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बच्चों से विद्यालय में लगवाई जा रही झाडू
Updated Fri, 15 Sep 2017 05:51 PM IST
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आसफपुर। प्राथमिक और उच्च विद्यालयों को खुले करीब तीन महीने का समय बीत गया है, लेकिन आज तक अधिकांश विद्यालय बिना सफाई कर्मचारी के चल रहे हैं। इस वजह से स्कूली बच्चों को हाथों में झाड़ू पकड़नी पड़ रही है। जबकि जिला पंचायत राज विभाग की ओर से गांव में तैनात सफाई कर्मचारी को सफाई करने के निर्देश दिए हैं। लेकिन विद्यालयों में सफाई नहीं हो रही है।
सरकार भले ही स्वच्छ और निर्मल भारत बनाने का सपना देख रही हो, लेकिन सरकारी महकमों में इसका असर देखने को नहीं मिल रहा है। सबसे बुरा हाल जिले के बेसिक विद्यालयों का है। क्षेत्र के गांव दूंदपुर के सरकारी विद्यालय में बच्चों को पढ़ाई से पहले झाड़ू लगानी पड़ती है। विद्यालय में बने शौचालयों को हाल भी बेहद बुरा है। इस कारण विद्यालय स्टॉफ समेत बच्चों को खुले में शौच के लिए जाना पड़ रहा है। यही हाल गांव नगला जेत के विद्यालय का है। यहां पर शौचालय टूट है। वहीं बच्चे मिड डे मील खाने के लिए वर्तन खुद ही साफ करने पड़ते हैं।
खंड शिक्षा अधिकारी सिद्दीक अहमद का कहना है कि कई महीनों से इन स्कूलों का निरीक्षण नहीं किया गया है। बच्चों से सफाई कराई जा रही है। तो वह गलत है। जांच में अगर ऐसा पाया तो स्टॉफ के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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सरकार भले ही स्वच्छ और निर्मल भारत बनाने का सपना देख रही हो, लेकिन सरकारी महकमों में इसका असर देखने को नहीं मिल रहा है। सबसे बुरा हाल जिले के बेसिक विद्यालयों का है। क्षेत्र के गांव दूंदपुर के सरकारी विद्यालय में बच्चों को पढ़ाई से पहले झाड़ू लगानी पड़ती है। विद्यालय में बने शौचालयों को हाल भी बेहद बुरा है। इस कारण विद्यालय स्टॉफ समेत बच्चों को खुले में शौच के लिए जाना पड़ रहा है। यही हाल गांव नगला जेत के विद्यालय का है। यहां पर शौचालय टूट है। वहीं बच्चे मिड डे मील खाने के लिए वर्तन खुद ही साफ करने पड़ते हैं।
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खंड शिक्षा अधिकारी सिद्दीक अहमद का कहना है कि कई महीनों से इन स्कूलों का निरीक्षण नहीं किया गया है। बच्चों से सफाई कराई जा रही है। तो वह गलत है। जांच में अगर ऐसा पाया तो स्टॉफ के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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