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गंगा के बढ़ते जल स्तर से खेतों में भरा पानी
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गंगा के बढ़ते जल स्तर से खेतों में भरा पानी
चांदपुर/जलीलपुर (बिजनौर)। चांदपुर-हस्तिनापुर गंगा पुल की अप्रोच सड़क धंसने वाले स्थान पर दूसरे दिन भी पानी की धार को रोकने के प्रयास जारी रहे। सड़क को दुरुस्त करने का कार्य तेजी से चल रहा है। बांस, बल्ली आदि की बाड़ लगाकर उसके बीच में मिट्टी भरे बोरे डाले जा रहे हैं। पुल के अप स्ट्रीम में बांस, बल्ली आदि की बाड़ लगाने के बाद सोमवार को पुल के डाउन स्ट्रीम में भी प्रेशर मशीन की मदद से बल्लियां गाड़ने का काम शुरू कर दिया गया है। सड़क को दुरुस्त करने के प्रयास से सड़क की ओर कटान नहीं बढ़ा।
पहाड़ों पर हो रही लगातार बारिश से गंगा का जल स्तर बढ़ जाने से हुए कटान के चलते शनिवार को चांदपुर-हस्तिनापुर के बीच गंगा नदी पर बने पुल की अप्रोच रोड धराशाई हो गई थी। जिससे चांदपुर से होकर हस्तिनापुर मेरठ दिल्ली जाने वाला ट्रैफिक थम गया था।
गंगा पानी से गिरे बोर्ड पर पीएम का फोटो, मगर नहीं किसी का ध्यान
सड़क धंसने वाले स्थान पर मलबे के साथ ही एक बड़ा बोर्ड भी गिर गया है, जो आज भी वहीं पड़ा है। बोर्ड पर प्रधानमंत्री का फोटो है। बोर्ड पर लगी शीट पेच आदि से लगी है। जिसको हटाना मुश्किल काम नहीं हैं, परंतु किसी जिम्मेदार अफसर का इस पर ध्यान नहीं गया। सोमवार को तीसरे दिन भी बोर्ड ऐसे ही पड़ा है।
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जंगल में भरा पानी
इस बार जलीलपुर क्षेत्र मे बारिश कम है फिर भी पहाड़ों पर हो रही बारिश का पानी गंगा में आने से गंगा उफान पर हैं। गांव सलेमपुर खादर में गंगा का पानी छोइया नदी तक पहुंचकर आबादी के निकट बह रहा है। गांव सलेमपुर खादर, मीरापुर सीकरी, रायपुर खादर, जलालपुर खादर, नारनौर आदि की हजारों बीघा फसल जलमग्न है। रास्तों पर पानी आने से ग्रामीणों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। बुजुर्ग, महिलाएं व बच्चे परेशान हैं। स्कूल वाहन बच्चों के घर न पहुंचने के कारण अभिभावक ट्रैक्टर आदि से पानी के बीच से बच्चों को स्कूल वाहन तक छोड़ रहे हैं।
पशुओं के चारे समस्या बनी
खेतों और रास्तों पर गंगा का पानी भर जाने के कारण किसानों को पशुओं का चारा लाना परेशानी बना है। पानी भरे खेत से चारा काटकर लाना बहुत मुश्किल भरा काम है। यदि गंगा का जलस्तर कम नहीं होता है, तो पशुपालक किसानों को अपने पशुओं को हरा चारा देना मुश्किल हो जाएगा। गांव सलेमपुर के किसानों ने खेत में नाव डालकर तैयार कर रखी है।
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चांदपुर/जलीलपुर (बिजनौर)। चांदपुर-हस्तिनापुर गंगा पुल की अप्रोच सड़क धंसने वाले स्थान पर दूसरे दिन भी पानी की धार को रोकने के प्रयास जारी रहे। सड़क को दुरुस्त करने का कार्य तेजी से चल रहा है। बांस, बल्ली आदि की बाड़ लगाकर उसके बीच में मिट्टी भरे बोरे डाले जा रहे हैं। पुल के अप स्ट्रीम में बांस, बल्ली आदि की बाड़ लगाने के बाद सोमवार को पुल के डाउन स्ट्रीम में भी प्रेशर मशीन की मदद से बल्लियां गाड़ने का काम शुरू कर दिया गया है। सड़क को दुरुस्त करने के प्रयास से सड़क की ओर कटान नहीं बढ़ा।
पहाड़ों पर हो रही लगातार बारिश से गंगा का जल स्तर बढ़ जाने से हुए कटान के चलते शनिवार को चांदपुर-हस्तिनापुर के बीच गंगा नदी पर बने पुल की अप्रोच रोड धराशाई हो गई थी। जिससे चांदपुर से होकर हस्तिनापुर मेरठ दिल्ली जाने वाला ट्रैफिक थम गया था।
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गंगा पानी से गिरे बोर्ड पर पीएम का फोटो, मगर नहीं किसी का ध्यान
सड़क धंसने वाले स्थान पर मलबे के साथ ही एक बड़ा बोर्ड भी गिर गया है, जो आज भी वहीं पड़ा है। बोर्ड पर प्रधानमंत्री का फोटो है। बोर्ड पर लगी शीट पेच आदि से लगी है। जिसको हटाना मुश्किल काम नहीं हैं, परंतु किसी जिम्मेदार अफसर का इस पर ध्यान नहीं गया। सोमवार को तीसरे दिन भी बोर्ड ऐसे ही पड़ा है।
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जंगल में भरा पानी
इस बार जलीलपुर क्षेत्र मे बारिश कम है फिर भी पहाड़ों पर हो रही बारिश का पानी गंगा में आने से गंगा उफान पर हैं। गांव सलेमपुर खादर में गंगा का पानी छोइया नदी तक पहुंचकर आबादी के निकट बह रहा है। गांव सलेमपुर खादर, मीरापुर सीकरी, रायपुर खादर, जलालपुर खादर, नारनौर आदि की हजारों बीघा फसल जलमग्न है। रास्तों पर पानी आने से ग्रामीणों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। बुजुर्ग, महिलाएं व बच्चे परेशान हैं। स्कूल वाहन बच्चों के घर न पहुंचने के कारण अभिभावक ट्रैक्टर आदि से पानी के बीच से बच्चों को स्कूल वाहन तक छोड़ रहे हैं।
पशुओं के चारे समस्या बनी
खेतों और रास्तों पर गंगा का पानी भर जाने के कारण किसानों को पशुओं का चारा लाना परेशानी बना है। पानी भरे खेत से चारा काटकर लाना बहुत मुश्किल भरा काम है। यदि गंगा का जलस्तर कम नहीं होता है, तो पशुपालक किसानों को अपने पशुओं को हरा चारा देना मुश्किल हो जाएगा। गांव सलेमपुर के किसानों ने खेत में नाव डालकर तैयार कर रखी है।

चांदपुर जलीलपुर से हस्तिनापुर को जाने वाले मार्ग पर गंगा पर बने पुल की अप्रोच सड़क टूटने पर जारी ?- फोटो : BIJNOR