{"_id":"637135a748419958b41f405b","slug":"world-diabetes-day-if-the-diet-is-not-changed-then-how-will-diabetes-be-diagnosed-bijnor-news-mrt613485559","type":"story","status":"publish","title_hn":"नहीं बदला खानपान तो कैसे होगा मधुमेह का निदान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नहीं बदला खानपान तो कैसे होगा मधुमेह का निदान
विज्ञापन
डॉ. पंकज त्यागी।
- फोटो : BIJNOR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिजनौर। एक तरफ तो आज हम विश्व मधुमेह (डायबिटीज) दिवस मना रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ बिगड़ता खानपान व्यक्ति के लिए समस्या बनता जा रहा है। खानपान बिगड़ने से लोगों में डायबिटीज की समस्या ज्यादा बढ़ रही है। लोगों अपने खानपान में बिना कार्बोहाइर्डेट वाले पदार्थों को शामिल करना चाहिए। जिला अस्पताल में भी मधुमेह के रोजाना 20 मरीज तक पहुंच रहे हैं।
जिला अस्पताल में रोजाना करीब 60 मरीजों की मधुमेह की जांच होती है। जिनमें से करीब 10 प्रतिशत मरीज मधुमेह रोगी निकल रहे हैं। जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि लोगों में मधुमेह की समस्या बढ़ रही है। शरीर में इंसुलिन की कमी से मधुमेह हो रही है। मधुमेह दो प्रकार की होती है। टाइप-1 मधुमेह जन्म से इंसुलिन की कमी होती है। जबकि टाइप-2 मधुमेह इंसुलिन नहीं बन पाने की वजह से हो रही है। इंसुलिन अग्नाश्य में बनता है। अग्नाश्य में इंसुलिन बनाने वाली बीटा कोशिकाएं नष्ट हो जाती हैं। जिसकी वजह से इंसुलिन नहीं बनता है। 30 की उम्र के लोग भी मधुमेह के शिकार हो रहे हैं।
व्यायाम कर डायबिटीज पर किया कंट्रोल: धीरज चौधरी
बिजनौर के गांव फरीदपुर उद्दा निवासी धीरज चौधरी ने बताया कि उन्हें करीब चार साल पहले डायबिटीज हुई थी। उन्हें चिकित्सक से संपर्क किया। उन्होंने व्यायाम, खानपान में बदलाव करने की सलाह दी। जिसके बाद वह लगातार व्यायाम कर रहे हैं। उन्होंने आज तक डायबिटीज की दवाई नहीं ली। नियमित व्यायाम करने और बिना कार्बोहाइर्डेट वाले पदार्थों का सेवन करने से उन्हें डायबिटीज पर जीत हासिल की।
विज्ञापन
मधुमेह के लक्षण
मरीजों की भूख ज्यादा लगती है
प्यास ज्यादा लगती है
रात में पेशाब ज्यादा आना
मरीज को कमजोरी होना
वजन कम होना
पैरों में दर्द होना
चक्कर आना शुरू हो जाता है
हाथ-पैर सुन होने लगते हैं
ऐसे करें बचाव
परेशानी होने पर चिकित्सक को दिखाएं
खानपान में सुधार करें
चिकित्सक के परामर्श के बाद दवाई लें
रोजाना व्यायाम करें
समय-समय पर जांच कराएं
चावल, चीनी, आलू, गेहूं की रोटी का सेवन न करें
चने, बाजरे की रोटी और हरी सब्जियों को खानपान में शामिल करें
युवाओं में भी डायबिटीज की समस्या ज्यादा देखने को मिल रही है। इसका कारण अनुवांशिक है। जिनमें माता-पिता को 40 की उम्र में डायबिटीज हुई, उनके बच्चों को 20 की उम्र में ही डायबिटीज हो रही है। इसलिए दवाई, व्यायाम और खानपान का ध्यान रखें - डॉ. पंकज त्यागी, फिजिशियन
जिला अस्पताल में डायबिटीज के आने वाले मरीजों की संख्या काफी है। कार्बोहाइर्डेट की अधिकता और बिगड़ते खानपान से ज्यादा लोगों को डायबिटीज हो रही है। डायबिटीज से बचाव के लिए पहले अपने खानपान में सुधार करें - डॉ. आरएस वर्मा, फिजिशियन, जिला अस्पताल
विज्ञापन
जिला अस्पताल में रोजाना करीब 60 मरीजों की मधुमेह की जांच होती है। जिनमें से करीब 10 प्रतिशत मरीज मधुमेह रोगी निकल रहे हैं। जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि लोगों में मधुमेह की समस्या बढ़ रही है। शरीर में इंसुलिन की कमी से मधुमेह हो रही है। मधुमेह दो प्रकार की होती है। टाइप-1 मधुमेह जन्म से इंसुलिन की कमी होती है। जबकि टाइप-2 मधुमेह इंसुलिन नहीं बन पाने की वजह से हो रही है। इंसुलिन अग्नाश्य में बनता है। अग्नाश्य में इंसुलिन बनाने वाली बीटा कोशिकाएं नष्ट हो जाती हैं। जिसकी वजह से इंसुलिन नहीं बनता है। 30 की उम्र के लोग भी मधुमेह के शिकार हो रहे हैं।
विज्ञापन
व्यायाम कर डायबिटीज पर किया कंट्रोल: धीरज चौधरी
बिजनौर के गांव फरीदपुर उद्दा निवासी धीरज चौधरी ने बताया कि उन्हें करीब चार साल पहले डायबिटीज हुई थी। उन्हें चिकित्सक से संपर्क किया। उन्होंने व्यायाम, खानपान में बदलाव करने की सलाह दी। जिसके बाद वह लगातार व्यायाम कर रहे हैं। उन्होंने आज तक डायबिटीज की दवाई नहीं ली। नियमित व्यायाम करने और बिना कार्बोहाइर्डेट वाले पदार्थों का सेवन करने से उन्हें डायबिटीज पर जीत हासिल की।
विज्ञापन
मधुमेह के लक्षण
मरीजों की भूख ज्यादा लगती है
प्यास ज्यादा लगती है
रात में पेशाब ज्यादा आना
मरीज को कमजोरी होना
वजन कम होना
पैरों में दर्द होना
चक्कर आना शुरू हो जाता है
हाथ-पैर सुन होने लगते हैं
ऐसे करें बचाव
परेशानी होने पर चिकित्सक को दिखाएं
खानपान में सुधार करें
चिकित्सक के परामर्श के बाद दवाई लें
रोजाना व्यायाम करें
समय-समय पर जांच कराएं
चावल, चीनी, आलू, गेहूं की रोटी का सेवन न करें
चने, बाजरे की रोटी और हरी सब्जियों को खानपान में शामिल करें
युवाओं में भी डायबिटीज की समस्या ज्यादा देखने को मिल रही है। इसका कारण अनुवांशिक है। जिनमें माता-पिता को 40 की उम्र में डायबिटीज हुई, उनके बच्चों को 20 की उम्र में ही डायबिटीज हो रही है। इसलिए दवाई, व्यायाम और खानपान का ध्यान रखें - डॉ. पंकज त्यागी, फिजिशियन
जिला अस्पताल में डायबिटीज के आने वाले मरीजों की संख्या काफी है। कार्बोहाइर्डेट की अधिकता और बिगड़ते खानपान से ज्यादा लोगों को डायबिटीज हो रही है। डायबिटीज से बचाव के लिए पहले अपने खानपान में सुधार करें - डॉ. आरएस वर्मा, फिजिशियन, जिला अस्पताल