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चालकों की संविदा समाप्त, स्टेशन प्रभारी और परिचालक को क्लीनचिट
Updated Tue, 24 Oct 2017 12:03 AM IST
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बदायूं। अलापुर-सखानू मार्ग पर बदायूं डिपो की दो बसों की आमने-सामने भिड़ंत मामले में जांच रिपोर्ट के आधार पर एआरएम ने बस चालकों की संविदा समाप्त कर दी। स्टेशन प्रभारी और परिचालक को क्लीनचिट मिली है।
नौ सितंबर की रात दिल्ली से जलालाबाद जाने के लिए निकली बदायूं डिपो बस सुबह चार बजे अलापुर-सखानू के बीच जलालाबाद से चलकर बदायूं की ओर से आ रही बस से टकरा गई। हादसे में चालक प्रेमपाल, देवेंद्र सहित एक दर्जन से अधिक यात्री घायल हो गए थे। इसमें अधिकारियों को घायलों ने बताया था कि दिल्ली से चलने वाली बस का चालक देवेंद्र बस में सो रहा था और परिचालक राम कुमार तेज गती से बस चल रहा था। इस कारण बस अनियंत्रित होकर टकरा गई थी। स्टेशन प्रभारी रामपाल की ओर से अलापुर थाने में घटना की तहरीर दी गई। इसमें दिल्ली से लौट रही बस के चालक देवेंद्र को बचाने का प्रयास किया गया। बस का संचालन दिल्ली से न दिखाकर बदायूं से दिखाया गया था। ऐसा इसलिए किया गया था क्योंकि बदायूं से बस का संचालन होने पर चालक को नींद नहीं आने की बात साबित हो सके। वहीं एआरएम राजेश कुमार का कहना है कि इस प्रकरण की जांच रिपोर्ट मिलने पर चालक प्रेमपाल और देवेंद्र की संविदा समाप्त कर दी गई है। एआरएम की मानें तो परिचालक और स्टेशन प्रभारी की लापरवाही के कोई सबूत नहीं मिले हैं। वहीं निगम के अधिकारी का दावा है कि परिचालक और स्टेशन प्रभारी को बचाने में डिपो स्तर से खेल हुआ है। स्टेशन प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं हुई इसका जवाब अधिकारियों पर भी नहीं है।
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नौ सितंबर की रात दिल्ली से जलालाबाद जाने के लिए निकली बदायूं डिपो बस सुबह चार बजे अलापुर-सखानू के बीच जलालाबाद से चलकर बदायूं की ओर से आ रही बस से टकरा गई। हादसे में चालक प्रेमपाल, देवेंद्र सहित एक दर्जन से अधिक यात्री घायल हो गए थे। इसमें अधिकारियों को घायलों ने बताया था कि दिल्ली से चलने वाली बस का चालक देवेंद्र बस में सो रहा था और परिचालक राम कुमार तेज गती से बस चल रहा था। इस कारण बस अनियंत्रित होकर टकरा गई थी। स्टेशन प्रभारी रामपाल की ओर से अलापुर थाने में घटना की तहरीर दी गई। इसमें दिल्ली से लौट रही बस के चालक देवेंद्र को बचाने का प्रयास किया गया। बस का संचालन दिल्ली से न दिखाकर बदायूं से दिखाया गया था। ऐसा इसलिए किया गया था क्योंकि बदायूं से बस का संचालन होने पर चालक को नींद नहीं आने की बात साबित हो सके। वहीं एआरएम राजेश कुमार का कहना है कि इस प्रकरण की जांच रिपोर्ट मिलने पर चालक प्रेमपाल और देवेंद्र की संविदा समाप्त कर दी गई है। एआरएम की मानें तो परिचालक और स्टेशन प्रभारी की लापरवाही के कोई सबूत नहीं मिले हैं। वहीं निगम के अधिकारी का दावा है कि परिचालक और स्टेशन प्रभारी को बचाने में डिपो स्तर से खेल हुआ है। स्टेशन प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं हुई इसका जवाब अधिकारियों पर भी नहीं है।
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