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Bijnor News: कालागढ़ में खाली पड़े राजकीय आवासों को किया गया ध्वस्त
Sun, 09 Mar 2025 12:00 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Sun, 09 Mar 2025 12:00 AM IST
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कालागढ़ की केन्द्रीय कालोनी में राजकीय आवासों को ध्वस्त करती जेसीबी मशीन। स्रोत संवाद
- फोटो : अस्पताल में मौजूद परिजनों की भीड़।
कालागढ़। कालागढ़ की केंद्रीय कालोनी में खाली पड़े राजकीय आवासों पर शनिवार को तीन बुलडोजर गरजे। प्रशासन ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में कार्रवाई को अंजाम दिया। शनिवार को कालागढ़ की केंद्रीय कालोनी छावनी में तब्दील हो गई। प्रशासनिक अधिकारियों ने एक-एक कर खाली पड़े राजकीय आवासों को ध्वस्त कराया।
एसडीएम सोहन सिंह सैनी ने बताया कि यह कार्रवाई आठ जनवरी को राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण के आदेशों पर की जानी प्रस्तावित थी। मामला उत्तराखंड हाईकोर्ट में पहुंच गया था। जिस पर सुनवाई के बाद अदालत के आदेश मिलने पर कार्रवाई की जा रही है। रामगंगा बांध परियोजना की अनउपयुक्त भूमि को खाली कराकर वन विभाग को सौंपा जा रहा है। इसके तहत 97 खाली पड़े आवासों को तीन बुलडोजर मशीनों से ध्वस्त किया जा रहा है।
तैनात रहा पुलिस बल : आवासों के ध्वस्तीकरण के दौरान शांति व्यवस्था को बनाए रखने के लिए मौके पर एडीएम अनिल गर्बयाल के निर्देशों में कोटद्वार के एसडीएम सोहन सिंह सैनी, लैंसडॉन की एसडीएम शालिनी मौर्य, कोटद्वार की तहसीलदार साक्षी उपाध्याय, पौड़ी सदर के पुलिस क्षेत्राधिकारी त्रिवेंद्र सिंह राणा, कोटद्वार के तुषार वोरा, रामगंगा बांध परियोजना के सहायक अभियंता रोहित ढाका, विजय सिंह, कार्बेट टाइगर रिजर्व के उप प्रभागीय वनाधिकारी बिन्दर, वनक्षेत्राधिकारी मनीष कुमार व राजस्व विभाग के अधिकारी,डेड कंपनी पीएसी, एक कंपनी आईआरबी व अनेक थानों का पुलिस बल तैनात रहा।
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आम जनता को कार्रवाई से रखा दूर : केंद्रीय कॉलोनी में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई से आम जनता को दूर रखा गया। पुलिस ने लोगों को कार्रवाई स्थल तक जाने से रोक दिया।
ध्वस्तीकरण की कार्रवाई में 94 आवास जमीदोज
कालागढ़। शनिवार को सुबह से शाम तक प्रशासन ने रामगंगा बांध परियोजना के आवासीय परिसर की केंद्रीय कॉलोनी में 94 आवास ध्वस्त करने का दावा किया है। जबकि सूची में 97 आवासों का ध्वस्तीकरण प्रस्तावित था। एसडीम सोहन सिंह सैनी के अनुसार दो मकान की छत धार्मिक स्थल से जुड़ती थी एवं एक मकान में एनजीटी में शामिल किए गए 213 लोगों में से एक परिवार रहता है, उनका ध्वस्तीकरण नहीं किया गया। आवासों की भूमि को वन विभाग को सौंपने की प्रक्रिया की जा रही है।
आधा दर्जन मकानों को पहुंची आंशिक क्षति
कालागढ़ कल्याण एवं उत्थान समिति के पदाधिकारी परशुराम, राजेश्वर अग्रवाल, मेराज खान, योगेश कुमार सैनी आदि ने केंद्रीय कॉलोनी में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के दौरान आधा दर्जन ऐसे मकानों को जिनमें लोग रह रहे हैं, आंशिक क्षति पहुंचने पर आपत्ति जताई है। इसके विषय में वन विभाग को मौके पर अवगत कराया गया। वन विभाग ने ऐसे मकानों की मरम्मत कराने का भरोसा दिलाया है।
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एसडीएम सोहन सिंह सैनी ने बताया कि यह कार्रवाई आठ जनवरी को राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण के आदेशों पर की जानी प्रस्तावित थी। मामला उत्तराखंड हाईकोर्ट में पहुंच गया था। जिस पर सुनवाई के बाद अदालत के आदेश मिलने पर कार्रवाई की जा रही है। रामगंगा बांध परियोजना की अनउपयुक्त भूमि को खाली कराकर वन विभाग को सौंपा जा रहा है। इसके तहत 97 खाली पड़े आवासों को तीन बुलडोजर मशीनों से ध्वस्त किया जा रहा है।
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तैनात रहा पुलिस बल : आवासों के ध्वस्तीकरण के दौरान शांति व्यवस्था को बनाए रखने के लिए मौके पर एडीएम अनिल गर्बयाल के निर्देशों में कोटद्वार के एसडीएम सोहन सिंह सैनी, लैंसडॉन की एसडीएम शालिनी मौर्य, कोटद्वार की तहसीलदार साक्षी उपाध्याय, पौड़ी सदर के पुलिस क्षेत्राधिकारी त्रिवेंद्र सिंह राणा, कोटद्वार के तुषार वोरा, रामगंगा बांध परियोजना के सहायक अभियंता रोहित ढाका, विजय सिंह, कार्बेट टाइगर रिजर्व के उप प्रभागीय वनाधिकारी बिन्दर, वनक्षेत्राधिकारी मनीष कुमार व राजस्व विभाग के अधिकारी,डेड कंपनी पीएसी, एक कंपनी आईआरबी व अनेक थानों का पुलिस बल तैनात रहा।
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आम जनता को कार्रवाई से रखा दूर : केंद्रीय कॉलोनी में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई से आम जनता को दूर रखा गया। पुलिस ने लोगों को कार्रवाई स्थल तक जाने से रोक दिया।
ध्वस्तीकरण की कार्रवाई में 94 आवास जमीदोज
कालागढ़। शनिवार को सुबह से शाम तक प्रशासन ने रामगंगा बांध परियोजना के आवासीय परिसर की केंद्रीय कॉलोनी में 94 आवास ध्वस्त करने का दावा किया है। जबकि सूची में 97 आवासों का ध्वस्तीकरण प्रस्तावित था। एसडीम सोहन सिंह सैनी के अनुसार दो मकान की छत धार्मिक स्थल से जुड़ती थी एवं एक मकान में एनजीटी में शामिल किए गए 213 लोगों में से एक परिवार रहता है, उनका ध्वस्तीकरण नहीं किया गया। आवासों की भूमि को वन विभाग को सौंपने की प्रक्रिया की जा रही है।
आधा दर्जन मकानों को पहुंची आंशिक क्षति
कालागढ़ कल्याण एवं उत्थान समिति के पदाधिकारी परशुराम, राजेश्वर अग्रवाल, मेराज खान, योगेश कुमार सैनी आदि ने केंद्रीय कॉलोनी में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के दौरान आधा दर्जन ऐसे मकानों को जिनमें लोग रह रहे हैं, आंशिक क्षति पहुंचने पर आपत्ति जताई है। इसके विषय में वन विभाग को मौके पर अवगत कराया गया। वन विभाग ने ऐसे मकानों की मरम्मत कराने का भरोसा दिलाया है।

कालागढ़ की केन्द्रीय कालोनी में राजकीय आवासों को ध्वस्त करती जेसीबी मशीन। स्रोत संवाद- फोटो : अस्पताल में मौजूद परिजनों की भीड़।

कालागढ़ की केन्द्रीय कालोनी में राजकीय आवासों को ध्वस्त करती जेसीबी मशीन। स्रोत संवाद- फोटो : अस्पताल में मौजूद परिजनों की भीड़।