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शेखूपुर चीनी मिल में घटतौली पर भड़के किसानों ने किया हंगामा
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शेखूपुर (बदायूं)। एक ओर केंद्र सरकार किसानों की हालत सुधारने की कोशिश कर रही है तो वहीं सरकारी मशीनरी सरकार की मंशा पर पानी फेरने में लगी है। कुछ इसी तरह का मामला शेखूपुर चीनी मिल में सामने आया। आरोप है कि यहां किसानों के गन्ना तुलाई में घटतौली की जा रही है। सोमवार सुबह घटतौली देखकर किसान भड़क गए और उन्होंने मिल परिसर में हंगामा कर दिया। बाद में जैसे-तैसे उन्हें समझाबुझाकर शांत किया गया। इसके बावजूद दोपहर तक गन्ने की तौल नहीं हो सकी।
सोमवार सुबह क्षेत्र के अनेक किसान ट्रैक्टर-ट्रॉली से अपना गन्ना लेकर द किसान सहकारी चीनी मिल शेखूपुर पहुंचे। किसानों के मुताबिक गन्ना तुलवाने के लिए उन्होंने ट्रैक्टर ट्रॉली लाइन में लगा दिए। पहले नंबर पर सिविल लाइंस क्षेत्र के ग्राम दहेमी निवासी रघुराज सिंह थे। उनकी ट्रॉली में 112 क्विंटल गन्ना था लेकिन चीनी मिल के धर्मकांटे पर पांच क्विंटल गन्ना कम हो गया। यह देख उन्होंने हंगामा कर दिया। इस पर मिल कर्मचारी उनसे उलझ गए। घटतौली देख बाकी किसान भी कर्मचारियों के खिलाफ उतर आए और उन्होंने मिल परिसर में प्रदर्शन शुरू कर दिया और तुलाई करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। हंगामा और नारेबाजी देखकर मिल के जीएम वीरेंद्र सिंह मौके पर पहुंच गए। उन्होंने किसानों को शांत करने का प्रयास किया और मामले की जानकारी जुटाई। इस पर धर्मकांटा ऑपरेटर ने उन्हें बताया कि बटन गलत दब गया था, जिससे गन्ना कम तुल गया। इस पर किसान और ज्यादा भड़क गए तथा कार्रवाई की मांग करने लगे। किसानों ने कहा कि यह एक दिन का मामला नहीं है। आए दिन घटतौली हो रही है। इससे किसानों को घाटा हो रहा है। ऐसे में किसान बचत तो दूर गन्ने की लागत तक नहीं निकाल पा रहे हैं। दोपहर तक मिल में हंगामा चलता रहा। तब तक गन्ने की तुलाई नहीं हो सकी। इससे किसानों में बेहद आक्रोश है। उन्होंने डीएम से कार्रवाई की मांग की। जीएम ने बताया कि किसानों की समस्या सामने आई थी। उन्हें समझाया गया है। कोशिश की जाएगी कि किसानों को कोई परेशानी न हो।
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किसानों ने बयां किया दर्द
शेखूपुर चीनी मिल में घटतौली कोई पहली बार नहीं हुई है। इससे पहले भी कई बार घटतौली की शिकायत आई है। वह तो हमने पहले ही अपना गन्ना तुलवा लिया था। इससे हमें पता चल गया है कि पांच क्विंटल गन्ना कम कर दिया।
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- रघुराज सिंह, दहेमी
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चीनी मिल ने इंडेंट को पूरी तरह से खत्म कर दिया है। किसी भी किसान को इंडेंट नहीं दिया जा रहा है। ऐसे में किसान लुट रहे हैं। मिल को सोचना चाहिए, और किसानों को उनका हक देना चाहिए। जिला प्रशासन भी इस ओर ध्यान दे तो शायद किसानों का भला हो सके।
- धर्मेंद्र सिंह, नगला शर्की
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यहां मुख्य समस्या पर्ची की है। किसानों को समय पर पर्ची मिलती रहे तो वे अपना गन्ना तुलवा सकते हैं। अब उन लोगों के नाम पर्ची काट दी जाती है, जो वास्तव में इसके हकदार नहीं है। जिन किसानों का गन्ना बकाया है, उनको पर्ची मिलनी चाहिए।
- अजीत, गुराई
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जिला प्रशासन को घटतौली पर सख्त कदम उठाना चाहिए। अगर ऐसा ही चलता रहा तो किसान कहीं के नहीं रहेंगे। वे लुटते रहेेंगे और यह लूटते रहेंगे। किसान का भला नहीं होने वाला।
- लोकपाल, अब्दुल्लागंज
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सोमवार सुबह क्षेत्र के अनेक किसान ट्रैक्टर-ट्रॉली से अपना गन्ना लेकर द किसान सहकारी चीनी मिल शेखूपुर पहुंचे। किसानों के मुताबिक गन्ना तुलवाने के लिए उन्होंने ट्रैक्टर ट्रॉली लाइन में लगा दिए। पहले नंबर पर सिविल लाइंस क्षेत्र के ग्राम दहेमी निवासी रघुराज सिंह थे। उनकी ट्रॉली में 112 क्विंटल गन्ना था लेकिन चीनी मिल के धर्मकांटे पर पांच क्विंटल गन्ना कम हो गया। यह देख उन्होंने हंगामा कर दिया। इस पर मिल कर्मचारी उनसे उलझ गए। घटतौली देख बाकी किसान भी कर्मचारियों के खिलाफ उतर आए और उन्होंने मिल परिसर में प्रदर्शन शुरू कर दिया और तुलाई करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। हंगामा और नारेबाजी देखकर मिल के जीएम वीरेंद्र सिंह मौके पर पहुंच गए। उन्होंने किसानों को शांत करने का प्रयास किया और मामले की जानकारी जुटाई। इस पर धर्मकांटा ऑपरेटर ने उन्हें बताया कि बटन गलत दब गया था, जिससे गन्ना कम तुल गया। इस पर किसान और ज्यादा भड़क गए तथा कार्रवाई की मांग करने लगे। किसानों ने कहा कि यह एक दिन का मामला नहीं है। आए दिन घटतौली हो रही है। इससे किसानों को घाटा हो रहा है। ऐसे में किसान बचत तो दूर गन्ने की लागत तक नहीं निकाल पा रहे हैं। दोपहर तक मिल में हंगामा चलता रहा। तब तक गन्ने की तुलाई नहीं हो सकी। इससे किसानों में बेहद आक्रोश है। उन्होंने डीएम से कार्रवाई की मांग की। जीएम ने बताया कि किसानों की समस्या सामने आई थी। उन्हें समझाया गया है। कोशिश की जाएगी कि किसानों को कोई परेशानी न हो।
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किसानों ने बयां किया दर्द
शेखूपुर चीनी मिल में घटतौली कोई पहली बार नहीं हुई है। इससे पहले भी कई बार घटतौली की शिकायत आई है। वह तो हमने पहले ही अपना गन्ना तुलवा लिया था। इससे हमें पता चल गया है कि पांच क्विंटल गन्ना कम कर दिया।
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- रघुराज सिंह, दहेमी
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चीनी मिल ने इंडेंट को पूरी तरह से खत्म कर दिया है। किसी भी किसान को इंडेंट नहीं दिया जा रहा है। ऐसे में किसान लुट रहे हैं। मिल को सोचना चाहिए, और किसानों को उनका हक देना चाहिए। जिला प्रशासन भी इस ओर ध्यान दे तो शायद किसानों का भला हो सके।
- धर्मेंद्र सिंह, नगला शर्की
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यहां मुख्य समस्या पर्ची की है। किसानों को समय पर पर्ची मिलती रहे तो वे अपना गन्ना तुलवा सकते हैं। अब उन लोगों के नाम पर्ची काट दी जाती है, जो वास्तव में इसके हकदार नहीं है। जिन किसानों का गन्ना बकाया है, उनको पर्ची मिलनी चाहिए।
- अजीत, गुराई
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जिला प्रशासन को घटतौली पर सख्त कदम उठाना चाहिए। अगर ऐसा ही चलता रहा तो किसान कहीं के नहीं रहेंगे। वे लुटते रहेेंगे और यह लूटते रहेंगे। किसान का भला नहीं होने वाला।
- लोकपाल, अब्दुल्लागंज