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न डरेंगे, न झुकेंगे, कहलाएंगे अपराजिता
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न डरेंगी, न झुकेंगी, कहलाएंगी अपराजिता...
बिजनौर। न डरेंगी, न झुकेंगी, कहलाएंगी अपराजिता...। तमाम दिक्कतों को पार करते हुए सपनों की उड़ान भरेंगे, छात्राएं ये बोल उठीं, जब उन्हें विषम हालातों से निपटने गुर बताए गए। जीवन में खुद को साबित करने का तौर तरीका भी सिखाया गया। विभिन्न क्षेत्रों में मुकाम पर पहुंची महिलाओं ने छात्राओं को अपने अनुभव साझा करते हुए जागरूक किया। वहीं छात्राओं के सवालों का जवाब भी दिया।
शनिवार को आरबीडी कॉलेज में अपराजिता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसका शुभारंभ दीप प्रज्जलित कर किया गया। इससे पहले अतिथियों का बुके देकर स्वागत किया गया। जूडो कराटे में ब्लैक बेल्ट नीलम मिश्रा ने अपनी टीम के साथ छात्राओं को ऐसे गुर सिखाए, जिनसे वे विषम हालातों में खुद को सुरक्षित रख सकती हैैं। छात्राओं को बैग, पेन और दुपट्टे का इस्तेमाल कर खुद को बचाने के तरीके सिखाए। जूडो कराटे एक्सपर्ट टीम ने बाकायदा खुद को सुरक्षित रखने का रिहर्सल करके दिखाया। छात्राओं से सवाल भी किए। वहीं छात्राओं ने अलग-अलग हालातों में फंस जाने पर बचने का तरीका पूछा तो वह भी बताया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता आरबीडी कॉलेज की सचिव व पूर्व विधायक रुचिवीरा और संचालन डॉ. नीरु ने किया। कार्यक्रम में डॉ. सताक्षी चौधरी, डॉ. आबिदा, डॉ. आस्था प्रताप का सहयोग रहा।
सपनों को पूरा करने की हो जिद
अपराजिता का अर्थ होता है पराजित नहीं होना। फिर वह जंग खुद के साथ हो या हालातों के साथ या फिर सपनों को पूरा करने की जिद। इसके लिए जागरुक रहना जरूरी है। अपने अधिकारों को जानकारी रखते हुए आगे बढ़ें। मूल कार्य करते हुए अन्य कार्य भी करते रहें।
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- पारुल त्यागी, प्राचार्या, आरबीडी कॉलेज
समय का सदुपयोग करें
संस्कृति, वेशभूषा, मर्यादा को दूसरी पीढ़ी तक ले जाने का दायित्व भी लड़कियों पर ही है। सभी क्षेत्रों में महिला आगे बढ़ी हैं। हालांकि ऊंचाइयों को छू ले जाने के बाद भी शालीन होना चाहिए। समय का सदुपयोग करें। लक्ष्य निर्धारित कर मेहनत करें। हालांकि संगत अच्छी रहनी चाहिए।
-रुचिवीरा, पूर्व विधायक एवं सचिव आरबीडी कॉलेज
और मजबूत बनने की है जरूरत
कोमलता को पहचान न बनने दें और मजबूत बनें। कहीं दिक्कत में फंसने पर अपने हाथों को ही हथियार बना लें। आपका पेन, रजिस्ट्रर और स्कूल बैग भी सहायक हो सकता है। बशर्ते कराटे के टिप्स याद रखें और हिम्मत के साथ मुकाबला करें।
...नीलम मिश्रा, जूडो कराटे ब्लैक बेल्ट
प्रतिकूल परिस्थितियों में हिम्मत दिखाएं
कोई आपका पीछा कर रहा है या फिर पकड़ने की कोशिश कर रहा है। फोन कॉल या मैसेज कर रहा है तो 112 डायल करें। यह भी नहीं कर सकती हैं तो 1090 डायल कर दें। आपकी जानकारी गुप्त रखी जाती है। किसी को मालूम नहीं पड़ेगा कि आपने कॉल की है। हावी न होने दें और हिम्मत दिखाएं।
- पुष्पा देवी, प्रभारी निरीक्षक महिला थाना
खुद को साबित करने के लिए बढ़ते रहें
पढ़ाई के साथ यह भी तय करना होगा कि आपको जाना किस दिशा में है। जो भी आप बनना चाहते हैं, उसकी तरफ ही प्रयास करें। वरना भटकते रह जाएंगे। इसके साथ ही मुखर भी बनें। खुद को पता होना चाहिए की हम क्या हैं। खुद को साबित करें।
- प्रीति शुक्ला, प्रोजेक्ट असिस्टेंट, नमामि गंगे
खुद की करनी होगी सुरक्षा
लड़कियों को यह नहीं सोचना चाहिए कि कोई उनकी सहायता करेगा। हालांकि परिवार का साथ रहता है लेकिन खुद भी अपनी सुरक्षा करनी होगी। मौजूदा दौर में किसी पर जल्द ही विश्वास करने से बचें। सोच समझकर ही अपना निर्णय लें। लड़कियों की पहली प्राथमिकता आत्मनिर्भर बनने की होनी चाहिए।
- मोनिका यादव, आबकारी निरीक्षक
सफल बनने के लिए करें कड़ी मेहनत
अभी आप पढ़ाई कर रहे हैं तो सिर्फ पढ़ाई करें मन लगाकर। पढ़ाई में की गई अबकी मेहनत आगे बहुत काम आएगी। रोजगारपरक कोर्स करें। सफलता का कोई शॉर्ट कट नहीं होता है। सफल बनने के लिए कड़ी मेहनत करनी होगी। मेहनत से बचने का तरीका खोजा तो सफलता हाथ से निकल जाएगी।
- सविता चौधरी, आबकारी निरीक्षक
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बिजनौर। न डरेंगी, न झुकेंगी, कहलाएंगी अपराजिता...। तमाम दिक्कतों को पार करते हुए सपनों की उड़ान भरेंगे, छात्राएं ये बोल उठीं, जब उन्हें विषम हालातों से निपटने गुर बताए गए। जीवन में खुद को साबित करने का तौर तरीका भी सिखाया गया। विभिन्न क्षेत्रों में मुकाम पर पहुंची महिलाओं ने छात्राओं को अपने अनुभव साझा करते हुए जागरूक किया। वहीं छात्राओं के सवालों का जवाब भी दिया।
शनिवार को आरबीडी कॉलेज में अपराजिता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसका शुभारंभ दीप प्रज्जलित कर किया गया। इससे पहले अतिथियों का बुके देकर स्वागत किया गया। जूडो कराटे में ब्लैक बेल्ट नीलम मिश्रा ने अपनी टीम के साथ छात्राओं को ऐसे गुर सिखाए, जिनसे वे विषम हालातों में खुद को सुरक्षित रख सकती हैैं। छात्राओं को बैग, पेन और दुपट्टे का इस्तेमाल कर खुद को बचाने के तरीके सिखाए। जूडो कराटे एक्सपर्ट टीम ने बाकायदा खुद को सुरक्षित रखने का रिहर्सल करके दिखाया। छात्राओं से सवाल भी किए। वहीं छात्राओं ने अलग-अलग हालातों में फंस जाने पर बचने का तरीका पूछा तो वह भी बताया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता आरबीडी कॉलेज की सचिव व पूर्व विधायक रुचिवीरा और संचालन डॉ. नीरु ने किया। कार्यक्रम में डॉ. सताक्षी चौधरी, डॉ. आबिदा, डॉ. आस्था प्रताप का सहयोग रहा।
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सपनों को पूरा करने की हो जिद
अपराजिता का अर्थ होता है पराजित नहीं होना। फिर वह जंग खुद के साथ हो या हालातों के साथ या फिर सपनों को पूरा करने की जिद। इसके लिए जागरुक रहना जरूरी है। अपने अधिकारों को जानकारी रखते हुए आगे बढ़ें। मूल कार्य करते हुए अन्य कार्य भी करते रहें।
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- पारुल त्यागी, प्राचार्या, आरबीडी कॉलेज
समय का सदुपयोग करें
संस्कृति, वेशभूषा, मर्यादा को दूसरी पीढ़ी तक ले जाने का दायित्व भी लड़कियों पर ही है। सभी क्षेत्रों में महिला आगे बढ़ी हैं। हालांकि ऊंचाइयों को छू ले जाने के बाद भी शालीन होना चाहिए। समय का सदुपयोग करें। लक्ष्य निर्धारित कर मेहनत करें। हालांकि संगत अच्छी रहनी चाहिए।
-रुचिवीरा, पूर्व विधायक एवं सचिव आरबीडी कॉलेज
और मजबूत बनने की है जरूरत
कोमलता को पहचान न बनने दें और मजबूत बनें। कहीं दिक्कत में फंसने पर अपने हाथों को ही हथियार बना लें। आपका पेन, रजिस्ट्रर और स्कूल बैग भी सहायक हो सकता है। बशर्ते कराटे के टिप्स याद रखें और हिम्मत के साथ मुकाबला करें।
...नीलम मिश्रा, जूडो कराटे ब्लैक बेल्ट
प्रतिकूल परिस्थितियों में हिम्मत दिखाएं
कोई आपका पीछा कर रहा है या फिर पकड़ने की कोशिश कर रहा है। फोन कॉल या मैसेज कर रहा है तो 112 डायल करें। यह भी नहीं कर सकती हैं तो 1090 डायल कर दें। आपकी जानकारी गुप्त रखी जाती है। किसी को मालूम नहीं पड़ेगा कि आपने कॉल की है। हावी न होने दें और हिम्मत दिखाएं।
- पुष्पा देवी, प्रभारी निरीक्षक महिला थाना
खुद को साबित करने के लिए बढ़ते रहें
पढ़ाई के साथ यह भी तय करना होगा कि आपको जाना किस दिशा में है। जो भी आप बनना चाहते हैं, उसकी तरफ ही प्रयास करें। वरना भटकते रह जाएंगे। इसके साथ ही मुखर भी बनें। खुद को पता होना चाहिए की हम क्या हैं। खुद को साबित करें।
- प्रीति शुक्ला, प्रोजेक्ट असिस्टेंट, नमामि गंगे
खुद की करनी होगी सुरक्षा
लड़कियों को यह नहीं सोचना चाहिए कि कोई उनकी सहायता करेगा। हालांकि परिवार का साथ रहता है लेकिन खुद भी अपनी सुरक्षा करनी होगी। मौजूदा दौर में किसी पर जल्द ही विश्वास करने से बचें। सोच समझकर ही अपना निर्णय लें। लड़कियों की पहली प्राथमिकता आत्मनिर्भर बनने की होनी चाहिए।
- मोनिका यादव, आबकारी निरीक्षक
सफल बनने के लिए करें कड़ी मेहनत
अभी आप पढ़ाई कर रहे हैं तो सिर्फ पढ़ाई करें मन लगाकर। पढ़ाई में की गई अबकी मेहनत आगे बहुत काम आएगी। रोजगारपरक कोर्स करें। सफलता का कोई शॉर्ट कट नहीं होता है। सफल बनने के लिए कड़ी मेहनत करनी होगी। मेहनत से बचने का तरीका खोजा तो सफलता हाथ से निकल जाएगी।
- सविता चौधरी, आबकारी निरीक्षक