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जोरदार धमाका और आग का गोला बन गई कार

Updated Mon, 15 Jan 2018 12:24 AM IST
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रोते-बिलखते परिवार वाले और पीड़ित बालक।
रोते-‌ब‌िलखते प‌र‌िवार वाले और पीड़‌ित बालक। - फोटो : अमर उजाला
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बदायूं। साले-बहनोई के जिंदा जल जाने की घटना ने सबका दिल दहला दिया। मासूम देव इस हादसे का इकलौता चश्मदीद गवाह था। वह इस कदर हिम्मती था कि खुद की जान बचाने के अलावा पिता और मामा को बचाने की भी उसने हर कोशिश की। फिजूल झंझट की सोच वाले राहगीरों ने उसे उसके हाल पर छोड़ दिया, बाद में बाइक सवार दो लोगों ने उसकी मदद की।
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जिला अस्पताल में स्टाफ और पुलिस के बीच करीब पौन घंटे तक अकेले बैठे देव की धड़कने तो तेज थीं पर वह रो नहीं रहा था। उसने जो बातें बताईं, उन्हें सुनकर लोगों के रोंगटे खड़े हो गए। देव ने बताया कि घर से निकलते ही वह मामा की सेंट्रो कार में पिछली सीट पर बैठा था। हवा की वजह से चारों शीशे बंद थे। पापा और मामा बातें करते जा रहे थे। तभी उसे झपकी आ गई। अचानक जोरदार धमाके से उसका सिर आगे की सीट पर जा लगा। उसने देखा कि गाड़ी के अंदर धुआं और बाहर आग लगी है। उसने आवाज दी पर पापा और मामा अपनी सीट पर बेहोश पड़े थे। उसे लगा कि अब वह नहीं बचेगा। फिर उसने कार के गेट खोलने की कोशिश की पर वे लॉक हो गए थे। तब उसने एक साइड का शीशा खोला और बाहर कूद गया। कूदते वक्त पीछे रखी पानी की केन भी उठा ली। उसने पीछे से पापा को जगाकर निकालने की कोशिश की पर वह नहीं उठे। फिर मामा के मुंह पर पानी फेंका तो उन्हें कुछ होश आया। देव ने बताया कि मामा ने बाहर निकलने की कोशिश की पर नहीं निकल पाए। इस बीच उसने कई बार हाईवे पर जाकर इधर-उधर निकल रहे वाहनों को हाथ देकर मदद मांगी पर कोई नहीं रुका। दस मिनट तक वह कभी कार की तरफ तो कभी हाईवे की ओर भागता रहा। तब एक बाइक पर सवार दो लोग उसे देखकर रुके। उसने बताया तो वह मदद करने आगे आए पर तब तक कार और उसमें बैठे उसके पापा और मामा पूरी तरह जल चुके थे। एसएसआई नरेशपाल ने बताया कि थाने की गाड़ी रोड पर मूवमेंट कर रही थी। हम घटनास्थल पर पहुंचे तो देखा कि दोनों लोगों की मौत हो चुकी थी। उनके शव बाहर निकाले। इनमें से एक शव के तो कुछ अवशेष ही बचे हैं।

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बिसौली सीओ के फालोअर का भतीजा है उमेश
बदायूं। बिसौली सीओ मुन्नालाल के फालोअर रूम सिंह भी घटना के बाद बिलखते हुए मौके पर पहुंचे। रूम सिंह ने बताया कि उमेश उनका सगा भतीजा और निर्वेश दामाद थे। बताया कि दोनों का ठेकेदारी का बड़ा काम था पर अब परिवार तबाह हो गया।
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तीसरी कक्षा का छात्र है देव
बदायूं। देव ने बताया कि वह तीन भाई-बहन हैं। वह सबसे बड़ा है और दातागंज के अपना बचपन स्कूल में तीसरी क्लास का छात्र है। छोटा भाई शिवा और सबसे छोटी बहन साक्षी है। बताया कि उमेश मामा की केवल एक साल की बेटी है। उसने बताया कि उसके दो चाचा अभिषेक और सूरज हैं।
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दोनों ओर ठिठके वाहन, पौन घंटा जाम लगा
वजीरगंज। हादसे के बाद कार में लगी भीषण आग बुझाने को बदायूं से फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची। हादसे के स्थान पर दोनों ओर दूर तक वाहनों की कतारें लग गईं। करीब पौन घंटा हाईवे पर जाम लगा रहा। बमुश्किल आग बुझाई गई और फिर वाहनों को निकाला जा सका।
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ओवरटेक के बाद हादसे का अंदेशा
बदायूं। घटनास्थल पर सबसे पहले पहुंचे एसएसआई नरेशपाल ने हादसे की वजह ओवरटेक के बाद एक्सीडेंट मानी। उन्होंने मुआयने के आधार पर बताया कि कार दाईं साइड में खड़ी मिली जबकि उसे बाईं साइड में होना चाहिए था। पुलिस ने माना कि कार ने बगल से निकले किसी बड़े वाहन को ओवरटेक किया और दाईं साइड में पहुंची होगी। इस बीच कार ड्राइव कर रहे उमेश को सामने से आता वाहन नहीं दिखा होगा। शायद दूसरा वाहन अचानक सामने आने से टक्कर और आगजनी हुई होगी। बाद में दूसरा वाहन चालक चुपचाप मौके से निकल गया।
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