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प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के सात हजार परिवार अपात्र घोषित

Sat, 08 Sep 2018 11:52 PM IST
Updated Sat, 08 Sep 2018 11:52 PM IST
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प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के सात हजार परिवार अपात्र घोषित
प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के सात हजार परिवार अपात्र घोषित
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2011 में आर्थिक और सामाजिक गणना कर बनाई गई थी पात्रता सूची
शासन ने भेजी लिस्ट तो मचा हड़कंप, अधिकारियों ने दिए अपात्रों के नाम काटने के निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं। केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत ग्रामीणों को आवास बनाने के लिए अनुदान दिया जाता है। इसके लिए शासन की ओर से 2011 में सर्वे कराया गया। इसके तहत बनाई गई सेक सूची जिले के 23 हजार परिवारों को शामिल किया गया था। पात्रता सूची बनने के बाद लाभार्थियों को अनुदान राशि नहीं दी गई। इसका इंतजार करने के बाद लोगों ने अपनी जरूरत के हिसाब से घरों में कुछ निर्माण करा लिया। प्रदेश में सरकार बदलने के बाद शासन ने दोबारा सर्वे कराया गया। दोबारा हुए सर्वे में सेक सूची के 7069 परिवार अपात्र घोषित कर दिए गए। अब इन गरीबों को अनुदान राशि नहीं मिल पाएगी।
केंद्र सरकार ने जून 2015 में प्रधानमंत्री आवास योजना चालू की थी। इसके तहत गांवों में रहने वाले गरीबों को आवास बनाने के लिए अनुदान दिया जाता है। शासन स्तर पर प्रदेश में दोबारा सर्वे कराया गया। इमसें तीन लाख लोग अपात्र मिले। इनमें बदायूं में 7069 लोगों के नाम सामने आए जो अपात्र निकले। इसके लिए शासन की ओर से जिलास्तरीय अधिकारी को ऐसे अपात्र लोगों के नाम कटाने के निर्देश दिए गए।
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दरअसल, 2011 में आर्थिक और सामाजिक गणना की गई। उस दौरान सूची में ऐसे लोगों के नाम शामिल किए गए, जिनके पास में पक्के आवास नहीं थे। वह अपना गुजारा यूं ही कर रह थे लेकिन राजनीतिक हस्तक्षेप और धन उगाही के चलते सूची में कई ऐसे लोगों के नाम जोड़ लिए गए, जो इस श्रेणी में नहीं आते हैं। ऐसे में कई पात्र लोग भी योजनाओं का लाभ पाने से वंचित हो गए। ऐसे में जब पात्र लोगों ने सूची में अपना नाम नहीं पाकर शिकायत करना शुरू कर दिया। जिसके बाद में शासन स्तर से मामले को गंभीर मानते हुए सूची की जांच गोपनीय रूप से कराई। जब यह सर्वे दोबारा हुआ तो पता चला कि प्रदेश भर में करीब तीन लाख से अधिक लोग अपात्र हैं। जिन्हें इस सूची में शामिल किया गया था। इसमें बदायूं जिले में भी 7069 लोग अपात्र पाए गए। शासन से इसकी सूची भेजी गई। इससे अधिकारी, कर्मचारियों ने हड़कंप मच गया। शासन से मिले निर्देशों के बाद में फौरन ऐसे नामों को काटने का काम शुरू कर दिया।
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कादरचौक-1117
दातागंज-923
समरेर-798
म्यॉऊ-699
सालारपुर-602
जगत-565
अंबियापुर-513
उसावां-483
बिसौली-333
दहगवां-259
उझानी-210
आसफपुर:194
सहसवान-148
वजीरगंज-116
इस्लामनगर-109

वर्जन
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शासन स्तर से नाम हटाने के निर्देश मिले थे। उनके अनुसार नामों को हटाया जा रहा है।
-राम सिंह, पीडी डीआरडीए

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