UPSC CSE Result 2022: पिता मजदूर, बेटे ने IAS अफसर बन रचा इतिहास, विश्वजीत-हिमांशु ने भी पाई बड़ी सफलता
UPSC CSE Result 2022 : मजदूर के बेटे ने IAS ऑफिसर बनकर इतिहास रच दिया है। उनके अलावा विश्वजीत और हिमांशु ने भी जिले का नाम रोशन किया है।
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बिजनौर जनपद में नूरपुर ब्लाक के गांव सैदपुर माफी निवासी वाल्मीकि समाज के गरीब मजदूर के बेटे मुक्तेंदर ने यूपीएससी परीक्षा में 819वीं रैंक प्राप्त कर समाज व क्षेत्र का नाम रोशन किया है।
गांव सैदपुर माफी निवासी मुक्तेंदर पुत्र सतीश वाल्मीकि ने प्रारंभिक शिक्षा गांव के निजी स्कूल से पूर्ण कर लक्ष्य कॉलेज स्योहारा से बीएससी परीक्षा पास कर सेल्फ स्टडी से आईएएस की परीक्षा की तैयारी घर पर ही गूगल व यूट्यूब के जरिए की।
वहीं, मंगलवार को यूपीएससी का परिणाम देख वह और उसके परिजनों का खुशी का ठिकाना नही रहा। मुक्तेंदर बताते हैं कि उनका विकल्प विषय इतिहास रहा है। वह दूसरे प्रयास में सफलता की मंजिल पर पहुंचे हैं। पहले प्रयास में साक्षात्कार तक पहुंच पाए थे।
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उनका कहना है कि आईएएस बनना उनका लक्ष्य था। वह समाज में गरीबी, सामाजिक असमानता को दूर करने के क्षेत्र में कार्य करना उनकी मंशा है। मुक्तेंदर के पिता सतीश वाल्मीकि कोल्हू पर मजदूरी करते हैं। मुक्तेंदर की सफलता पर पिता सतीश और माता कविता ने शुभाशीष दिया। वहीं, उनके घर पर बधाई देने के लिए गांव के लोगों का तांता लगा है।
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इन्होंने किया जिले का नाम रोशन
बिजनौर जनपद के तीन बेटों ने यूपीएससी की परीक्षा उत्तीर्ण की। इनमें मुक्तेंद्रर मजदूर का बेटा है। वहीं, राजकीय आईटीआई बिजनौर में कार्यरत व बिजनौर शहर निवासी सुमनलता अनुदेशक के पुत्र विश्वजीत सौरयान ने यूपीएससी की परीक्षा में 126 वीं रैंक प्राप्त की। उनके अलावा गांव गंधौर निवासी हिमांशु पुत्र हुकुम सिंह ने यूपीएससी की परीक्षा पास कर 841 वीं रैंक प्राप्त की। वर्तमान में हिमांशु नायब तहसीलदार पद पर हैं।