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खो नदी में फिर बढ़ा जलस्तर, नंदगांव में दहशत
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बिजनौर : धामपुर के गांव नंदगांव के पास खो नदी में फिर से बढ़ते पानी, कटान को देखते ग्रामीण।
- फोटो : DHAMPUR
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खो नदी में फिर बढ़ा जलस्तर, नंदगांव में दहशत
धामपुर (बिजनौर)। नंदगांव के ग्रामीणों का कहना है कि पहाड़ों पर हो रही बारिश से खो नदी में फिर से कटान होने लगा है। नदी का जलस्तर बढ़ने से लोगों में दहशत पैदा होने लगी है। ग्रामीणों का कहना है कि सिंचाई विभाग की ओर से उनके गांव को बचाने के लिए कोई ठोस बाढ़ नियंत्रण कार्य नहीं किया गया। गांववाले नदी की बाढ़ से बचाव के लिए पक्का बंधा बनाने की मांग कर रहे हैं।
गांव के प्रधान महेंद्र सिंह, नितिन चौहान, राहुल कुमार, आशु कुमार, वेदप्रकाश सिंह आदि का कहना है कि शुक्रवार से फिर से नदी में पानी बढ़ने लगा है। नदी में पानी के बढ़ने से ग्रामीण चिंतित हो गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि पहाड़ों पर इसी प्रकार से भारी बारिश होती रही तो गांव में बाढ़ का पानी आ सकता है। आरोप लगाया कि विभाग की ओर से लाखों रुपये की लागत से बंधा बनाया गया था, जो नदी में आए उफान को नहीं झेल सका और ध्वस्त हो गया। ध्वस्त हुए बंधे की मरम्मत करने में सिंचाई विभाग लापरवाही कर रहा है। अब तक विभाग की ओर से जो भी बालू के बोरों को लगाकर बंधे को ठीक किया गया है। वह शुक्रवार को नदी में बढ़ रहे पानी के सामने फिर से बहने लगा है। ग्रामीणों ने डीएम उमेश मिश्रा से मौके का निरीक्षण कर गांव को बाढ़ से बचाने की मांग की है। शुक्रवार को विभाग के एसडीओ और ब्लॉक प्रमुुख के पति नीरज प्रताप सिंह ने गांव के पास टूटे बंधे का निरीक्षण किया।
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धामपुर (बिजनौर)। नंदगांव के ग्रामीणों का कहना है कि पहाड़ों पर हो रही बारिश से खो नदी में फिर से कटान होने लगा है। नदी का जलस्तर बढ़ने से लोगों में दहशत पैदा होने लगी है। ग्रामीणों का कहना है कि सिंचाई विभाग की ओर से उनके गांव को बचाने के लिए कोई ठोस बाढ़ नियंत्रण कार्य नहीं किया गया। गांववाले नदी की बाढ़ से बचाव के लिए पक्का बंधा बनाने की मांग कर रहे हैं।
गांव के प्रधान महेंद्र सिंह, नितिन चौहान, राहुल कुमार, आशु कुमार, वेदप्रकाश सिंह आदि का कहना है कि शुक्रवार से फिर से नदी में पानी बढ़ने लगा है। नदी में पानी के बढ़ने से ग्रामीण चिंतित हो गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि पहाड़ों पर इसी प्रकार से भारी बारिश होती रही तो गांव में बाढ़ का पानी आ सकता है। आरोप लगाया कि विभाग की ओर से लाखों रुपये की लागत से बंधा बनाया गया था, जो नदी में आए उफान को नहीं झेल सका और ध्वस्त हो गया। ध्वस्त हुए बंधे की मरम्मत करने में सिंचाई विभाग लापरवाही कर रहा है। अब तक विभाग की ओर से जो भी बालू के बोरों को लगाकर बंधे को ठीक किया गया है। वह शुक्रवार को नदी में बढ़ रहे पानी के सामने फिर से बहने लगा है। ग्रामीणों ने डीएम उमेश मिश्रा से मौके का निरीक्षण कर गांव को बाढ़ से बचाने की मांग की है। शुक्रवार को विभाग के एसडीओ और ब्लॉक प्रमुुख के पति नीरज प्रताप सिंह ने गांव के पास टूटे बंधे का निरीक्षण किया।
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