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दोगुने हुए सब्जी के दाम, रसोई का बिगड़ा बजट
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बिजनौर में एक दुकान पर बिकती सब्जी।
- फोटो : BIJNOR
दोगुने हुए सब्जी के दाम, रसोई का बिगड़ा बजट
बिजनौर। लॉकडाउन में घर खाली बैठने को मजबूर हुई जनता को अब महंगाई का चाबुक मार रहा है। सब्जी के दाम दोगुने हो गए हैं। टमाटर के दाम तो पांच गुना तक बढ़ गए हैं। सब्जी के दाम बढ़ने से जनता का रसोई का बजट पहले से ज्यादा बिगड़ गया है।
लॉकडाउन के समय सब्जियों के बाहर जाने पर रोक लग गई थी। खासतौर से उत्तराखंड को जिले से काफी सब्जी जाती है। वैसे तो जरूरी सामान की गाड़ी के आने जाने पर कोई रोक नहीं थी, लेकिन इसके बाद भी जिले के किसान अपनी फसल उत्तराखंड नहीं ले जा पाए थे। इस वजह से खासतौर से खीरे के किसानों को बहुत कम दाम मिले थे। लॉकडाउन में किसानों को सब्जी के रेट नहीं मिले और जनता को सस्ती सब्जी खाने को मिली। जिनके काम लॉकडाउन से प्रभावित थे उन्हें भी यह तो राहत थी ही सब्जी के दाम रसोई का बजट नहीं बिगाड़ रहे थे। लेकिन लॉकडाउन खुलने पर अब सब्जी के दाम भी चढ़ने लगे हैं। साथ ही इस समय बरसात चल रही है। बरसात में भी सब्जी के उत्पादन पर असर पड़ता है। दोनों वजह से सब्जी के दाम चढ़े हैं और पिछले सालों की तरह फिर से रसोई का बजट बढ़ने लगा है। टमाटर तो रोज महंगाई की सीढ़ी चढ़ता जा रहा है। लॉकडाउन में दस रुपये प्रति किलो बिकने वाला टमाटर अब 50 रुपये प्रति किलो तक जा पहुंचा है। बाकी सब्जियों का भी यही हाल है। किसान राजपाल सिंह का कहना है कि उन्होंने खीरा, लौकी, भिंडी लगाई थी। लॉकडाउन में सब्जी की लागत तक वसूल नहीं हुई। अब उन्हें भी महंगी सब्जी लेनी पड़ रही है।
सब्जी लॉक डाउन में रेट वर्तमान रेट
खीरा 12 25
आलू 22 30
शिमला मिर्च 20 45
भिंडी 18 30
लोकी 10 20
बैंगन 20 40
टमाटर 10 50
प्याज 15 20
अरबी 30 30
नोट : सब्जी का मूल्य फुटकर हैं और सब्जी मंडी से लिया गया है।
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बिजनौर। लॉकडाउन में घर खाली बैठने को मजबूर हुई जनता को अब महंगाई का चाबुक मार रहा है। सब्जी के दाम दोगुने हो गए हैं। टमाटर के दाम तो पांच गुना तक बढ़ गए हैं। सब्जी के दाम बढ़ने से जनता का रसोई का बजट पहले से ज्यादा बिगड़ गया है।
लॉकडाउन के समय सब्जियों के बाहर जाने पर रोक लग गई थी। खासतौर से उत्तराखंड को जिले से काफी सब्जी जाती है। वैसे तो जरूरी सामान की गाड़ी के आने जाने पर कोई रोक नहीं थी, लेकिन इसके बाद भी जिले के किसान अपनी फसल उत्तराखंड नहीं ले जा पाए थे। इस वजह से खासतौर से खीरे के किसानों को बहुत कम दाम मिले थे। लॉकडाउन में किसानों को सब्जी के रेट नहीं मिले और जनता को सस्ती सब्जी खाने को मिली। जिनके काम लॉकडाउन से प्रभावित थे उन्हें भी यह तो राहत थी ही सब्जी के दाम रसोई का बजट नहीं बिगाड़ रहे थे। लेकिन लॉकडाउन खुलने पर अब सब्जी के दाम भी चढ़ने लगे हैं। साथ ही इस समय बरसात चल रही है। बरसात में भी सब्जी के उत्पादन पर असर पड़ता है। दोनों वजह से सब्जी के दाम चढ़े हैं और पिछले सालों की तरह फिर से रसोई का बजट बढ़ने लगा है। टमाटर तो रोज महंगाई की सीढ़ी चढ़ता जा रहा है। लॉकडाउन में दस रुपये प्रति किलो बिकने वाला टमाटर अब 50 रुपये प्रति किलो तक जा पहुंचा है। बाकी सब्जियों का भी यही हाल है। किसान राजपाल सिंह का कहना है कि उन्होंने खीरा, लौकी, भिंडी लगाई थी। लॉकडाउन में सब्जी की लागत तक वसूल नहीं हुई। अब उन्हें भी महंगी सब्जी लेनी पड़ रही है।
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सब्जी लॉक डाउन में रेट वर्तमान रेट
खीरा 12 25
आलू 22 30
शिमला मिर्च 20 45
भिंडी 18 30
लोकी 10 20
बैंगन 20 40
टमाटर 10 50
प्याज 15 20
अरबी 30 30
नोट : सब्जी का मूल्य फुटकर हैं और सब्जी मंडी से लिया गया है।