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हकीमपुर में गिरते आशियाने देख बेसुध हुईं महिलाएं

Fri, 09 Feb 2018 11:38 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर Updated Fri, 09 Feb 2018 11:38 PM IST
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Women in a deserted place looking at Asia falling in Hikimpur
नींदडू के गांव नंगला में अदालत के आदेश पर मकान गिराती जेसीबी। - फोटो : अमर उजाला
नींदडू़ में हाईकोर्ट के आदेश पर करीब 36 वर्ष पहले पट्टे की भूमि पर बने दलितों के चार आवास ध्वस्त कराए जाने से परिवार के सदस्य सड़क पर आ गए। मकान गिरते देख कई महिलाएं तो बेहोश हो गईं। 
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शुक्रवार को अपराह्न करीब दो बजे एसडीएम आजाद भगत    सिंह, सीओ अर्चना सिंह तथा तहसीलदार भान सिंह दो जेसीबी मशीनें, फायर ब्रिगेड, भारी दलबल, खाली बस समेत पूरी तैयारी के साथ हकीमपुर नारायन उर्फ नंगला पहुंचे। तालाब व खाद के गड्ढों में करीब 36 वर्ष पहले पट्टे के रूप में आवंटित की गई 100-100 वर्ग मीटर भूमि में आवास बनाकर रह रहे दलित परिवारों से अपना सामान निकालने को कहा गया। 
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अदालत के आदेश पर पुरुषों ने सामान बाहर निकाला। इसके बाद प्रशासन ने आदेश का पालन करते हुए दो जेसीबी मशीनें लगवाकर अपने सामने मकानों को गिरवा दिया। मकान गिरते देख बेघर      हुई परिवार की जसवंती व बेबी समेत कई महिलाएं रोते रोते    बेहोश हो गईं। पट्टे रद्द होने से दुखी जयचंद, भगवाना, हरपाल सिंह और बलराम ने बताया कि   इन मकानों में उनके पुत्र व पौत्रों के 15 परिवारों में बच्चों समेत 64 सदस्य रह रहे थे, जो अब      सड़क पर आ गए हैं। उनके पास सिर छिपाने को जगह नहीं है। सामान बाहर बिखरा पड़ा है। वे कहीं के नहीं रहे। 
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पीड़ित परिवार की परमेश्वरी, बिरमो, गुड्डी, बीरो, भगवान देई, बबिता, विनोद, जसवंती, सुनीता, सविता, छोटी, सोमलता, रोहिताश, बिशन सिंह, उदयवीर सिंह, अर्जुन सिंह आदि ने बताया कि तहसील प्रशासन उन्हें गांव से आध किलोमीटर बाहर जंगल में बहुत छोटे घर बनाकर दे रहा है। उनमें दो खाट भी ठीक से नहीं बिछ सकतीं। वे उनमें रहने नहीं    जाएंगे। यदि प्रशासन ने उनके गिराए गए मकानों का मुआवजा और आबादी के पास रहने को    घर बनाकर नहीं दिए, तो वे सभी गांव छोड़कर चले जाएंगे। 

तहसीलदार भान सिंह ने बताया कि गांव के रावेंद्रदत्त की जनहित याचिका पर हाईकोर्ट ने 12   फरवरी 2018 की निर्धारित समय सीमा से पूर्व तालाब व खाद के गड्ढों से पट्टे निरस्त करते हुए भूमि को कब्जामुक्त कराने के आदेश दिए हैं। प्रशासन मानवीय आधार पर पीड़ित परिवारों के लिए ग्राम समाज की जमीन गाटा संख्या 41 में उनके रहने की अस्थायी व्यवस्था कर रहा है। बाद में उनके लिए प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत स्थायी मकान उपलब्ध कराए जाएंगे। इस अवसर पर नायब तहसीलदार रमेश चौहान, कोतवाल राजेश चौहान, राजस्व निरीक्षक इंद्रजीत शर्मा, लेखपाल सुनील शर्मा, आनंद कुमार, सुरेंद्र सिंह तथा प्रधान ध्वज प्रताप सिंह आदि मौजूद रहे।
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