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रोजगार सेवकों से नहीं कराया मतदान, हंगामा
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बिजनौर में विकास भवन में धरने पर बैठे रोजगार सेवक संघ के कार्यकर्ता।
- फोटो : BIJNOR
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रोजगार सेवकों से नहीं कराया मतदान, हंगामा
बिजनौर। चुनाव ड्यूटी में लगे कर्मियों का पोस्टल बैलेट से मतदान कराया गया था, लेकिन रोजगार सेवकों का मतदान नहीं कराया गया, जिस पर गुस्साए रोजगार सेवकों ने धरना प्रदर्शन किया। इन्होंने चुनाव ड्यूटी का मानदेय दिलाए जाने की मांग भी उठाई।
शुक्रवार को रोजगार सेवक विकास भवन परिसर में धरने पर बैठ गए। उन्होंने बताया कि वे 2008 से सभी चुनावों में ड्यूटी कर रहे हैं। अभी तक उन्हें चुनाव ड्यूटी का कोई पारितोषिक नहीं दिया गया और न ही मतदान करने की कोई व्यवस्था की गई। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो चुनाव ड्यूटी नहीं करेंगे। जिस पर प्रशासनिक अफसरों में हड़कंप मच गया। सीडीओ केपी सिंह, परियोजना निदेशक ज्ञानेश्वर प्रसाद त्रिपाठी और संगठन के पदाधिकारियों के बीच बातचीत हुई। बता दें कि विधानसभा चुनाव में शिक्षामित्रों, रोजगार सेवकों, अनुदेशकों और आंगनबाड़ी कार्मिकों एवं अन्य समकक्ष मतदान कार्मिक के रूप मेें तैनात किए जाने के आदेश दिए थे।
यह भी आदेश था कि जहां तक संभव हो इन कार्मिकों को आरक्षित पूल में रखा जाएगा। शिक्षामित्रों को मतदान कार्मिक द्वितीय और अन्य कार्मिकों की मतदान अधिकारी तृतीय के रूप में ड्यूटी लगाई जाएगी। जिला प्रशासन ने शुक्रवार को करीब 300 रोजगार सेवकों की ड्यूटी लगा दी गई। इस दौरान जिलाध्यक्ष पिंटू कुमार, गोपाल सिंह, विपिन कुमार, राजीव कुमार, सुभाष सिंह, हरिओम सिंह, अनिल कुमार, साहिल कुमार, सचिन कुमार, अशोक कुमार आदि मौजूद रहे।
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बिजनौर। चुनाव ड्यूटी में लगे कर्मियों का पोस्टल बैलेट से मतदान कराया गया था, लेकिन रोजगार सेवकों का मतदान नहीं कराया गया, जिस पर गुस्साए रोजगार सेवकों ने धरना प्रदर्शन किया। इन्होंने चुनाव ड्यूटी का मानदेय दिलाए जाने की मांग भी उठाई।
शुक्रवार को रोजगार सेवक विकास भवन परिसर में धरने पर बैठ गए। उन्होंने बताया कि वे 2008 से सभी चुनावों में ड्यूटी कर रहे हैं। अभी तक उन्हें चुनाव ड्यूटी का कोई पारितोषिक नहीं दिया गया और न ही मतदान करने की कोई व्यवस्था की गई। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो चुनाव ड्यूटी नहीं करेंगे। जिस पर प्रशासनिक अफसरों में हड़कंप मच गया। सीडीओ केपी सिंह, परियोजना निदेशक ज्ञानेश्वर प्रसाद त्रिपाठी और संगठन के पदाधिकारियों के बीच बातचीत हुई। बता दें कि विधानसभा चुनाव में शिक्षामित्रों, रोजगार सेवकों, अनुदेशकों और आंगनबाड़ी कार्मिकों एवं अन्य समकक्ष मतदान कार्मिक के रूप मेें तैनात किए जाने के आदेश दिए थे।
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यह भी आदेश था कि जहां तक संभव हो इन कार्मिकों को आरक्षित पूल में रखा जाएगा। शिक्षामित्रों को मतदान कार्मिक द्वितीय और अन्य कार्मिकों की मतदान अधिकारी तृतीय के रूप में ड्यूटी लगाई जाएगी। जिला प्रशासन ने शुक्रवार को करीब 300 रोजगार सेवकों की ड्यूटी लगा दी गई। इस दौरान जिलाध्यक्ष पिंटू कुमार, गोपाल सिंह, विपिन कुमार, राजीव कुमार, सुभाष सिंह, हरिओम सिंह, अनिल कुमार, साहिल कुमार, सचिन कुमार, अशोक कुमार आदि मौजूद रहे।
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