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ग्रामीण आजीविका मिशन के अनुसूचित जाति के समूह की महिलाएं बनाएंगी सैनेटरी पैड, बाकी अन्य समूहों की महिलाएं करेंगी मार्केटिंग
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अनुसूचित जाति समूह की महिलाएं बनाएंगी सेनेटरी पैड
सतीश शर्मा
धामपुर। उत्तर प्रदेश ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत अनुसूचित जाति की महिलाओं को पहले से और अधिक आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार की ओर से महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। सरकार के आदेश पर प्रत्येक ब्लॉक क्षेत्र में दो-दो अनुसूचित जाति समूह की महिलाएं सेनेटरी पैड का निर्माण करेंगी। पैड का निर्माण करने के लिए सरकार की ओर से इन्हें कच्चा माल निशुल्क मिलेगा। इनकी मार्केटिंग का काम अन्य समूहों की महिलाएं करेंगी।
ब्लॉक प्रमुख क्षमा हेमलता चौहान का कहना है कि सरकार इसके बदले इन सभी महिलाओं को पारिश्रमिक देगी। धामपुर विकास क्षेत्र में करीब 900 समूहों के माध्यम से 15 हजार से ज्यादा महिलाएं विभिन्न स्वरोजगारों से जुड़ी हैं। कई ऐसे समूह हैं जो प्रदेश स्तर पर उत्कृष्ट कार्य कर रहे हैं। अब सरकार की ओर से ब्लॉक में दो-दो अनुसूचित जाति समूहों की ऐसी महिलाओं को चिह्नित किया जा रहा है, जिनका लेनदेन और काम करने का तरीका बेहतर रहा है। ऐसे अनुसूचित जाति समूहों की महिलाओं को सेनेटरी पैड का निर्माण करने का दायित्व दिया जाएगा।
पैड का निर्माण करने के लिए सरकार की ओर से कच्चा माल उपलब्ध कराया जाएगा। अनुसूचित जाति के समूहों को केवल पैड को तैयार करना है। इन पैड की गुणवत्ता बाजार में मिलने वाले पैड की तुलना में बेहतर होगी और ये सस्ते भी होंगे। सरकार का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को निरोग और सशक्त बनाना है।
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ओडीएफ प्लस गांवों को आवंटित होगा अधिक पैसा
ब्लॉक प्रमुख बताती हैं कि सरकार की ओर से ओडीएफ प्लस गांवों को स्वच्छता मिशन के अंतर्गत और स्वच्छ बनाने के लिए विशेष प्लान तैयार किया गया है। इसके अंतर्गत सरकार की ओर ऐसे गांवों को 30 से 40 लाख रुपये अन्य ग्राम पंचायतों की अपेक्षा अधिक आवंटित होंगे। ब्लॉक क्षेत्र में चार गांव सरकड़ा, तीबड़ी, हाफिजाबाद बिहारीपुर व नींदडू ओडीएफ प्लस में शामिल हैं। सरकार की ओर से जब मिशन के तहत मूल्यांकन हुआ था, तब इन गांवों को ओडीएफ प्लस में शामिल किया गया था। अन्य पंचायतों से भी इन ग्राम सभाओं से प्रेरित होकर स्वच्छता के क्षेत्र में बेहतर करने को प्रेरित किया गया है।
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सतीश शर्मा
धामपुर। उत्तर प्रदेश ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत अनुसूचित जाति की महिलाओं को पहले से और अधिक आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार की ओर से महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। सरकार के आदेश पर प्रत्येक ब्लॉक क्षेत्र में दो-दो अनुसूचित जाति समूह की महिलाएं सेनेटरी पैड का निर्माण करेंगी। पैड का निर्माण करने के लिए सरकार की ओर से इन्हें कच्चा माल निशुल्क मिलेगा। इनकी मार्केटिंग का काम अन्य समूहों की महिलाएं करेंगी।
ब्लॉक प्रमुख क्षमा हेमलता चौहान का कहना है कि सरकार इसके बदले इन सभी महिलाओं को पारिश्रमिक देगी। धामपुर विकास क्षेत्र में करीब 900 समूहों के माध्यम से 15 हजार से ज्यादा महिलाएं विभिन्न स्वरोजगारों से जुड़ी हैं। कई ऐसे समूह हैं जो प्रदेश स्तर पर उत्कृष्ट कार्य कर रहे हैं। अब सरकार की ओर से ब्लॉक में दो-दो अनुसूचित जाति समूहों की ऐसी महिलाओं को चिह्नित किया जा रहा है, जिनका लेनदेन और काम करने का तरीका बेहतर रहा है। ऐसे अनुसूचित जाति समूहों की महिलाओं को सेनेटरी पैड का निर्माण करने का दायित्व दिया जाएगा।
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पैड का निर्माण करने के लिए सरकार की ओर से कच्चा माल उपलब्ध कराया जाएगा। अनुसूचित जाति के समूहों को केवल पैड को तैयार करना है। इन पैड की गुणवत्ता बाजार में मिलने वाले पैड की तुलना में बेहतर होगी और ये सस्ते भी होंगे। सरकार का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को निरोग और सशक्त बनाना है।
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ओडीएफ प्लस गांवों को आवंटित होगा अधिक पैसा
ब्लॉक प्रमुख बताती हैं कि सरकार की ओर से ओडीएफ प्लस गांवों को स्वच्छता मिशन के अंतर्गत और स्वच्छ बनाने के लिए विशेष प्लान तैयार किया गया है। इसके अंतर्गत सरकार की ओर ऐसे गांवों को 30 से 40 लाख रुपये अन्य ग्राम पंचायतों की अपेक्षा अधिक आवंटित होंगे। ब्लॉक क्षेत्र में चार गांव सरकड़ा, तीबड़ी, हाफिजाबाद बिहारीपुर व नींदडू ओडीएफ प्लस में शामिल हैं। सरकार की ओर से जब मिशन के तहत मूल्यांकन हुआ था, तब इन गांवों को ओडीएफ प्लस में शामिल किया गया था। अन्य पंचायतों से भी इन ग्राम सभाओं से प्रेरित होकर स्वच्छता के क्षेत्र में बेहतर करने को प्रेरित किया गया है।