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मतदाता का फैसला ईवीएम में बंद
Fri, 12 Apr 2019 12:19 AM IST
Deepak Sharma
अमर उजाला ब्यूरो/बिजनौर
अमर उजाला ब्यूरो/बिजनौर
Published by: Deepak Sharma
Updated Fri, 12 Apr 2019 12:19 AM IST
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बिजनौर में आर्य समाज मतदान केंद्र पर मतदान के लिए लगी लाइन।
- फोटो : अमर उजाला
बिजनौर में बिजनौर लोकसभा सीट पर बृहस्पतिवार को 65.30 प्रतिशत मतदान हुआ। पिछले चुनाव के मुकाबले 2.54 प्रतिशत मतदान कम हुआ है। 2014 के चुनाव में लोकसभा सीट पर 67.88 प्रतिशत मतदान हुआ था। कुछ मतदान केंद्रों पर मोक पोल के दौरान ईवीएम व वीवीपैट में कुछ गड़बड़ी मिली।
मतदान का समय सात बजे से था, लेकिन इससे पहले से ही केंद्रों में मतदाता आने लगे थे। सात बजे मतदान शुरू हुआ तो मतदाताओं ने उत्साह दिखाया। युवा वोटर अपने परिवारों के साथ वोट डालने के लिए आते रहे। लेकिन गर्मी बढ़ने के साथ ही मतदाताओं का उत्साह कम पड़ता चला गया। मतदान केंद्रों पर लंबी लाइन नहीं लगी। मतदान केंद्रों पर इक्का दुक्का परिवार आकर मतदान करते रहे। मतदान की गति तो लगातार बढ़ती रही, लेकिन इसकी रफ्तार बहुत कम रही। कार्यकर्ता वोटरों को घर से वोट डालने के लिए निकालकर लाए। दूर के केंद्रों के लिए ई रिक्शा आदि की व्यवस्था की। बसपा प्रत्याशी मलूक नागर, भाजपा प्रत्याशी भारतेंद्र सिंह व कांग्रेस प्रत्याशी नसीमुद्दीन सिद्दीकी अपने समर्थकों के साथ बूथों पर जाकर स्थिति देखते रहे। उन्होंने मतदान प्रतिशत बढ़ाने को कार्यकर्ताओं को खूब हिदायत दी। कार्यकर्ताओं की मेहनत के बाद भी मतदाता केंद्रों से दूरी ही बनाए रहे। दोपहर के बाद कुछ परिवार केंद्रों पर पहुंचे। पिछले चुनावों में मतदान केंद्रों पर चुनाव का समय खत्म होने पर मतदाताओं की लंबी लंबी लाइन देखी जाती थी, लेकिन इस बार ऐसा कोई नजारा देखने को नहीं मिला। शाम छह बजे तक मतदान का समय था, लेकिन अधिकतर मतदान केंद्र चार बजे ही खाली हो गए थे। इसके बाद इक्का दुक्का वोटर ही वोट डालने के लिए आया। मतदान का कम प्रतिशत कुछ प्रत्याशियों के के हिसाब से अच्छा तो कुछ के लिए खराब बताया जा रहा है।
वृद्धों ने भी उत्साह से किया मतदान
मतदान में बुजुर्गों ने भी बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। कई बुजुर्गों को उनके परिजन गोद में उठाकर लेकर आए। मतदान केंद्रों पर वृद्ध व दिव्यांग मतदाताओं के लिए व्हील चेयर भी रखी गई थी। इनकी मदद से वृद्ध मतदाताओं को मतदान केंद्र पर ले जाकर मतदान कराया गया। मतदान के दिन बाजार पूरी तरह बंद रहा। सुबह के समय बाजार में चाय की दुकान तक नहीं खुलीं। बाजार पूरी तरह सुनसान रहा। पार्टियों के कार्यकर्ता ही वाहनों से इधर उधर जाते नजर आए। शाम होते होते कुछ दुकानें खुलनी शुरू हुईं। गांवों में किसानों ने भी मतदान में बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। किसानों ने पहले अपने काम को ही प्राथमिकता दी और खेत में जाकर काम किया। महिलाओं ने सुबह ही वोट डाल दिया।
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बिजनौर लोकसभा में सबसे कम मतदान बिजनौर विधान सभा और सबसे ज्यादा मतदान मीरापुर विधान सभा में हुआ। शाम छह बजे तक कुल मतदान का प्रतिशत 65.30 रहा।
मतदान प्रतिशत पर एक नजर
समय मीरापुर हस्तिनापुर पुरकाजी बिजनौर चांदपुर औसत
9 बजे 12 11 09 14.62 12.33 11.79
11 बजे 25 22 25.5 27 25 24.9
01 बजे 38 41 42 39.47 38.66 39.82
03 बजे 49 53 51 49.90 49.66 50.51
05 बजे 62 62.5 62 58.81 56.6 60.38
06 बजे 69.32 65 65.94 62.74 63.50 65.30
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मतदान का समय सात बजे से था, लेकिन इससे पहले से ही केंद्रों में मतदाता आने लगे थे। सात बजे मतदान शुरू हुआ तो मतदाताओं ने उत्साह दिखाया। युवा वोटर अपने परिवारों के साथ वोट डालने के लिए आते रहे। लेकिन गर्मी बढ़ने के साथ ही मतदाताओं का उत्साह कम पड़ता चला गया। मतदान केंद्रों पर लंबी लाइन नहीं लगी। मतदान केंद्रों पर इक्का दुक्का परिवार आकर मतदान करते रहे। मतदान की गति तो लगातार बढ़ती रही, लेकिन इसकी रफ्तार बहुत कम रही। कार्यकर्ता वोटरों को घर से वोट डालने के लिए निकालकर लाए। दूर के केंद्रों के लिए ई रिक्शा आदि की व्यवस्था की। बसपा प्रत्याशी मलूक नागर, भाजपा प्रत्याशी भारतेंद्र सिंह व कांग्रेस प्रत्याशी नसीमुद्दीन सिद्दीकी अपने समर्थकों के साथ बूथों पर जाकर स्थिति देखते रहे। उन्होंने मतदान प्रतिशत बढ़ाने को कार्यकर्ताओं को खूब हिदायत दी। कार्यकर्ताओं की मेहनत के बाद भी मतदाता केंद्रों से दूरी ही बनाए रहे। दोपहर के बाद कुछ परिवार केंद्रों पर पहुंचे। पिछले चुनावों में मतदान केंद्रों पर चुनाव का समय खत्म होने पर मतदाताओं की लंबी लंबी लाइन देखी जाती थी, लेकिन इस बार ऐसा कोई नजारा देखने को नहीं मिला। शाम छह बजे तक मतदान का समय था, लेकिन अधिकतर मतदान केंद्र चार बजे ही खाली हो गए थे। इसके बाद इक्का दुक्का वोटर ही वोट डालने के लिए आया। मतदान का कम प्रतिशत कुछ प्रत्याशियों के के हिसाब से अच्छा तो कुछ के लिए खराब बताया जा रहा है।
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वृद्धों ने भी उत्साह से किया मतदान
मतदान में बुजुर्गों ने भी बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। कई बुजुर्गों को उनके परिजन गोद में उठाकर लेकर आए। मतदान केंद्रों पर वृद्ध व दिव्यांग मतदाताओं के लिए व्हील चेयर भी रखी गई थी। इनकी मदद से वृद्ध मतदाताओं को मतदान केंद्र पर ले जाकर मतदान कराया गया। मतदान के दिन बाजार पूरी तरह बंद रहा। सुबह के समय बाजार में चाय की दुकान तक नहीं खुलीं। बाजार पूरी तरह सुनसान रहा। पार्टियों के कार्यकर्ता ही वाहनों से इधर उधर जाते नजर आए। शाम होते होते कुछ दुकानें खुलनी शुरू हुईं। गांवों में किसानों ने भी मतदान में बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। किसानों ने पहले अपने काम को ही प्राथमिकता दी और खेत में जाकर काम किया। महिलाओं ने सुबह ही वोट डाल दिया।
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बिजनौर लोकसभा में सबसे कम मतदान बिजनौर विधान सभा और सबसे ज्यादा मतदान मीरापुर विधान सभा में हुआ। शाम छह बजे तक कुल मतदान का प्रतिशत 65.30 रहा।
मतदान प्रतिशत पर एक नजर
समय मीरापुर हस्तिनापुर पुरकाजी बिजनौर चांदपुर औसत
9 बजे 12 11 09 14.62 12.33 11.79
11 बजे 25 22 25.5 27 25 24.9
01 बजे 38 41 42 39.47 38.66 39.82
03 बजे 49 53 51 49.90 49.66 50.51
05 बजे 62 62.5 62 58.81 56.6 60.38
06 बजे 69.32 65 65.94 62.74 63.50 65.30