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बुक किया था सेलफोन, डिब्बे में निकली मूर्ति
Updated Sat, 19 Aug 2017 10:03 AM IST
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उझानी (बदायूं)।
बसोमा गांव का रामकिशोर ऑनलाइन ठगी का शिकार हो गया। उसने एक स्कीम के तहत सेलफोन खरीदने के लिए ऑनलाइन बुकिंग की। डाक से उसके पास जो डिब्बा पहुंचा उसे खोलते ही वह मत्था पीटने लगा। डिब्बे में सेलफोन नहीं, बल्कि लक्ष्मी जी की मूर्ति थी।
ठगी का शिकार रामकिशोर कोतवाली क्षेत्र के गांव बसोमा का निवासी है। पिछले दिनों उसने सेलफोन खरीदने के लिए ऑनलाइन बुकिंग की। कंपनी की ओर से कहा गया कि सेलफोन उसके नाम और पते पर डाक से पहुंचेगा। हुआ तो ऐसा ही, डाकिया जब बसोमा पहुंचा तो रामकिशोर ने पार्सल की रकम के रूप में चार हजार रुपये चुकता कर दिए। पार्सल छुड़ाने की अभिलेखीय औपचारिकताएं भी उससे मौके पर ही पूरी करा ली। डाकिये के जाने के बाद रामकिशोर डिब्बा खोलते ही दंग रह गया। डिब्बे में सेलफोन नहीं बल्कि लक्ष्मी की मूर्ति थी। रामकिशोर ने बताया, उसने कंपनी के नंबरों पर संपर्क साधा। कॉल करने पर कोई नतीजा सामने नहीं आने पर वह शुक्रवार को कोतवाली पहुंचा। उसने पुलिस को तहरीर सौंपकर पूरे मामले से अवगत करा दिया। बाद में उसने पोस्ट ऑफिस जाकर पार्सल के बारे में जानकारी की। रामकिशोर की माने तो डाक कर्मियों ने उसे बताया है कि ऐसे ही चार-पांच और डिब्बे भी आए हैं, फिलहाल उन्हें संबंधित लोगों के पास नहीं भेजा गया है।
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बसोमा गांव का रामकिशोर ऑनलाइन ठगी का शिकार हो गया। उसने एक स्कीम के तहत सेलफोन खरीदने के लिए ऑनलाइन बुकिंग की। डाक से उसके पास जो डिब्बा पहुंचा उसे खोलते ही वह मत्था पीटने लगा। डिब्बे में सेलफोन नहीं, बल्कि लक्ष्मी जी की मूर्ति थी।
ठगी का शिकार रामकिशोर कोतवाली क्षेत्र के गांव बसोमा का निवासी है। पिछले दिनों उसने सेलफोन खरीदने के लिए ऑनलाइन बुकिंग की। कंपनी की ओर से कहा गया कि सेलफोन उसके नाम और पते पर डाक से पहुंचेगा। हुआ तो ऐसा ही, डाकिया जब बसोमा पहुंचा तो रामकिशोर ने पार्सल की रकम के रूप में चार हजार रुपये चुकता कर दिए। पार्सल छुड़ाने की अभिलेखीय औपचारिकताएं भी उससे मौके पर ही पूरी करा ली। डाकिये के जाने के बाद रामकिशोर डिब्बा खोलते ही दंग रह गया। डिब्बे में सेलफोन नहीं बल्कि लक्ष्मी की मूर्ति थी। रामकिशोर ने बताया, उसने कंपनी के नंबरों पर संपर्क साधा। कॉल करने पर कोई नतीजा सामने नहीं आने पर वह शुक्रवार को कोतवाली पहुंचा। उसने पुलिस को तहरीर सौंपकर पूरे मामले से अवगत करा दिया। बाद में उसने पोस्ट ऑफिस जाकर पार्सल के बारे में जानकारी की। रामकिशोर की माने तो डाक कर्मियों ने उसे बताया है कि ऐसे ही चार-पांच और डिब्बे भी आए हैं, फिलहाल उन्हें संबंधित लोगों के पास नहीं भेजा गया है।
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