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हड़ताल पर रहे कर्मी, 7 घंटे नहीं घूमें 80 बसों के पहिए
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सात घंटे थमे रहे 80 बसों के पहिये
बिजनौर। बिजनौर डिपो के चालक और परिचालकों ने एआरएम के खिलाफ धरना-प्रदर्शन किया। जिसकी वजह से बसों का संचालन नहीं किया गया। कर्मचारियों की हड़ताल की वजह से करीब 10 हजार यात्री परेशान रहे। सात घंटे तक करीब 80 बसों के पहिये नहीं घूमें। हालांकि शाम साढ़े तीन बजे एमआरएम के आश्वासन के बाद कर्मचारियों ने हड़ताल खत्म की और बसों को अपने रूटों पर ले गए।
रोडवेज कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर सुबह नौ बजे से वर्कशॉप पर धरना शुरू कर दिया था। कर्मचारियों का आरोप है कि उनके वेतन से ज्यादा रिकवरी ली जा रही है। जिसका प्रभाव सभी कर्मचारियों पर पड़ रहा है। इसके साथ ही कर्मचारियों ने बताया कि मुख्यालय की ओर से दिए गए निर्देश में चालाक और परिचालक रोजाना 300 किलोमीटर तक बस चला सकते हैं। लेकिन यहां 500 किलोमीटर तक बसें संचालित कराई जा रही हैं। जिससे चालक और परिचालकों को परेशानी होती है। हड़ताल की वजह से 80 बसें वर्कशॉप पर ही खड़ी रहीं। जिससे यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। इसके बाद साढ़े तीन बजे एआरएम और कर्मचारियों के बीच बातचीत हुई। इस दौरान एआरएम ने कर्मचारियों को आश्वासन दिया कि किसी के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाएगी। साथ ही ज्यादा रिकवरी लेने को मना कर दिया।
एआरएम ललित त्रिवेदी के आश्वासन के बाद चालक और परिचालक बसों को लेकर अपने-अपने रूटों पर चले गए। जिसके बाद कर्मचारियों में खुशी की लहर दौड़ पड़ी।
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बिजनौर। बिजनौर डिपो के चालक और परिचालकों ने एआरएम के खिलाफ धरना-प्रदर्शन किया। जिसकी वजह से बसों का संचालन नहीं किया गया। कर्मचारियों की हड़ताल की वजह से करीब 10 हजार यात्री परेशान रहे। सात घंटे तक करीब 80 बसों के पहिये नहीं घूमें। हालांकि शाम साढ़े तीन बजे एमआरएम के आश्वासन के बाद कर्मचारियों ने हड़ताल खत्म की और बसों को अपने रूटों पर ले गए।
रोडवेज कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर सुबह नौ बजे से वर्कशॉप पर धरना शुरू कर दिया था। कर्मचारियों का आरोप है कि उनके वेतन से ज्यादा रिकवरी ली जा रही है। जिसका प्रभाव सभी कर्मचारियों पर पड़ रहा है। इसके साथ ही कर्मचारियों ने बताया कि मुख्यालय की ओर से दिए गए निर्देश में चालाक और परिचालक रोजाना 300 किलोमीटर तक बस चला सकते हैं। लेकिन यहां 500 किलोमीटर तक बसें संचालित कराई जा रही हैं। जिससे चालक और परिचालकों को परेशानी होती है। हड़ताल की वजह से 80 बसें वर्कशॉप पर ही खड़ी रहीं। जिससे यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। इसके बाद साढ़े तीन बजे एआरएम और कर्मचारियों के बीच बातचीत हुई। इस दौरान एआरएम ने कर्मचारियों को आश्वासन दिया कि किसी के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाएगी। साथ ही ज्यादा रिकवरी लेने को मना कर दिया।
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एआरएम ललित त्रिवेदी के आश्वासन के बाद चालक और परिचालक बसों को लेकर अपने-अपने रूटों पर चले गए। जिसके बाद कर्मचारियों में खुशी की लहर दौड़ पड़ी।