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हर बार बच जाते हैं खून का खेल करने वाले
Updated Sun, 09 Dec 2018 07:11 PM IST
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हर बार बच जाते हैं खून का खेल करने वाले !
मरीज को एक्सपायर्ड खून बेचने के मामले में अभी कोई जांच नहीं, अफसर छुट्टी पर
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं। जिला अस्पताल में खून का खेल जारी है। पिछले दिनों जिला अस्पताल के एक संविदा कर्मचारी ने एक यूनिट ब्लड सात हजार रुपये में बेचा था। फिर खून देने को लेकर ब्लड बैंक में हंगामा हुआ। अब ब्लड बैंक से एक्सपायर्ड खून देने का मामला सामने आया है। इधर, विभाग के अधिकारियों ने किसी मामले को गंभीरता से नहीं लिया है। आरोपी कर्मचारी पर कार्रवाई करने के बजाय चेतावनी देकर छोड़ दिया जाता है। एक्सपायर्ड खून देने के मामले में भी सीएमएस और सीएमओ गंभीर नहीं है। अति संवेदनशील मामला होने के बावजूद अफसर छुट्टी पर होने की बात कहकर मामले को दबाने की कोशिश में हैं।
जिला अस्पताल में ब्लड बैंक द्वारा मरीज को एक्सपायर्ड खून देने का मामला शुक्रवार शाम प्रकाश में आया था। अलापुर थाना क्षेत्र के ग्राम नवादा निवासी 20 वर्षीय दुष्यंत पुत्र नेत्रपाल का पांच दिसंबर को शहर के गुड्डो लॉन के सामने एक्सीडेंट हो गया था, जिससे उसके पैर में फ्रैक्चर हो गया था। इस पर परिवार वालों ने उसे भर्ती कराया था। हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. रियाज अंसारी ने मरीज को ब्लड चढ़ाने की बात कही थी। इस पर परिवार वालों ने एक यूनिट ब्लड का इंतजाम किया। शुक्रवार शाम वह ब्लड को लेकर इमरजेंसी में बैठे ईएमओ डॉ. नितिन कुमार सिंह के पास पहुंचे, जहां डॉक्टर एक्सपायरी डेट देखकर हैरान रह गए। खून एक्सपायर्ड हो चुका था। उन्होंने खून चढ़ाने से साफ मना कर दिया। उनके कहने पर परिवार वाले वही ब्लड लेकर ब्लड बैंक पहुंचे, जहां एक कर्मचारी ने एक्सपायरी डेट छह दिसंबर को आठ दिसंबर कर दिया। इस पर परिवार वालों ने एक यूनिट ब्लड डोनेट करके सही ब्लड का और इंतजाम कर लिया तब कहीं मरीज को दूसरा ब्लड चढ़ाया गया।
यह खबर उसी समय धीरे-धीरे फैल गई, मामला स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों तक पहुंचा। यह और बात है कि अब तक इस मामले में जांच के निर्देश नहीं दिए गए हैं।
वर्जन---
आज हम इस मामले को नहीं देख पाए। क्योंकि रविवार था। कल सोमवार को इस मामले की जांच शुरू कराएंगे। तभी कुछ कहा जा सकता है।
-डॉ. मंजीत सिंह, प्रभारी सीएमओ
--------------
मामला मेरे संज्ञान में है। इसकी जांच होगी और कार्रवाई भी होगी। अभी मैं एक वैवाहिक कार्यक्रम में आया हूं। सोमवार को अस्पताल पहुंचता हूं तभी कोई कार्रवाई की जाएगी।
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-डॉ. उदयवीर सिंह, प्रभारी सीएमएस, जिला अस्पताल
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मरीज को एक्सपायर्ड खून बेचने के मामले में अभी कोई जांच नहीं, अफसर छुट्टी पर
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं। जिला अस्पताल में खून का खेल जारी है। पिछले दिनों जिला अस्पताल के एक संविदा कर्मचारी ने एक यूनिट ब्लड सात हजार रुपये में बेचा था। फिर खून देने को लेकर ब्लड बैंक में हंगामा हुआ। अब ब्लड बैंक से एक्सपायर्ड खून देने का मामला सामने आया है। इधर, विभाग के अधिकारियों ने किसी मामले को गंभीरता से नहीं लिया है। आरोपी कर्मचारी पर कार्रवाई करने के बजाय चेतावनी देकर छोड़ दिया जाता है। एक्सपायर्ड खून देने के मामले में भी सीएमएस और सीएमओ गंभीर नहीं है। अति संवेदनशील मामला होने के बावजूद अफसर छुट्टी पर होने की बात कहकर मामले को दबाने की कोशिश में हैं।
जिला अस्पताल में ब्लड बैंक द्वारा मरीज को एक्सपायर्ड खून देने का मामला शुक्रवार शाम प्रकाश में आया था। अलापुर थाना क्षेत्र के ग्राम नवादा निवासी 20 वर्षीय दुष्यंत पुत्र नेत्रपाल का पांच दिसंबर को शहर के गुड्डो लॉन के सामने एक्सीडेंट हो गया था, जिससे उसके पैर में फ्रैक्चर हो गया था। इस पर परिवार वालों ने उसे भर्ती कराया था। हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. रियाज अंसारी ने मरीज को ब्लड चढ़ाने की बात कही थी। इस पर परिवार वालों ने एक यूनिट ब्लड का इंतजाम किया। शुक्रवार शाम वह ब्लड को लेकर इमरजेंसी में बैठे ईएमओ डॉ. नितिन कुमार सिंह के पास पहुंचे, जहां डॉक्टर एक्सपायरी डेट देखकर हैरान रह गए। खून एक्सपायर्ड हो चुका था। उन्होंने खून चढ़ाने से साफ मना कर दिया। उनके कहने पर परिवार वाले वही ब्लड लेकर ब्लड बैंक पहुंचे, जहां एक कर्मचारी ने एक्सपायरी डेट छह दिसंबर को आठ दिसंबर कर दिया। इस पर परिवार वालों ने एक यूनिट ब्लड डोनेट करके सही ब्लड का और इंतजाम कर लिया तब कहीं मरीज को दूसरा ब्लड चढ़ाया गया।
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यह खबर उसी समय धीरे-धीरे फैल गई, मामला स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों तक पहुंचा। यह और बात है कि अब तक इस मामले में जांच के निर्देश नहीं दिए गए हैं।
वर्जन---
आज हम इस मामले को नहीं देख पाए। क्योंकि रविवार था। कल सोमवार को इस मामले की जांच शुरू कराएंगे। तभी कुछ कहा जा सकता है।
-डॉ. मंजीत सिंह, प्रभारी सीएमओ
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मामला मेरे संज्ञान में है। इसकी जांच होगी और कार्रवाई भी होगी। अभी मैं एक वैवाहिक कार्यक्रम में आया हूं। सोमवार को अस्पताल पहुंचता हूं तभी कोई कार्रवाई की जाएगी।
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-डॉ. उदयवीर सिंह, प्रभारी सीएमएस, जिला अस्पताल