरू हुई बारिश मंगलवार सुबह को देर तक होती रही। इससे पंजीकृत 344535 के सापेक्ष 57 फीसदी बच्चे स्कूूल पहुंचे। स्कूलों में बच्चों की संख्या कम होने से शिक्षक स्कूलों में आराम फरमाते नजर आए।
शासन ने परिषदीय विद्यालयों में एमडीएम बनाने के निर्देश दे रखे हैं। मगर मंगलवार को अफसरों के आदेश पर विभागीय कर्मचारियों की टीम शहर के कबूलपूरा मोहल्ला स्थित प्राथमिक विद्यालय नंबर एक और दो में पहुंची तो वहां ताला लटका मिला। इसके बाद टीम लालपुल, ऊपरपारा व नाहर खां सराय के प्राथमिक विद्यालय गई। वहां बच्चों की संख्या कम होने पर एमडीएम नहीं बनाया गया था। प्रधानाध्यापक से इस बाबत पूछा गया तो उन्होंने चुप्पी साध ली।
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तो कैसे होगा बैग वितरण का लक्ष्य पूर्ण
शासन की ओर से विभाग को एक लाख 910 बैग बच्चों को वितरित करने के लिए दिए गए थे। इनको पहले दिन ही बच्चों को बैग वितरित कर लक्ष्य पूर्ण करना था, लेकिन बारिश की वजह से बच्चे स्कूल नही पंहुच रहे हैं जिस कारण यह लक्ष्य पूर्ण होने में लंबा वक्त लग सकता है। अब तक 30 हजार बैग ही बच्चों को मिलें हैं।
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वर्जन
टीम की ओर से शहर के छह स्कूलों का औचक निरीक्षण करने का आदेश दिया था। टीम ने बताया कि दो विद्यालयों पर ताला लटका मिला है। चार विद्यालयों में एमडीएम नहीं बनाया गया। यह घोर निराशाजनक है। संबंधित प्रधानाध्यापकों व शिक्षकों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
-राममूरत, कार्यवाहक बीएसए।
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