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Budaun News: 12 लाख खर्च, फिर भी 18 गांवों में डेंगू-मलेरिया के बाद खसरा फैल गया
Sun, 04 Oct 2026 01:13 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
Updated Sun, 04 Oct 2026 01:13 AM IST
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बदायूं। संक्रामक बीमारियों की रोकथाम के लिए अप्रैल-जुलाई में स्वास्थ्य विभाग ने 12 लाख रुपये खर्च किए, बावजूद इसके गांवों में संक्रामक बीमारियों का फैलाव नहीं थमा। अब डेंगू से दो महिलाओं की मौत हो चुकी है और 40 से ज्यादा मरीज संक्रमित हो चुके हैं। इसके साथ ही 650 मलेरिया मरीज सामने आ चुके हैं। अब खसरे ने भी कई गांवों में दस्तक दे दी है। संक्रामक रोगों के फैलने को लेकर स्वास्थ्य विभाग की ओर से गांव-गांव चलाए गए संचारी रोग अभियान पर सवाल उठ रहे हैं। आशाओं के भरोसे अभियान छोड़कर अफसर एसी कमरों से बाहर नहीं निकले। यही कारण है कि 18 से अधिक गांवों में डेंगू-मलेरिया और खसरे फैल गया।
जिले में डेंगू-मलेरिया का सबसे ज्यादा असर जगत ब्लॉक क्षेत्र में दिखाई दे रहा है। यहां पिछले दिनों डेंगू से एक महिला की मौत हो गई। बीबीपुर, मीरापुर, कैली, मुडिया सतासी, नैथु, भूड़ा भदरौल, जरौली, भूंडी, गूरा बरेला, हर्रे नगला, रसूलपुर, नवलपुर, मानपुर, वीर सहाय नगला, हैदलपुर, अंबियापुर, रसूलपुर कला, फकीराबाद और नझियाई समेत कई गांवों में बुखार, डेंगू व मलेरिया के मरीज सामने आ रहे हैं।
हालत यह है कि एक से 31 अप्रैल तक चलाए गए दस्तक अभियान पर छह लाख रुपये से ज्यादा खर्च होने के बावजूद कई गांवों में न तो समय से एंटी लार्वा का छिड़काव हुआ और न नियमित फाॅगिंग। अब 12 अक्तूबर से फिर दस्तक अभियान शुरू करने की तैयारी स्वास्थ्य विभाग ने शुरू कर दी है। ग्रामीणों के मुताबिक कई जगह बीमारी फैलने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग की टीम समय से नहीं पहुंची।
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अभियान में इसलिए खर्च की गई थी धनराशि
- दस्तक अभियान का उद्देश्य घर-घर पहुंचकर बुखार और संक्रामक बीमारी के मरीजों की पहचान करना, उन्हें उपचार उपलब्ध कराना और मच्छरों के प्रजनन स्थलों को खत्म करना है, इसीलिए अप्रैल में इस अभियान पर छह लाख रुपये से ज्यादा खर्च किए गए। इसके बावजूद बारिश के बाद मच्छरों का प्रकोप बढ़ा और कई गांवों में डेंगू-मलेरिया के मरीज मिलने लगे। बीबीपुर के अशोक, सोनू, मोहन का आरोप है कि गांव में समय से सफाई नहीं कराई गई, जिसकी वजह से गंदगी बढ़ती चली गई। वहीं गांव में एंटी लार्वा का छिड़काव और फाॅगिंग समय से नहीं कराई गई।
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1.10 लाख बच्चों के टीकाकरण का लक्ष्य
- स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले में खसरे से बचाव के लिए जिले में शून्य से एक वर्ष तक के करीब 1.10 लाख बच्चों के टीकाकरण का लक्ष्य रखा है। अप्रैल से सितंबर तक छह माह में करीब 55 हजार बच्चों का टीकाकरण किया जाना था। सितंबर क लगभग 89 प्रतिशत बच्चों को टीका लगाया जा चुका है। इसके बावजूद खसरे के मामले सामने आने पर विभाग के टीकाकरण पर सवाल उठ गए हैं।
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वर्जन-
- स्वास्थ्य टीमें लगातार काम रह रही हैं। जहां भी बुखार फैलने की जानकारी होती है। टीम को भेजा जा रहा है। खसरे का टीका बच्चों को लगाया जा रहा है, जनपद में टीकाकरण की स्थिति ठीक है।
-डॉ. विकास शर्मा, सीएमओ
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जिले में डेंगू-मलेरिया का सबसे ज्यादा असर जगत ब्लॉक क्षेत्र में दिखाई दे रहा है। यहां पिछले दिनों डेंगू से एक महिला की मौत हो गई। बीबीपुर, मीरापुर, कैली, मुडिया सतासी, नैथु, भूड़ा भदरौल, जरौली, भूंडी, गूरा बरेला, हर्रे नगला, रसूलपुर, नवलपुर, मानपुर, वीर सहाय नगला, हैदलपुर, अंबियापुर, रसूलपुर कला, फकीराबाद और नझियाई समेत कई गांवों में बुखार, डेंगू व मलेरिया के मरीज सामने आ रहे हैं।
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हालत यह है कि एक से 31 अप्रैल तक चलाए गए दस्तक अभियान पर छह लाख रुपये से ज्यादा खर्च होने के बावजूद कई गांवों में न तो समय से एंटी लार्वा का छिड़काव हुआ और न नियमित फाॅगिंग। अब 12 अक्तूबर से फिर दस्तक अभियान शुरू करने की तैयारी स्वास्थ्य विभाग ने शुरू कर दी है। ग्रामीणों के मुताबिक कई जगह बीमारी फैलने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग की टीम समय से नहीं पहुंची।
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अभियान में इसलिए खर्च की गई थी धनराशि
- दस्तक अभियान का उद्देश्य घर-घर पहुंचकर बुखार और संक्रामक बीमारी के मरीजों की पहचान करना, उन्हें उपचार उपलब्ध कराना और मच्छरों के प्रजनन स्थलों को खत्म करना है, इसीलिए अप्रैल में इस अभियान पर छह लाख रुपये से ज्यादा खर्च किए गए। इसके बावजूद बारिश के बाद मच्छरों का प्रकोप बढ़ा और कई गांवों में डेंगू-मलेरिया के मरीज मिलने लगे। बीबीपुर के अशोक, सोनू, मोहन का आरोप है कि गांव में समय से सफाई नहीं कराई गई, जिसकी वजह से गंदगी बढ़ती चली गई। वहीं गांव में एंटी लार्वा का छिड़काव और फाॅगिंग समय से नहीं कराई गई।
1.10 लाख बच्चों के टीकाकरण का लक्ष्य
- स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले में खसरे से बचाव के लिए जिले में शून्य से एक वर्ष तक के करीब 1.10 लाख बच्चों के टीकाकरण का लक्ष्य रखा है। अप्रैल से सितंबर तक छह माह में करीब 55 हजार बच्चों का टीकाकरण किया जाना था। सितंबर क लगभग 89 प्रतिशत बच्चों को टीका लगाया जा चुका है। इसके बावजूद खसरे के मामले सामने आने पर विभाग के टीकाकरण पर सवाल उठ गए हैं।
वर्जन-
- स्वास्थ्य टीमें लगातार काम रह रही हैं। जहां भी बुखार फैलने की जानकारी होती है। टीम को भेजा जा रहा है। खसरे का टीका बच्चों को लगाया जा रहा है, जनपद में टीकाकरण की स्थिति ठीक है।
-डॉ. विकास शर्मा, सीएमओ