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अश्रुधारा क्यों है भरी, इन आंखों में...,
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अश्रुधारा क्यों है भरी, इन आंखों में...
नजीबाबाद। सुमन साहित्यिक परी की ओर से आयोजित काव्य गोष्ठी में कवियों ने विभिन्न विधाओं पर आधारित रचनाएं प्रस्तुत कीं।
सुमन साहित्यिक परी समूह की संस्थापिका दीपिका माहेश्वरी की अध्यक्षता में मुरादाबाद के रचनाकार राजीव प्रखर ने ऑनलाइन काव्य गोष्ठी का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में दीपिका माहेश्वरी ने अश्रुधारा क्यों है भरी, इन आंखों में..., मप्र से श्याम सुंदर तिवारी ने आंच है अब भी अलावों में..., कोलकाता से कृष्ण कुमार दुबे ने प्यार जब से मिला है तुम्हारा प्रिये..., कानपुर से विद्याशंकर अवस्थी ने आज मैं प्यारे भारत की एक गौरव गाथा गाता हूं..., जयपुर से गोप कुमार मिश्र ने अश्रुधार की मुस्कानों में, बचपन लिखता गजब कहानी..., जबलपुर से बसंत कुमार शर्मा ने सूरज से की जल की चाहत, कैसी हमसे भूल हो गई..., मिथिलेश बडगैया ने मैं संध्या का वंदन हूं..., समेत जबलपुर के आचार्य संजीव वर्मा, मुरादाबाद के डा. मनोज रस्तोगी, देवकी नंदन, लखनऊ के उदय भान पांडेय, नरेंद्र भूषण, डा. कुलदीप नारायण सक्सेना ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं।
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नजीबाबाद। सुमन साहित्यिक परी की ओर से आयोजित काव्य गोष्ठी में कवियों ने विभिन्न विधाओं पर आधारित रचनाएं प्रस्तुत कीं।
सुमन साहित्यिक परी समूह की संस्थापिका दीपिका माहेश्वरी की अध्यक्षता में मुरादाबाद के रचनाकार राजीव प्रखर ने ऑनलाइन काव्य गोष्ठी का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में दीपिका माहेश्वरी ने अश्रुधारा क्यों है भरी, इन आंखों में..., मप्र से श्याम सुंदर तिवारी ने आंच है अब भी अलावों में..., कोलकाता से कृष्ण कुमार दुबे ने प्यार जब से मिला है तुम्हारा प्रिये..., कानपुर से विद्याशंकर अवस्थी ने आज मैं प्यारे भारत की एक गौरव गाथा गाता हूं..., जयपुर से गोप कुमार मिश्र ने अश्रुधार की मुस्कानों में, बचपन लिखता गजब कहानी..., जबलपुर से बसंत कुमार शर्मा ने सूरज से की जल की चाहत, कैसी हमसे भूल हो गई..., मिथिलेश बडगैया ने मैं संध्या का वंदन हूं..., समेत जबलपुर के आचार्य संजीव वर्मा, मुरादाबाद के डा. मनोज रस्तोगी, देवकी नंदन, लखनऊ के उदय भान पांडेय, नरेंद्र भूषण, डा. कुलदीप नारायण सक्सेना ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं।