Budaun News: श्रद्धालुओं को रोडवेज की 106 बसें ले जाएंगी ककोड़ा मेला, परिवहन निगम ने किए विशेष इंतजाम
बदायूं के ककोड़ा मेले में इस बार यात्रियों की सहूलियत के लिए रोडवेज की ओर से विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। परिवहन निगम ने मेले में आने-जाने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए डिपो की 106 बसों को चलाने का निर्णय लिया है।
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बदायूं के कादरचौक में ककोड़ा मेले के लिए परिवहन निगम ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। कोशिश की जा रही है कि डिपो की हर बस मेले का एक चक्कर अवश्य लगाए, इसके बाद ही आगे रवाना हो। वहीं मेले में इतनी बड़ी संख्या में बसों के संचालन से दूसरे स्थानीय रूटों पर बसें कम चलने की आशंका है। हालांकि अधिकारियों का दावा है कि किसी भी रूट के यात्रियों को परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
मिनी कुंभ कहे जाने वाले प्रसिद्ध ककोड़ा मेले में इस बार यात्रियों की परिवहन सुविधा के लिए रोडवेज की ओर से विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। निगम प्रशासन ने मेले में आने-जाने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए डिपो की 106 बसों को सेवा में लगाने का निर्णय लिया है। इन बसों का रूट चार्ट ऐसा तैयार किया जा रहा है कि अन्य किसी रूट के यात्रियों को परेशानी न हो।
इन रूटों पर चलेंगी बसें
एआरएम राजेश पाठक ने बताया कि बसों को एक चक्कर में लगाकर अपने निर्धारित रूट पर भेजा जाएगा। इससे मेले में आने-जाने वाले लोगों को भी दिक्कत नहीं होगी और अन्य रूटों के यात्रियों को भी परेशानी नहीं होगी। परिवहन निगम ने तय किया है कि 10 बसें दो से दस नवंबर तक नियमित संचालित होंगी। बाकी बसें पहला चक्कर मेले का लगाकर दिल्ली, मुरादाबाद, बरेली, कासगंज, अलीगढ़, बिल्सी, शाहजहांपुर, मेरठ, लखनऊ, कौशांबी आदि रूटों पर जाएंगी। यह बस मेले की अवधि में प्रतिदिन एक चक्कर अवश्य लगाएगी।
एआरएम राजेश पाठक ने बताया कि बदायूं से ककोड़ा मेले तक का किराया निर्धारित करने की प्रक्रिया चल रही है। आज डीएम की बैठक के बाद किराए की सूची सार्वजनिक की जाएगी। इस व्यवस्था का उद्देश्य यह है कि मेले में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को सुरक्षित, सुलभ और किफायती परिवहन सुविधा उपलब्ध हो सके।
मेले में पहुंचते हैं लाखों श्रद्वालु
ककोड़ा मेला क्षेत्र में प्रतिवर्ष लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। इस दौरान निजी वाहनों के कारण यातायात दबाव और जाम की स्थिति भी उत्पन्न हो जाती है। रोडवेज की ओर से लगाई जा रही अतिरिक्त बसें इस दबाव को काफी हद तक कम करेंगी और लोगों को आसानी से मेला स्थल तक पहुंचने में मदद मिलेगी।
तीन से पांच नवंबर तक मेले में रहेगी काफी भीड़
चार नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा है। जिले से लेकर अन्य प्रदेशों तक के श्रद्धालु तीन नवंबर की शाम तक मेले में अवश्य पहुंच जाएंगे, जो सुबह में गंगा स्नान करेंगे। इस रात मेले में लाखों की संख्या में श्रद्धालु जुटते हैं। इन दिनों परिवहन निगम की विशेष व्यवस्था रहेगी। इस पर विचार विमर्श किया जा रहा है।
निजी वाहनों की रहेगी भीड़
रोडवेज बस के साथ ही लोग निजी वाहनों से भी मेले में पहुंचेगे। वाहनों को मेले से एक किलोमीटर दूर ही छोड़ना पड़ सकता है। क्योंकि मेले तक पहुंचने में लोगाें को चार से पांच घंटे जाम से जूझना पड़ सकता है। जाम की स्थिति ठीक रह इसके लिए जगह जगह पुलिस व यातायात कर्मियों को भी तैनात किया गया
एआरएम राजेश पाठक ने बताया कि मेले में आने-जाने वालों को किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होने दी जाएगी। रोडवेज की 106 बसें मेले का एक चक्कर लगाकर ही अपने रूट पर भेजी जाएंगी। किराया जल्द ही सार्वजनिक कर दिया जाएगा। दस बसें नियमित संचालित होती रहेंगी। दो दिन ही भीड़ अधिक रहती है। फिर भी दस नवंबर तक यात्रियों के हिसाब से बसों का संचालन होता रहेगा।