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हरिद्वार से छोड़ा गया नहरों में पानी
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हरिद्वार से छोड़ा गया नहरों में पानी
बिजनौर। जिले की नहरें होली से पहले पानी से लबालब हो गई हैं। नहरों में एक हजार क्यूसेक पानी चल रहा है। हरिद्वार से नहरों में पानी छोड़ने से किसानों के चेहरे खिल उठे।
जिले में पूर्वी गंगा नहर की करीब 150 नहरें हैं। खरीफ की इन नहरों में बरसात में ही पानी आता है। किसान नहरों में पानी छोड़ने की मांग कर रहे थे। जिले की इन नहरों में शुक्रवार को हरिद्वार से पानी छोड़ दिया गया। ये नहरें पानी से लबालब हो गई हैं। किसानों के मुताबिक इस बार करीब दस दिन विलंब से नहरों में पानी छोड़ा गया। किसान फसलों की सिंचाई करने के लिए पूरी तरह नहरों पर ही निर्भर हैं। पूर्वी गंगा नहर निर्माण खंड दो हरिद्वार के अधिशासी अभियंता प्रमोद कुमार के मुताबिक हरिद्वार गंगा से नहरों में पानी छोड़ा गया है। बिजनौर जिले की नहरों में एक हजार क्यूसेक पानी चल रहा है।
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बिजनौर। जिले की नहरें होली से पहले पानी से लबालब हो गई हैं। नहरों में एक हजार क्यूसेक पानी चल रहा है। हरिद्वार से नहरों में पानी छोड़ने से किसानों के चेहरे खिल उठे।
जिले में पूर्वी गंगा नहर की करीब 150 नहरें हैं। खरीफ की इन नहरों में बरसात में ही पानी आता है। किसान नहरों में पानी छोड़ने की मांग कर रहे थे। जिले की इन नहरों में शुक्रवार को हरिद्वार से पानी छोड़ दिया गया। ये नहरें पानी से लबालब हो गई हैं। किसानों के मुताबिक इस बार करीब दस दिन विलंब से नहरों में पानी छोड़ा गया। किसान फसलों की सिंचाई करने के लिए पूरी तरह नहरों पर ही निर्भर हैं। पूर्वी गंगा नहर निर्माण खंड दो हरिद्वार के अधिशासी अभियंता प्रमोद कुमार के मुताबिक हरिद्वार गंगा से नहरों में पानी छोड़ा गया है। बिजनौर जिले की नहरों में एक हजार क्यूसेक पानी चल रहा है।
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