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आध्यात्म के बिना जीवन अधूरा ः इंद्रजीत सिंह
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
Updated Fri, 27 Oct 2017 12:24 AM IST
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आध्यत्मिक मेले का फीता काटकर शुभारंभ करते अतिथिगण।
- फोटो : अमर उजाला
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बिजनौर में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की ओर से आयोजित हेल्थ वेल्थ हैप्पीनेस आध्यात्मिक मेले का शुभारंभ किया गया। तनाव से मुक्ति और योग के जरिए निरोग रहने का संदेश देने के लिए यह मेला 30 अक्तूबर तक आयोजित होगा। मेले में सभी का प्रवेश निशुल्क होगा।
संयुक्त मजिस्ट्रेट इंद्रजीत सिंह, जेल अधीक्षक आकाश शर्मा, माउंट आबू इंजीनियरिंग प्रभाग नेशनल कोर्डिनेटर मोहन सिंघल, भारत भूषण, दिल्ली से आईं शक्ति बहन, सरला दीदी, सुरेश दीपी, जगपाल भाई ने फीता काटकर किया। कन्याओं ने स्वागत गीत और सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। संयुक्त मजिस्ट्रेट इंद्रजीत सिंह ने कहा कि आध्यात्म के बिना जीवन अधूरा है। ब्रह्माकुमारी भारत ही नहीं बल्कि पूरे विश्व का मार्गदर्शन कर रही है।
संस्था से जुड़े मोहन सिंघल ने बताया कि भागदौड़ वाले समय में जीवन नीरस और अशांत हो गया है। संस्था की और से निशुल्क ध्यान और योग सिखाकर जीवन को फिर से खुशहाल करने की कोशिश की जा रही है। मेले में अज्ञान रूपी नींद सो रहे कुंभकर्ण के 27 फीट ऊंचे पुतले सहित अनेक झांकियां प्रदर्शित की जाएंगी। घाट पर एक साथ पानी पी रहे शेर व गाय की झांकी ने सभी को प्रभावित किया। सुरेश बहन ने कहा कि सोच बदलने से ही समाज बदलेगा। जीवन में खुशी और शांति लाने के उद्देश्य से ही इस आध्यात्मिक मेले का आयोजन किया गया है।
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संयुक्त मजिस्ट्रेट इंद्रजीत सिंह, जेल अधीक्षक आकाश शर्मा, माउंट आबू इंजीनियरिंग प्रभाग नेशनल कोर्डिनेटर मोहन सिंघल, भारत भूषण, दिल्ली से आईं शक्ति बहन, सरला दीदी, सुरेश दीपी, जगपाल भाई ने फीता काटकर किया। कन्याओं ने स्वागत गीत और सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। संयुक्त मजिस्ट्रेट इंद्रजीत सिंह ने कहा कि आध्यात्म के बिना जीवन अधूरा है। ब्रह्माकुमारी भारत ही नहीं बल्कि पूरे विश्व का मार्गदर्शन कर रही है।
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संस्था से जुड़े मोहन सिंघल ने बताया कि भागदौड़ वाले समय में जीवन नीरस और अशांत हो गया है। संस्था की और से निशुल्क ध्यान और योग सिखाकर जीवन को फिर से खुशहाल करने की कोशिश की जा रही है। मेले में अज्ञान रूपी नींद सो रहे कुंभकर्ण के 27 फीट ऊंचे पुतले सहित अनेक झांकियां प्रदर्शित की जाएंगी। घाट पर एक साथ पानी पी रहे शेर व गाय की झांकी ने सभी को प्रभावित किया। सुरेश बहन ने कहा कि सोच बदलने से ही समाज बदलेगा। जीवन में खुशी और शांति लाने के उद्देश्य से ही इस आध्यात्मिक मेले का आयोजन किया गया है।
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