आरोपी को अस्पताल से जमानत देने पर इंस्पेक्टर उझानी कोर्ट में तलब

geetesh jollygeetesh jolly Updated Fri, 25 Jan 2019 08:18 PM IST
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बदायूं। प्रभारी डीजीसी साधना शर्मा हत्याकांड में आरोपी पीसी शर्मा की पत्नी कमलेश शर्मा को बरेली के निजी अस्पताल से जमानत देने पर इंस्पेक्टर उझानी विनोद कुमार फंस गए हैं। सीजेएम अमरजीत ने मामले को गंभीरता से लेते हुए इंस्पेक्टर को 29 जनवरी को व्यक्तिगत तौर पर कोर्ट में हाजिर होने का आदेश दिया है। यह भी पूछा है कि हत्या जैसे जघन्य अपराध में आरोपी को किस अधिकार के तहत उन्होंने जमानत दी है।
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प्रभारी डीजीसी साधना शर्मा की 23 मई 2016 को हत्या कर दी गई थी। इस मामले में पीसी शर्मा, उनकी पत्नी कमलेश शर्मा आदि को आरोपी बनाया गया था। आरोपी कमलेश ने न्यायालय में एक प्रार्थना पत्र देकर रिपोर्ट तलब कराने की याचना की थी, जिसमें उसने कहा था कि इंस्पेक्टर उझानी ने उसके अस्वस्थ होने पर बरेली के एक निजी अस्पताल से ही हिरासत में लेकर वहीं पर जमानत दे दी थी। मृतका की बहन अधिवक्ता विपर्णा गौड़ ने इंस्पेक्टर की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि इंस्पेक्टर उझानी ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल होने के बाद कमलेश शर्मा को जेल जाने से बचाने के लिए षड्यंत्र के तहत बिना कानूनी प्रक्रिया अपनाए तीन जनवरी को अस्पताल से ही जमानत दे दी थी। वादिनी के प्रार्थना पत्र पर संज्ञान लेते हुए इंस्पेक्टर विनोद कुमार को 29 जनवरी को कोर्ट में तलब किया है। सीजेएम ने इंस्पेक्टर को जारी नोटिस में यह भी कहा है कि उनका यह फैसला आश्चर्यजनक है।
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