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मेला ककोड़ा से दुकानें उखड़ीं, औपचारिक घोषणा आज
Updated Thu, 29 Nov 2018 07:55 PM IST
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मेला ककोड़ा समाप्त होने की औपचारिक घोषणा आज
गंगा घाट से ककोड़ा वन देवी मंदिर ले जाई जाएगी झंडी
अमर उजाला ब्यूरो
मेला ककोड़ा (बदायूं)। पतित पावनी मां गंगा के घाट पर लगने वाला मिनी कुंभ मेला ककोड़ा लगभग पूरी तरह उखड़ चुका है। गुरुवार देर शाम तक दुकानदार अपना सामान गाड़ियों में भरकर ले जाते रहे। हालांकि मेले के समापन की घोषणा शुक्रवार को गंगाघाट से झंडी ककोड़ वन देवी मंदिर ले जाने के साथ होगी।
ऐतिहासिक मेला ककोड़ा 16 नवंबर को ककोड़ वन देवी मंदिर से झंडी गंगाघाट लाने के साथ शुरू हुआ था। करीब एक सप्ताह मेला ककोड़ में श्रद्धालुओं जमकर भीड़ रही। मेला पहुंचे लोगों ने खूब खरीदारी और मौज मस्ती की। मगर कल्पवासियों के चले जाने के बाद मेला धीरे-धीरे उखड़ने लगा। मेला ककोड़ा लगने की अवधि 30 नवंबर है, जो शुक्रवार को समाप्त हो जाएगी। मेले में लगी दुकानें उखड़ चुकी हैं। अब केवल खेल तमाशों का सामान बचा है। मेला कोतवाली भी शुक्रवार तक रहेगी। पुलिस के चले जाने पर सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं रहेगा। गुरुवार को दिन में जो दुकानें रही उन पर लोगों ने जरूरत का सामान खरीदा।
शुक्रवार को जिला पंचायत वाले गंगाघाट मेला स्थल पर लगी झंडी ककोड़ वन देवी ले जाकर स्थापित करेंगे। गंगाघाट से झंडी जाने के साथ ही मेला खत्म होने की घोषणा कर दी जाएगी।
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गंगा घाट से ककोड़ा वन देवी मंदिर ले जाई जाएगी झंडी
अमर उजाला ब्यूरो
मेला ककोड़ा (बदायूं)। पतित पावनी मां गंगा के घाट पर लगने वाला मिनी कुंभ मेला ककोड़ा लगभग पूरी तरह उखड़ चुका है। गुरुवार देर शाम तक दुकानदार अपना सामान गाड़ियों में भरकर ले जाते रहे। हालांकि मेले के समापन की घोषणा शुक्रवार को गंगाघाट से झंडी ककोड़ वन देवी मंदिर ले जाने के साथ होगी।
ऐतिहासिक मेला ककोड़ा 16 नवंबर को ककोड़ वन देवी मंदिर से झंडी गंगाघाट लाने के साथ शुरू हुआ था। करीब एक सप्ताह मेला ककोड़ में श्रद्धालुओं जमकर भीड़ रही। मेला पहुंचे लोगों ने खूब खरीदारी और मौज मस्ती की। मगर कल्पवासियों के चले जाने के बाद मेला धीरे-धीरे उखड़ने लगा। मेला ककोड़ा लगने की अवधि 30 नवंबर है, जो शुक्रवार को समाप्त हो जाएगी। मेले में लगी दुकानें उखड़ चुकी हैं। अब केवल खेल तमाशों का सामान बचा है। मेला कोतवाली भी शुक्रवार तक रहेगी। पुलिस के चले जाने पर सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं रहेगा। गुरुवार को दिन में जो दुकानें रही उन पर लोगों ने जरूरत का सामान खरीदा।
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शुक्रवार को जिला पंचायत वाले गंगाघाट मेला स्थल पर लगी झंडी ककोड़ वन देवी ले जाकर स्थापित करेंगे। गंगाघाट से झंडी जाने के साथ ही मेला खत्म होने की घोषणा कर दी जाएगी।
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