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Bijnor News: पिलर कैप को तोड़कर हटाने का काम शुरू
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जलालाबाद क्षेत्र में रविवार को गिर गया था फोरलेन हाइवे के पिलर का कैप
संवाद न्यूज एजेंसी
जलालाबाद/नजीबाबाद (बिजनौर)। जलालाबाद क्षेत्र में फोरलेन हाइवे निर्माण के दौरान रविवार को गिरे पिलर कैप का तकनीकी टीम ने निरीक्षण किया। घटनास्थल की जांच के बाद मंगलवार को पिलर कैप को तोड़कर हटाने का काम शुरू किया गया है।
हरिद्वारा-काशीपुर फोरलेन हाइवे निर्माण के प्रति अधिकारियों और कंपनी की उदासीनता के चलते रविवार को जलालाबाद क्षेत्र में टनों वजन का पिलर कैप भराभरा कर गिर गया था। हालांकि हाइवे अथॉरिटी के अधिकारियाें और निर्माण कंपनी ने मैकेनिकल फेलियर का तर्क देते हुए पिलर गिरने का दावा किया था। पिलर कैप भरने के लिए बनाया गया कमजोर फाउंडेशन और आस-पास भरा पानी इसका मुख्य कारण माना जा रहा है।
निर्माण कंपनी के प्रतिनिधियों ने मंगलवार को धराशाही हुए पिलर कैप को तोड़कर हटाने का अभियान शुरू किया। निर्माण कंपनी ने खामियों पर पर्दा डालने के क्रम में मीडियाकर्मियों को फोटोग्राफी आदि करने से रोकने का प्रयास किया।
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उधर, हाईवे अथाॅरिटी के प्रबंध निदेशक राजकुमार नागरवाल का कहना है कि पिलर कैप गिरने के कारणों की जांच की जा रही है। संबंधित कंपनी की उदासीनता के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
जलालाबाद/नजीबाबाद (बिजनौर)। जलालाबाद क्षेत्र में फोरलेन हाइवे निर्माण के दौरान रविवार को गिरे पिलर कैप का तकनीकी टीम ने निरीक्षण किया। घटनास्थल की जांच के बाद मंगलवार को पिलर कैप को तोड़कर हटाने का काम शुरू किया गया है।
हरिद्वारा-काशीपुर फोरलेन हाइवे निर्माण के प्रति अधिकारियों और कंपनी की उदासीनता के चलते रविवार को जलालाबाद क्षेत्र में टनों वजन का पिलर कैप भराभरा कर गिर गया था। हालांकि हाइवे अथॉरिटी के अधिकारियाें और निर्माण कंपनी ने मैकेनिकल फेलियर का तर्क देते हुए पिलर गिरने का दावा किया था। पिलर कैप भरने के लिए बनाया गया कमजोर फाउंडेशन और आस-पास भरा पानी इसका मुख्य कारण माना जा रहा है।
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निर्माण कंपनी के प्रतिनिधियों ने मंगलवार को धराशाही हुए पिलर कैप को तोड़कर हटाने का अभियान शुरू किया। निर्माण कंपनी ने खामियों पर पर्दा डालने के क्रम में मीडियाकर्मियों को फोटोग्राफी आदि करने से रोकने का प्रयास किया।
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उधर, हाईवे अथाॅरिटी के प्रबंध निदेशक राजकुमार नागरवाल का कहना है कि पिलर कैप गिरने के कारणों की जांच की जा रही है। संबंधित कंपनी की उदासीनता के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।