{"_id":"5b8831cf42c792463f794fb5","slug":"101535652303-budaun-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पुरानी पेंशन बहाल हो नहीं तो सरकारी विभागों में होगी तालाबंदी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पुरानी पेंशन बहाल हो नहीं तो सरकारी विभागों में होगी तालाबंदी
Updated Thu, 30 Aug 2018 11:35 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फोटो- 20, 25, 31, 33, 39
‘पुरानी पेंशन बहाल हो, नहीं तो तालाबंदी’
- ट्रेजरी और सदर तहसील कार्यालय पर जारी रहा सरकारी कर्मचारियों का धरना
- केंद्र और प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर पेंशन बहाली की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं। पुरानी पेंशन की बहाली के मुद्दे पर शिक्षक, कर्मचारी अब कुछ भी सुनने को तैयार नहीं हैं। तीन दिवसीय कार्य बहिष्कार के दूसरे दिन गुरुवार को जिले भर में शिक्षकों ने तहसील और ट्रेजरी पर धरना प्रदर्शन के जरिए सरकार को साफ शब्दों में चेतावनी दे डाली। वक्ताओं ने कहा कि बुढ़ापे की लाठी हासिल करने को वह अब किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं। वह जिन्हें संसद में चुनकर भेजते हैं, उन्हें वहां से दूर रखने की भी ताकत रखते हैं। सरकार के खिलाफ इस अहम मांग का लेकर जोरदार नारेबाजी की। शुक्रवार को जिला मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन किया जाएगा।
यहां तहसील सदर परिसर में आयोजित प्रदर्शन में प्राथमिक शिक्षक संघ जगत शाखा के अध्यक्ष संजीव शर्मा ने कहा कि पुरानी पेंशन सरकारी कर्मचारियों का हक है। इसको हर हाल में बहाल क रना पड़ेगा। बोले हर शिक्षक को अपने हक की लड़ाई के लिए आगे आना होगा। कभी-कभी हक मांगने से नहीं बल्कि छीनने से मिलता है।
पुरानी पेंशन बहाली मंच के जिलाध्यक्ष चंद्रकेश यादव ने कहा कि शिक्षक हो चाहे अन्य सरकारी कर्मचारी। वह अपने कार्यकाल में पूरी लगन से कार्य करता है। सेवानिवृत्त होने के बाद पेंशन ही उसका सहारा बनती है। साफ तौर पर कह सकते हैं कि पेंशन ही बुढ़ापे का सहारा है। इस मौके पर प्रेमप्रकाश पांडेय, रविंद्र मोहन सक्सेना, प्रियंका खन्ना, ममता रानी, श्वेता गुप्ता, प्रतिभा सिंह व गिरधारी सिंह, सुरेंद्र सिंह, आफाक अहमद, मोरध्वज, मदन मुरारी गुप्ता, राजीव कुमार, कुसुम पाल सिंह व अरविंद कुमार सागर आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
रुदायन। नेहरू इंटर कॉलेज में पुरानी पेंशन बहाली को लेकर जारी कार्य बहिष्कार दूसरे दिन भी जारी रहा। शिक्षकों ने बांह पर काली पट्टी बांध कर नई पेंशन स्कीम का विरोध किया।
प्रधानाचार्य आलोक कुमार, हरि शंकर त्रिपाठी, बृजकिशोर, आदेश शर्मा, शराफ़त समीर, अमित शर्मा,सुरेंद्र शर्मा, महेंद्र पाल,हितेश चंद्र, आशीष, इंद्रपाल, मंजू आदि मौजूद रहे।
बिसौली। पुरानी पेंशन बहाली मंच की ओर से गुरुवार को तहसील परिसर स्थित श्री शिव मंदिर में धरना दिया गया। कायर्क्रम का व्यवस्थापक राजस्व अमीन संघ और उप्र प्राथमिक शिक्षक संघ की सहभागिता रही। पेंशन बहाली मंच के तहसील अध्यक्ष अशोक बाबू शर्मा, देवेंद्र गुप्ता, मधुकर उपाध्याय, अनुज शर्मा, विनोद यादव, कौशल सक्सेना, संजीव यादव, नौशाद अली, उमेश गंगवार, शोभित यादव आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
‘पुरानी पेंशन बहाल हो, नहीं तो तालाबंदी’
- ट्रेजरी और सदर तहसील कार्यालय पर जारी रहा सरकारी कर्मचारियों का धरना
- केंद्र और प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर पेंशन बहाली की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं। पुरानी पेंशन की बहाली के मुद्दे पर शिक्षक, कर्मचारी अब कुछ भी सुनने को तैयार नहीं हैं। तीन दिवसीय कार्य बहिष्कार के दूसरे दिन गुरुवार को जिले भर में शिक्षकों ने तहसील और ट्रेजरी पर धरना प्रदर्शन के जरिए सरकार को साफ शब्दों में चेतावनी दे डाली। वक्ताओं ने कहा कि बुढ़ापे की लाठी हासिल करने को वह अब किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं। वह जिन्हें संसद में चुनकर भेजते हैं, उन्हें वहां से दूर रखने की भी ताकत रखते हैं। सरकार के खिलाफ इस अहम मांग का लेकर जोरदार नारेबाजी की। शुक्रवार को जिला मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन किया जाएगा।
यहां तहसील सदर परिसर में आयोजित प्रदर्शन में प्राथमिक शिक्षक संघ जगत शाखा के अध्यक्ष संजीव शर्मा ने कहा कि पुरानी पेंशन सरकारी कर्मचारियों का हक है। इसको हर हाल में बहाल क रना पड़ेगा। बोले हर शिक्षक को अपने हक की लड़ाई के लिए आगे आना होगा। कभी-कभी हक मांगने से नहीं बल्कि छीनने से मिलता है।
विज्ञापन
पुरानी पेंशन बहाली मंच के जिलाध्यक्ष चंद्रकेश यादव ने कहा कि शिक्षक हो चाहे अन्य सरकारी कर्मचारी। वह अपने कार्यकाल में पूरी लगन से कार्य करता है। सेवानिवृत्त होने के बाद पेंशन ही उसका सहारा बनती है। साफ तौर पर कह सकते हैं कि पेंशन ही बुढ़ापे का सहारा है। इस मौके पर प्रेमप्रकाश पांडेय, रविंद्र मोहन सक्सेना, प्रियंका खन्ना, ममता रानी, श्वेता गुप्ता, प्रतिभा सिंह व गिरधारी सिंह, सुरेंद्र सिंह, आफाक अहमद, मोरध्वज, मदन मुरारी गुप्ता, राजीव कुमार, कुसुम पाल सिंह व अरविंद कुमार सागर आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
रुदायन। नेहरू इंटर कॉलेज में पुरानी पेंशन बहाली को लेकर जारी कार्य बहिष्कार दूसरे दिन भी जारी रहा। शिक्षकों ने बांह पर काली पट्टी बांध कर नई पेंशन स्कीम का विरोध किया।
प्रधानाचार्य आलोक कुमार, हरि शंकर त्रिपाठी, बृजकिशोर, आदेश शर्मा, शराफ़त समीर, अमित शर्मा,सुरेंद्र शर्मा, महेंद्र पाल,हितेश चंद्र, आशीष, इंद्रपाल, मंजू आदि मौजूद रहे।
बिसौली। पुरानी पेंशन बहाली मंच की ओर से गुरुवार को तहसील परिसर स्थित श्री शिव मंदिर में धरना दिया गया। कायर्क्रम का व्यवस्थापक राजस्व अमीन संघ और उप्र प्राथमिक शिक्षक संघ की सहभागिता रही। पेंशन बहाली मंच के तहसील अध्यक्ष अशोक बाबू शर्मा, देवेंद्र गुप्ता, मधुकर उपाध्याय, अनुज शर्मा, विनोद यादव, कौशल सक्सेना, संजीव यादव, नौशाद अली, उमेश गंगवार, शोभित यादव आदि मौजूद रहे।