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अंतरा इंजेक्शन, छाया टेबलेट करेगी प्रजनन दर पर काबू
Updated Wed, 02 Aug 2017 11:58 PM IST
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बदायूं। जिले की तेजी से बढ़ रही जनसंख्या पर सरकार की नजरें टिक गई हैं। परिवार कल्याण विभाग की ओर से प्रजनन दर को नियंत्रित करने के लिए जिले में अंतरा-छाया योजना शुरू की गई है। गौर करने वाली बात यह है कि प्रदेश के जिन सात जिलों में जनसंख्या तेजी से बढ़ रही है, उनमें एक बदायूं भी है। सीएमओ डॉ. नेमी चंद्रा ने जिला महिला अस्पताल में योजना का शुभारंभ किया।
उत्तर प्रदेश की जन्मदर 2.6 जबकि बदायूं की जन्मदर 3.9 प्रतिशत है। इस हालात में जनसंख्या तेजी से बढ़ने का खतरा बना हुआ था। इसको देखते हुए सरकार ने अधिक प्रजनन दर वाले सूबे के सात जिलों में जन्मदर पर काबू करने के लिए यह अंतरा-छाया योजना शुरू की है। योजना के तहत महिलाओं को तीन माह में एक बार अंतरा नाम का इंजेक्शन लगाया जाएगा और सप्ताह में एक बार खाने के लिए छाया नाम की टेबलेट दी जाएगी। फिलहाल तो यह इंजेक्शन और टेबलेट जिला महिला अस्पताल में ही उपलब्ध हैं, लेकिन जल्द ही इंजेक्शन और टेबलेट जिले के सभी महिला अस्पतालों के साथ सीएचसी और पीएचसी पर भी उपलब्ध होंगे। जिला महिला अस्पताल में योजना के शुभारंभ के दौरान एसीएमओ डॉ. नरेंद्र कुमार, महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. रेखा रानी और अंतरा-छाया योजना की टेक्निकल सपोर्ट यूनिट भी मौजूद रही। सीएमओ डॉ. नेमी चंद्रा ने बताया कि योजना शुरू हो गई है।
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उत्तर प्रदेश की जन्मदर 2.6 जबकि बदायूं की जन्मदर 3.9 प्रतिशत है। इस हालात में जनसंख्या तेजी से बढ़ने का खतरा बना हुआ था। इसको देखते हुए सरकार ने अधिक प्रजनन दर वाले सूबे के सात जिलों में जन्मदर पर काबू करने के लिए यह अंतरा-छाया योजना शुरू की है। योजना के तहत महिलाओं को तीन माह में एक बार अंतरा नाम का इंजेक्शन लगाया जाएगा और सप्ताह में एक बार खाने के लिए छाया नाम की टेबलेट दी जाएगी। फिलहाल तो यह इंजेक्शन और टेबलेट जिला महिला अस्पताल में ही उपलब्ध हैं, लेकिन जल्द ही इंजेक्शन और टेबलेट जिले के सभी महिला अस्पतालों के साथ सीएचसी और पीएचसी पर भी उपलब्ध होंगे। जिला महिला अस्पताल में योजना के शुभारंभ के दौरान एसीएमओ डॉ. नरेंद्र कुमार, महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. रेखा रानी और अंतरा-छाया योजना की टेक्निकल सपोर्ट यूनिट भी मौजूद रही। सीएमओ डॉ. नेमी चंद्रा ने बताया कि योजना शुरू हो गई है।
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