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Bijnor News: गलत मुद्रा का वार, कम उम्र में सर्वाइकल की मार
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बिजनौर। मोबाइल, लैपटॉप के इस्तेमाल से जीवन सुलभ हुआ है। मगर, इन पर गलत मुद्रा में बैठकर काम करने से कम उम्र में ही सर्वाइकल की समस्या बढ़ रही है। मेडिकल कॉलेज के हड्डी विभाग में सर्वाइकल के रोजाना करीब 50 मरीज तक पहुंच रहे हैं। ऐसे में चिकित्सक मरीजों को सही मुद्रा में बैठकर काम करने की सलाह दे रहे हैं।
आमतौर पर पहले सर्वाइकल की समस्या 35 से अधिक आयु के लाेगों को होती थी। मगर, अब यह समस्या किशोर और युवाओं में भी दिखाई दे रही है। मेडिकल कॉलेज में सर्वाइकल के आने वाले 50 मरीजों में से 15 मरीज युवा हैं। युवा अपना अधिक समय मोबाइल, लैपटॉप, टीवी स्क्रीन पर व्यतीत कर रहे हैं। एक ही मुद्रा में ज्यादा देर स्क्रीन देखने से हड्डी के जोड़ में समस्या हो रही है। इसकी वजह से गर्दन में अकड़न, सिरदर्द, नसों में झुनझुनी और मांसपेशियों में कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई दे रहे हैं। सर्वाइकल की वजह से लोग कई-कई महीनों से परेशान हैं। शुरूआत में दर्द होने पर दर्द निवारक दवाई खाई। आराम नहीं होने पर इलाज कराने के लिए मेडिकल कॉलेज पहुंच रहे हैं।
केस नंबर एक
बिजनौर के गांव रेहरा निवासी 50 वर्षीय शकीला पिछले आठ साल से सर्वाइकल की समस्या से ग्रसित है। शुरूआत में आसपास के डॉक्टरों से इलाज कराया। आराम नहीं मिलने पर बिजनौर मेडिकल कॉलेज में अपना इलाज कराने पहुंची। जांच में सर्वाइकल की समस्या सामने आई। सही मुद्रा में बैठकर काम न करने से यह समस्या बढ़ी।
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केस नंबर दो
बिजनौर के गांव खेड़की निवासी 15 वर्षीय गरिमा भी सर्वाइकल की समस्या से पीड़ित है। गर्दन में दर्द होने पर परिजन मेडिकल कॉलेज लेकर आए। काउंसलिंग में पता चला कि फोन चलाती है। गर्दन झुकाकर फोन चलाने से सर्वाइकल की समस्या हो गई है।
केस नंबर तीन
स्योहारा निवासी 28 प्रियांशु कुमार सॉफ्टवेयर इंजीनियर है। लैपटॉप पर अधिक समय काम करने से गर्दन में दर्द की समस्या बढ़ गई है। पिछले एक महीने से सर्वाइकल से संबंधित दवाई खा रहा है। साथ ही चिकित्सक के बताए अनुसार व्यायाम भी कर रहा है।
सर्वाइकल से ऐसे करें बचाव
-सिर को सीधी स्थिति में रखें, कान कंधों और कूल्हों के ठीक ऊपर हों
-एक दिशा में न बैठें, अपनी मुद्रा बदलते रहें
-लगातार कुर्सी पर न बैठें, बीच में थोड़ी देर के लिए घूमें
-नियमित रूप से अपनी क्षमता के अनुसार व्यायाम करें
-सोते समय सिर के नीचेे तकिया नहीं लगाना चाहिए
मोबाइल, लैपटॉप, टीवी पर ज्यादा देर एक ही मुद्रा में बैठे रहने से युवाओं में सर्वाइकल की समस्या बढ़ रही है। सर्वाइकल बढ़ने पर उन्हें चक्कर आ रहे हैं। सही मुद्रा में बैठकर काम करने से सर्वाइकल से बच सकते हैं। ....डॉ. अतुल यादव, हड्डी रोग विशेषज्ञ, मेडिकल कॉलेज, बिजनौर
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आमतौर पर पहले सर्वाइकल की समस्या 35 से अधिक आयु के लाेगों को होती थी। मगर, अब यह समस्या किशोर और युवाओं में भी दिखाई दे रही है। मेडिकल कॉलेज में सर्वाइकल के आने वाले 50 मरीजों में से 15 मरीज युवा हैं। युवा अपना अधिक समय मोबाइल, लैपटॉप, टीवी स्क्रीन पर व्यतीत कर रहे हैं। एक ही मुद्रा में ज्यादा देर स्क्रीन देखने से हड्डी के जोड़ में समस्या हो रही है। इसकी वजह से गर्दन में अकड़न, सिरदर्द, नसों में झुनझुनी और मांसपेशियों में कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई दे रहे हैं। सर्वाइकल की वजह से लोग कई-कई महीनों से परेशान हैं। शुरूआत में दर्द होने पर दर्द निवारक दवाई खाई। आराम नहीं होने पर इलाज कराने के लिए मेडिकल कॉलेज पहुंच रहे हैं।
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केस नंबर एक
बिजनौर के गांव रेहरा निवासी 50 वर्षीय शकीला पिछले आठ साल से सर्वाइकल की समस्या से ग्रसित है। शुरूआत में आसपास के डॉक्टरों से इलाज कराया। आराम नहीं मिलने पर बिजनौर मेडिकल कॉलेज में अपना इलाज कराने पहुंची। जांच में सर्वाइकल की समस्या सामने आई। सही मुद्रा में बैठकर काम न करने से यह समस्या बढ़ी।
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केस नंबर दो
बिजनौर के गांव खेड़की निवासी 15 वर्षीय गरिमा भी सर्वाइकल की समस्या से पीड़ित है। गर्दन में दर्द होने पर परिजन मेडिकल कॉलेज लेकर आए। काउंसलिंग में पता चला कि फोन चलाती है। गर्दन झुकाकर फोन चलाने से सर्वाइकल की समस्या हो गई है।
केस नंबर तीन
स्योहारा निवासी 28 प्रियांशु कुमार सॉफ्टवेयर इंजीनियर है। लैपटॉप पर अधिक समय काम करने से गर्दन में दर्द की समस्या बढ़ गई है। पिछले एक महीने से सर्वाइकल से संबंधित दवाई खा रहा है। साथ ही चिकित्सक के बताए अनुसार व्यायाम भी कर रहा है।
सर्वाइकल से ऐसे करें बचाव
-सिर को सीधी स्थिति में रखें, कान कंधों और कूल्हों के ठीक ऊपर हों
-एक दिशा में न बैठें, अपनी मुद्रा बदलते रहें
-लगातार कुर्सी पर न बैठें, बीच में थोड़ी देर के लिए घूमें
-नियमित रूप से अपनी क्षमता के अनुसार व्यायाम करें
-सोते समय सिर के नीचेे तकिया नहीं लगाना चाहिए
मोबाइल, लैपटॉप, टीवी पर ज्यादा देर एक ही मुद्रा में बैठे रहने से युवाओं में सर्वाइकल की समस्या बढ़ रही है। सर्वाइकल बढ़ने पर उन्हें चक्कर आ रहे हैं। सही मुद्रा में बैठकर काम करने से सर्वाइकल से बच सकते हैं। ....डॉ. अतुल यादव, हड्डी रोग विशेषज्ञ, मेडिकल कॉलेज, बिजनौर