Budaun News: कल्लिया काजमपुर गांव में 160 लोग बुखार से पीड़ित, पांच में मलेरिया की पुष्टि
कल्लिया काजमपुर में चार दिनों में तीन लोगों की मौत के बाद सोमवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम तो गांव पहुंची। स्वास्थ्य शिविर लगाकर ग्रामीणों की जांच की। गांव में 160 से अधिक बुखार के मरीज मिले हैं।
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बदायूं के कुंवरगांव क्षेत्र के कल्लिया काजमपुर गांव में बुखार से तीन लोगों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा 160 से अधिक लोग बुखार से पीड़ित हैं। पांच लोगों में मलेरिया की पुष्टि हुई है। गांव के हर तीसरे घर के लोग बीमार है। इसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने गांव में शिविर लगाकर मरीजों को दवाएं दी हैं।
मौसम में आए बदलाव के बाद कल्लिया काजमपुर गांव के कई लोग वायरल फीवर के शिकार हो गए। ग्रामीणों ने बताया कि हर तीसरे घर का कोई न कोई बुखार से पीड़ित है। बच्चों और बुजुर्गों की हालत सबसे ज्यादा खराब है। गांव में दवा छिड़काव और फॉगिंग न होने से लोगों में गहरी नाराजगी है।
ग्रामीणों का आरोप है कि समय रहते स्वास्थ्य महकमा सक्रिय नहीं हुआ। इससे हालात बिगड़ गए। वहीं सफाई व्यवस्था भी ज्यादा बेहतर नहीं है। बुधवार को यहां पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मरीजों को तत्काल दवा उपलब्ध कराई और गांव में ओआरएस, क्लोरोक्विन, पैरासिटामोल सहित अन्य दवाएं बांटीं।
साथ ही गांव में स्वच्छता और मच्छरों से बचाव के लिए लोगों को जागरूक किया गया। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि गांव में लगातार निगरानी रखी जाएगी और संदिग्ध मरीजों की पहचान कर समय पर उपचार किया जाएगा। वहीं गांव में मलेरिया की टीम ने दवा का छिड़काव भी किया।
ग्रामीणों में दहशत
कल्लिया काजमपुर गांव में फैली बीमारी को लेकर दहशत का माहौल है। तीन मौतों के बाद लोग भयभीत हैं और कई परिवार अपने बच्चों को रिश्तेदारों के यहां भेजने की तैयारी में हैं। गांव की ब्रह्म देवी, फूलवती का कहना है तीन मौतों के बाद में टीम है। हम तो अपने बच्चों को कुछ दिन के लिए बाहर भेजने की तैयारी कर रहे हैं।
तीन झोलाछाप की दुकानें रहीं बंद, बैनर भी उतारे
कल्लिया काजमपुर में तीन झोलाछाप अभी तक गांव में घर-घर जाकर इलाज कर रहे थे। जब उनको पता चला कि बुधवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम आ रही तो वह अपनी दुकान बंद करके भाग गए। यहां तक की वह दुकानों के बाहर चस्पा बैनर तक उखाड़ दिए हैं।
चार दिनों में तीन की मौत के बाद गांव पहुंची टीम, खानापूर्ति कर लौटे
कल्लिया काजमपुर में चार दिनों में तीन लोगों की मौत के बाद सोमवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम तो गांव पहुंची। घर-घर बुखार से लोग कराह रहे हैं। सोमवार को टीम ने प्राथमिक विद्यालय परिसर में शिविर लगाकर 160 मरीजों की जांच की और उन्हें दवाइयां दीं। स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि वहां कोई गंभीर मरीज नहीं मिला। ग्रामीणों के अनुसार बड़ी संख्या में लोग ऐसे हैं जो बिस्तर से उठने लायक भी नहीं हैं।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने घर-घर जाकर स्थिति का जायजा नहीं लिया। मरीजों के हालात लगातार बिगड़ रहे हैं। कई घरों में एक साथ दो-दो लोग बीमार हैं। हाल ही में हुई भारी बारिश के बाद जगह-जगह जलभराव और गंदगी फैली है, जिससे मच्छरों का प्रकोप बढ़ा है और संक्रमण तेजी से फैल रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि मौत होने के बाद ही विभाग की टीम गांव में आई और अब भी केवल खानापूर्ति करके लौट गई।
छह-सात दिन से बुखार आ रहा है। प्राइवेट डॉक्टर से दवा ली, लेकिन फायदा नहीं हुआ। आज कैंप में दवा लेने आया हूं। टीम गांव में घर-घर जांच करने नहीं गई। - हेतराम, बुखार से पीड़ित
गांव में जगह-जगह पानी भरा है और गंदगी फैली है। पिता प्रेमपाल सिंह कई दिनों से बुखार से उठ नहीं पा रहे थे। टीम एक जगह बैठी रही, मजबूरी में उन्हें खटिया से उठाकर शिविर तक ले गया। - संजीव कुमार, ग्रामीण
तीन दिन से बुखार है। उम्मीद थी कि टीम घर तक आएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। हालत खराब होने की वजह से शिविर तक नहीं जा पाई, इसलिए सरकारी जांच भी नहीं हो सकी। - प्रेमवती, बुखार से पीड़ित
ठंड के साथ तेज बुखार आ रहा है। दवा खाने पर हल्की राहत मिलती है, लेकिन हाथ-पैर में बिल्कुल दम नहीं है। ऐसे में शिविर तक नहीं पहुंच सका और मेरी जांच भी नहीं हो पाई। - कल्लू, बुखार से पीड़ित