{"_id":"6090416e8ebc3e47eb7755ff","slug":"winner-accidentally-made-loser-bijnor-news-mrt536961369","type":"story","status":"publish","title_hn":"उपविजेता को गलती से बना दिया विजेता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उपविजेता को गलती से बना दिया विजेता
विज्ञापन
हारे हुए को गलती से बना दिया विजेता
नहटौर। ककराला क्षेत्र पंचायत सदस्य वार्ड से त्रुटिवश उपविजेता को विजेता घोषित करते हुए प्रमाण पत्र दे दिया। वह प्रमाण पत्र लेकर घर चला गया। जब उससे प्रमाण पत्र वापस मांगा गया तो वह घर का ताला लगाकर परिवार सहित गांव से फरार हो गया। बाद में निर्वाचन अधिकारी ने उसे दिए गए प्रमाण पत्र को निरस्त करते हुए विजेता को प्रमाण पत्र दिया।
ककराला व तकीपुरा ग्राम पंचायतों के वार्डों से मिलकर एक क्षेत्र पंचायत सदस्य का वार्ड बनता है। ककराला के वार्ड खुलने पर रिटर्निग आफिसर ने दयाराम सिंह को विजेता घोषित करते हुए प्रमाण पत्र दे दिया। जबकि तकीपुरा नहीं खुला था। तकीपुरा खुलने के बाद दोनों वार्डों को मिलाकर नरेश कुमार को 718 व दयाराम सिंह को 531 मत मिले। इसके आधार पर नरेश कुमार 187 मतों से विजयी हुए। लेकिन दयाराम सिंह को पहले ही विजेता घोषित करते हुए प्रमाण पत्र दे दिया गया था।
त्रुटिवश प्रमाण पत्र जारी करने का हवाला देते हुए उससे प्रमाण पत्र वापस मांगा गया तो वह घर का ताला लगाकर परिवार सहित गांव से फरार हो गया। बाद में ब्लाक आंकू निर्वाचन अधिकारी भूपेश कुमार गर्ग ने जिला निर्वाचन अधिकारी को दयाराम सिंह को जारी प्रमाण पत्र को निरस्त करने के लिए प्रार्थना पत्र देकर नरेश कुमार विजयी घोषित करते हुए दूसरा प्रमाण पत्र जारी किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
नहटौर। ककराला क्षेत्र पंचायत सदस्य वार्ड से त्रुटिवश उपविजेता को विजेता घोषित करते हुए प्रमाण पत्र दे दिया। वह प्रमाण पत्र लेकर घर चला गया। जब उससे प्रमाण पत्र वापस मांगा गया तो वह घर का ताला लगाकर परिवार सहित गांव से फरार हो गया। बाद में निर्वाचन अधिकारी ने उसे दिए गए प्रमाण पत्र को निरस्त करते हुए विजेता को प्रमाण पत्र दिया।
ककराला व तकीपुरा ग्राम पंचायतों के वार्डों से मिलकर एक क्षेत्र पंचायत सदस्य का वार्ड बनता है। ककराला के वार्ड खुलने पर रिटर्निग आफिसर ने दयाराम सिंह को विजेता घोषित करते हुए प्रमाण पत्र दे दिया। जबकि तकीपुरा नहीं खुला था। तकीपुरा खुलने के बाद दोनों वार्डों को मिलाकर नरेश कुमार को 718 व दयाराम सिंह को 531 मत मिले। इसके आधार पर नरेश कुमार 187 मतों से विजयी हुए। लेकिन दयाराम सिंह को पहले ही विजेता घोषित करते हुए प्रमाण पत्र दे दिया गया था।
विज्ञापन
त्रुटिवश प्रमाण पत्र जारी करने का हवाला देते हुए उससे प्रमाण पत्र वापस मांगा गया तो वह घर का ताला लगाकर परिवार सहित गांव से फरार हो गया। बाद में ब्लाक आंकू निर्वाचन अधिकारी भूपेश कुमार गर्ग ने जिला निर्वाचन अधिकारी को दयाराम सिंह को जारी प्रमाण पत्र को निरस्त करने के लिए प्रार्थना पत्र देकर नरेश कुमार विजयी घोषित करते हुए दूसरा प्रमाण पत्र जारी किया गया।
विज्ञापन